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पैरों में रहता है दर्द तो बदल दें अपना फुटवियर, डॉक्टर ने बताया कैसे होने चाहिए जूते-चप्पल

Best Footwear For Pain Relief: सही फुटवियर ना हो तो पैरों की दिक्कतें हो सकती हैं. ऐसे में गलत फुटवियर पहनने पर पैरों में दर्द हो सकता है जिससे बचने के लिए सही फुटवियर का चुनाव करना जरूरी होता है.

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पैरों के लिए कौन से जूते या चप्पल सही हैं, जानिए डॉक्टर क्या सलाह दे रहे हैं.

How To Choose Right Footwear: कई बार लोग अपने कंफर्ट से ऊपर स्टाइल और फैशन को रखने रखते हैं जिसका खामियाजा लोगों के पैरों को उठाना पड़ता है. ऐसे कितने ही लोग हैं जो सही साइज के जूते, चप्पल या सैंडल तो पहनते हैं लेकिन सही टाइप के फुटवियर नहीं चुनते हैं. इससे पैरों की दिक्कतें बढ़ जाती हैं और खासतौर से एड़ी में दर्द होता है सो अलग. ऐसे में ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. चंदन अरोड़ा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से वीडियो शेयर किया है और बताया है कि किन जूते चप्पलों को वो कम या ज्यादा नंबर दे रहे हैं और किन्हें पहनना चाहिए और किन्हें नहीं. आप भी जानिए डॉक्टर की क्या सलाह है.

कैसे चुनें सही जूते-चप्पल

फ्लिप फ्लॉप्स – डॉक्टर का कहना है कि वे फ्लिप फ्लॉप चप्पलों को 10 में से 1 नंबर देते हैं क्योंकि इससे पैरों को किसी तरह का सपोर्ट नहीं मिलता है. इससे कोई आर्क सपोर्ट (Arch Sport) नहीं मिलता है और ये सख्त होते हैं और एड़ियों में दर्द का कारण बनते हैं.

क्रॉक्स – बहुत से लोग क्रॉक्स को रोजाना पहनते हैं. डॉक्टर क्रॉक्स को 10 में से 4 नंबर देते हुए बताते हैं कि इनसे आर्क सपोर्ट नहीं मिलता है लेकिन इन्हें कभी-कभार पहना जा सकता है.

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स्केचर्स – कपड़े वाले जूतों को डॉक्टर 10 में से 9 नंबर देते हैं. इनसे अच्छा आर्क सपोर्ट मिलता है, ये सॉफ्ट होते हैं और कंफर्ट भी देते हैं.

फॉर्मल लेदर शूज – लेदर के फॉर्मल जूते जो सख्त होते हैं उन्हें डॉक्टर 10 में से 1 नंबर देते हैं. इन शूज का आर्क सपोर्ट अच्छा नहीं होता है और आगे से ये पतले होते हैं जो बेहद असहज महसूस होते हैं. इन्हें रोजाना नहीं पहनना चाहिए.

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बर्किनस्टोक्स – बर्किनस्टोक्स फुटवियर में अच्छा कुशन सपोर्ट होता है और एड़ी को अच्छा सपोर्ट मिल जाता है. इन्हें डॉक्टर 10 में से 8 नंबर देते हैं.

स्नीकर्स – स्नीकर्स सॉफ्ट भी होते हैं और पैरों के लिए अच्छे भी हैं. इन्हें डॉक्टर 8 नंबर देते हैं.

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हाई हील्स – लड़कियां अक्सर ही हाई हील्स पहनती हैं. इन हाई हील्स को डॉक्टर 10 में से 0 नंबर देते हैं. डॉक्टर की सलाह है कि इन हील्स को कभी-कभार ही पहनना चाहिए.

गलत जूते-चप्पल पहनने से क्या होता है

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  • गलत फुटवियर पहनने से पैरों की दिक्कतें हो सकती हैं. इससे पैरों में दाने, फोड़े या इनग्रोन नाखूनों की दिक्कत भी हो जाती है.
  • हमेशा ही अगर गलत जूते-चप्पल (Wrong Footwear) पहने जाएं तो इससे पैरों की शेप बदलने लगती है.
  • पैरों में दर्द रहने लगता है और सूजन हो सकती है.
  • पैरों में चोट आ सकती है, पैर मुड़ सकता है और स्ट्रेस फ्रैक्चर हो सकता है.
  • गलत फुटवियर से नर्व डैमेज का खतरा रहता है.

यह भी पढ़ें – Madhuri Dixit ने बताया खुद बनाकर लगाती हैं बालों पर यह तेल, शेयर किया अपना खास सीक्रेट

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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