Parenting Tips: छोटे बच्चे अक्सर ही माता-पिता या घर के बाकी लोगों को मारने, उनके बाल खींचने या उन्हें काटने की आदत डाल लेते हैं. अगर समय रहते बच्चे की इस आदत को ना छुड़ाया जाए तो बड़े होते-होते बच्चे स्कूल में भी इसी तरह का व्यवहार रखते हैं. ऐसे में कम उम्र में ही बच्चे की इन बुरी आदतों को छुड़ाना जरूरी होता है. अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से पीडियाट्रिशियन डॉ. अनुराधा ने एक वीडियो शेयर किया है जिसमें वे बता रही हैं कि बच्चे के मारने (Baby Hitting Habit), काटने और बाल खींचने की आदत को किस तरह छुड़ाया जा सकता है. डॉक्टर ने यह भी बताया है कि बच्चे हाथ क्यों उठाते हैं.
बच्चे क्यों उठाते हैं हाथ
डॉक्टर अनुराधा बताती हैं कि अगर आपका बच्चा 1 से 3 साल का है और आपको या किसी को काटता है, मारता है या बाल खींचता है और आप इस व्यवहार को कंट्रोल करना चाहते हैं तो कुछ बातों का ख्याल रखा जा सकता है. असल में जो बच्चे इस तरह का व्यवहार करते हैं वह अक्सर ही अपनी बात को ठीक तरह से एक्सप्रेस नहीं कर पाते हैं या उनकी कम्यूनिकेशन स्किल्स डेवलप्ड नहीं होती हैं. ऐसे में जब वह अपने आपको एक्सप्रेस करना चाहते हैं तो हाथ उठाते हैं, जैसे अगर बच्चे को कोई खिलौना चाहिए या फिर वह कोई एक्टिविटी नहीं करना चाहता है तो वह इस तरह फिजिकली खुद को एक्सप्रेस करता है. बच्चे बहुत जल्दी चिड़चिड़े भी हो जाते हैं और अपनी भावनाओं पर कंट्रोल ना होने के कारण काटने या मारने जैसी हरकतें करते हैं.
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बच्चे ओवर स्टिम्येलेशन के कारण भी हाथ उठाते हैं, जैसे कि अगर आप किसी भीड़भाड़ वाली जगह पर जाते हैं, ट्रैवल करते हैं या बच्चे का रूटीन बदलते हैं तो बच्चे का बुरा व्यवहार दिखने लगता है. बच्चों की जरूरतों का ख्याल ना रखना भी इस तरह हाथ उठाने की वजह हो सकता है. ऐसे में अगर बच्चा भूखा है, उसे नींद आ रही है आ वह बहुत थक गया है तो मारना शुरू कर देता है.
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डॉक्टर का कहना है कि इस बात को भी याद रखें कि छोटे बच्चे चीजें एक्सप्लोर कर रहे होते हैं. वह बाउंडरीज को टेस्ट करते हैं और आपके रिएक्शन से समझते हैं कि उन्हें क्या करना चाहिए और क्या नहीं. ऐसे में जब बच्चे हाथ उठाते हैं तो तुरंत बाद आपकी शक्ल देखने लगते हैं. छोटे बच्चों में एम्पैथी भी नहीं होती है इसीलिए वे समझ नहीं पाते हैं कि किसी को उनकी मार से दर्द या तकलीफ हो रही है.
बच्चों के मारने की आदत कैसे छुड़ाएं
शांत रहें - अगर बच्चा आप पर हाथ उठाता है, काटता है या बाल खींचता है तो आपको खुदको शांत रखना होगा. बच्चे के शांत होने का इंतजार करें. बच्चा अगर आप पर हाथ उठाए तो पलटकर उसे ना मारें या उसके बाल ना खींचें.
अपने एक्स्प्रेशंस का ध्यान रखें - जब बच्चा आपको मारता है तो आपको अपने फेशियल एक्सप्रेशंस को कंट्रोल करना है. मुस्कुराएं नहीं क्योंकि इससे बच्चे को लगेगा कि वह आपको और मार सकता है. अपने एक्सप्रेशंस को नॉर्मल रखें और बच्चे से कहें कि वह दोबारा आप पर हाथ ना उठाएं.
बच्चे के व्यवहार को रिडाइरेक्ट करें - बच्चे को समझाएं कि किस तरह उसे दूसरे व्यक्ति को छूना चाहिए. बच्चे को बताएं कि किसी को मारने के बजाय वह त्वचा को आराम से सहला सकता है, बताएं कि बाल खींचने के बजाय बालों पर हाथ फेरा जा सकता है इस तरह बच्चा सीखेगा कि उसे किसी को हाथ लगाने के लिए मारना जरूरी नहीं है.
ओवर स्टिम्यूलेशन को अवॉइड करें - बच्चों को ओवर स्टिम्यूलेट होने से रोकें और उनकी छोटी-छोटी दिक्कतों को दूर करने की कोशिश करें. अगर बच्चा भूखा है तो उसे खिलाएं और अगर थक गया है तो आराम करने दें. इस तरह बच्चे की चिड़चिड़ाहट कम होती है.
इमोशंस को पहचानना सिखाएं - बच्चे को उसके इमोशंस की पहचान करना सिखाएं. उसे सिखाएं कि कौन से इमोशन को क्या कहा जाता है. बच्चे को बताएं कि गुस्सा करने या चिड़चिड़े होने में बुराई नहीं है लेकिन किसी को मारने में बुराई है. बच्चे को प्यार से यह समझाया जाए तो बच्चा आपकी बात को समझता भी है और मानता भी है.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.