दोस्ती बन सकती है दवा, आयुर्वेदिक एक्सपर्ट ने बताया अच्छे दोस्त हों तो ये 3 बीमारियां रहेंगी दूर

Friendship And Health: आयुर्वेदिक एक्सपर्ट ने बताया कि किस तरह दोस्ती आपकी सेहत के लिए एक नहीं बल्कि कई तरह से फायदेमंद हो सकती है. यहां जानिए अच्छे दोस्त हों तो आपकी सेहत पर क्या असर होता है.

Friendship

दोस्त अच्छे हों तो सेहत भी अच्छी रहने लगती है. Image Credits: Pexels

Relationship: दोस्ती का रिश्ता सबसे खास रिश्तों में गिना जाता है. कहते हैं हर रिश्ता बना-बनाया होता है लेकिन एक दोस्ती ही है जो व्यक्ति खुद करता है. दोस्तों से रिश्ते जबरदस्ती निभाने नहीं पड़ते बल्कि दोस्ती (Friendship) निभाने का मन करता है. अगर एक अच्छा दोस्त साथ हो तो जिंदगी का हर दुख उससे बांटकर कम लगने लगता है. दोस्ती से मन तो खुश रहता ही है, लेकिन क्या आप जानते हैं दोस्ती आपके शरीर के लिए भी बेहद फायदेमंद साबित होती है. इंस्टाग्राम पर आयुर्वेदिक डॉक्टर मनीषा मिश्रा गोस्वामी का अपना अकाउंट है जिसपर वे अक्सर ही सेहत और स्किन से जुड़े अलग-अलग तरह के टिप्स शेयर करती रहती हैं. अपने ऐसे ही एक पोस्ट में आयुर्वेदिक एक्सपर्ट ने बताया है कि अच्छे दोस्त किस तरह आपके लिए दवा की तरह काम कर सकते हैं. आइए जानते हैं वो कौनसी स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें हैं जो अच्छे दोस्तों के चलते दूर रहती हैं.

विज्ञापन
विज्ञापन

अच्छे दोस्तों के कारण कौनसी बीमारियां दूर रहती हैं

आयुर्वेदिक डॉक्टर मनीषा मिश्रा का कहना है कि आयुर्वेद कहता है कि मैत्री एक आयुषवर्धक रसायन है यानी दवा है जो आपकी उम्र को कई सालों तक बढ़ा सकती है. दोस्ती और हेल्दी सोशल इंटरैक्शन स्ट्रेस को कम करते हैं, दिल की सेहत (Heart Health) अच्छी रखते हैं, इम्यूनिटी को मजबूत बनाते हैं, दिल की सेहत को अच्छी रखते हैं और मूड बूस्ट करने में मददगार हैं.

सेहत को ये फायदे कोर्टिसोल कम होने से, ऑक्सीटोसिन बेहतर होने और इंफ्लेमेशन कम होने और बायोलॉजिकल एज मकैनिज्म बेहतर होने से मिलते हैं. इसीलिए अगर आपके अच्छे दोस्त हैं तो आपके दिल की बीमारियां दूर रहेंगे, दिमागी दिक्कतें दूर रहेंगी और साथ ही मेंटल हेल्थ प्रोब्लम्स दूर होने में मदद मिलेगी.

विज्ञापन

क्या कहता है विज्ञान

वैज्ञानिक रिसर्च और स्टडीज में भी दोस्तों के सेहत पर फायदे बताए जाते हैं. देखा गया है कि जिन लोगों के अच्छे दोस्त होते हैं वे अपनी जिंदगी को लेकर ज्यादा संतुष्ट होते हैं. इन लोगों में क्रोनिक बीमारियों का खतरा भी कम देखा जाता है. वहीं, अगर व्यक्ति का कोई दोस्त ना हो तो वह अकेलापन महसूस करता है, उसके रिलेशनशिप्स ज्यादा अच्छे नहीं रहते और अवसाद (Depression) जैसी दिक्कतें उसे घेरने लगती हैं. किसी सपोर्टिव दोस्त से बात की जाए तो व्यक्ति का ब्लड प्रेशर कम देखा जाता है, दिल की एक्टिविटी ठीक देखी जाती है और ब्रेन एक्टिविटी बेहतर रहती है.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ