हिमाचल प्रदेश के खूबसूरत पहाड़ों और वादियों की सैर करने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए एक बेहद सुखद और बड़ी खबर सामने आई है. निचले हिमालय के सबसे सुरम्य रेल मार्गों में से एक ‘कांगड़ा वैली रेलवे’ पर आखिरकार टॉय ट्रेन फिर से शुरू हो गई है. ब्रिटिश काल की यह ऐतिहासिक नैरो-गेज लाइन, जो पंजाब के पठानकोट को हिमाचल के जोगिंदरनगर से जोड़ती है, लगभग 4 साल के लंबे इंतजार के बाद पटरी पर लौट आई है.
साल 2022 में आए भीषण मानसून के दौरान चक्की नदी पर बने रेलवे पुल के बह जाने से यह रूट पूरी तरह ठप हो गया था, जिससे अब जाकर यात्रियों को बड़ी राहत मिली है. 164 किलोमीटर लंबा यह ट्रैक हिमाचल प्रदेश का सबसे लंबा टॉय ट्रेन रूट है.
यह भी पढ़ें : अब दिल्ली से धर्मशाला का सफर होगा सिर्फ 6 घंटे में! NHAI का नया प्रोजेक्ट बदल देगा पहाड़ों का रास्ता
टॉय ट्रेन सिर्फ ₹40 में!
इस टॉय ट्रेन सेवा के शुरू होने का सबसे ज्यादा उत्साह कांगड़ा, नूरपुर, पालमपुर और ज्वालामुखी जैसे कस्बों में देखा जा रहा है. स्थानीय लोगों के लिए यह ट्रेन सिर्फ घूमने का जरिया नहीं, बल्कि रोजमर्रा के सफर का सबसे किफायती सहारा है.
जहां पठानकोट से जोगिंदरनगर तक का बस का किराया करीब 392 रुपये होता है, वहीं इस टॉय ट्रेन का टिकट महज 40 रुपये प्रति यात्री है. इतना सस्ता और आरामदायक सफर होने की वजह से यह रूट डेली कम्यूटर्स और बजट में घूमने वाले बैकपैकर्स के लिए लाइफलाइन साबित होगा.
यह भी पढ़ें : भारत की अनोखी जगह जहां एक ही दिन में दिखते हैं तीन मौसम, गर्मियों की छुट्टियों के लिए जन्नत है यह लोकेशन
अनुराग ठाकुर ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
2022 की मानसूनी तबाही और चक्की नदी के तेज बहाव से टूटे रेलवे पुल की पूरी तरह मरम्मत होने के बाद, हमीरपुर के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के साथ राज्यसभा सांसद राजीव भारद्वाज ने कांगड़ा रेलवे स्टेशन से इस सेवा को हरी झंडी दिखाकर औपचारिक शुरुआत की.
पहले दिन पठानकोट सिटी नैरो गेज स्टेशन से सुबह दो ट्रेनें रवाना की गईं, जबकि हिमाचल की तरफ से सुबह 8:30 बजे कांगड़ा स्टेशन से ट्रेन को रवाना कर कनेक्टिविटी बहाल की गई.
यह भी पढ़ें : दिल्लीवालों की मौज! गर्मियों में 25 डिग्री सेल्सियस से कम रहने वाले इन 5 ट्रेवल डेस्टिनेशन पर घूमने का बना सकते हैं प्लान
खूबसूरत है ये रूट
शिमला रूट की खड़ी चढ़ाइयों और ढेरों सुरंगों के विपरीत, कांगड़ा टॉय ट्रेन सीधे मैदानों, हरी-भरी घाटियों और पहाड़ों की तलहटी से होकर गुजरती है. यह ऐतिहासिक लाइन अपने सफर में 900 से अधिक छोटे-बड़े पुलों को पार करती है, लेकिन इसमें सुरंगें न के बराबर हैं. यही वजह है कि यात्रियों को खिड़की से ब्यास नदी पर बने पोंग बांध, दूर तक फैले चाय के बागान, छोटे पहाड़ी गांव और बैकग्राउंड में दिखने वाली बर्फ से ढकी धौलाधार पर्वत माला और मनोरम दृश्य देखने को मिलते हैं.
1929 में ब्रिटिश हुकूमत के दौरान शुरू हुई यह लाइन कांगड़ा के प्रसिद्ध मंदिर शहरों बैजनाथ और ज्वालामुखी को भी आपस में जोड़ती है.
संबंधित खबरें
नवरात्रि में चनिया-चोली खरीदने जा रही हैं मार्केट तो ये 5 हैक्स आएंगे काम
27 mins agoदिवाली से पहले कमरे को दें नया लुक, ट्राई करें ये मॉडर्न कैबिनेट डिजाइन
2 hrs agoतांबे और पीतल के कलश को चमकाने में ये 3 हैक्स आएंगे काम
4 hrs agoनाश्ते में बनाकर खाएं आंध्र प्रदेश का मशहूर पेसरट्टू, यहां जानिए रेसिपी
5 hrs agoपार्टनर को हर बात से होने लगी है चिड़चिड़ाहट? रिश्ते दे रहा है ये संकेत
18 hrs agoचनिया-चोली की नेकलाइन के हिसाब से चुनें परफेक्ट हेयरस्टाइल, लुक आएगा अच्छा
21 hrs agoनवरात्रि के पहले दिन बनाएं मां शैलपुत्री के भोग के लिए मखाने की खीर
21 hrs agoघर के पायदान और कार्पेट हो गए हैं गंदे तो इन चीजों से करें सफाई
22 hrs agoढेर सारी पुरानी चूड़ियां हो गई हैं इकट्ठी तो इस तरह बना लें कड़े
1 day agoनाश्ते में बनाएं सिक्किम की मशहूर डिश खुरी, स्वाद ऐसा कि बार-बार खाएंगे
1 day agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines