Mistakes While Taking High Protein: आजकल वजन घटाने से लेकर मसल्स बनाने तक, हर जगह हाई-प्रोटीन डाइट की चर्चा है. लोग सोचते हैं कि ज्यादा प्रोटीन लेने से शरीर फिट और मजबूत बनेगा. यह बात सच है कि प्रोटीन शरीर की मांसपेशियों, हड्डियों और इम्यून सिस्टम के लिए बहुत जरूरी है. लेकिन कई लोग प्रोटीन बढ़ाने लगते हैं, तो उन्हें पेट फूलना, कब्ज, थकान या बेचैनी जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं.

तब अक्सर कहा जाता है कि 'मुझ पर हाई-प्रोटीन डाइट सूट नहीं करती.' जबकि सच यह है कि समस्या प्रोटीन में नहीं, बल्कि उसे लेने के गलत तरीके में होती है. सही संतुलन और समझ के साथ लिया गया प्रोटीन आपकी लाइफस्टाइल को बेहतर बना सकता है. इस स्टोरी में हम आपको कुछ ऐसी गलतियों के बारे में बताएंगे, जिसे लोग नजरअंदाज कर देते हैं, और उन्हें बाद में दिक्कतों का समना करना पड़ता है.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें: वेरिकोज वेन्स से परेशान हैं तो रोजाना बैठे-बैठे करें ये 3 एक्सरसाइज, पैरों पर नहीं दिखेंगी नीली-हरी धारियां

---विज्ञापन---

पानी कम पीना

न्यूट्रिशन लीमा महाजन ने अपने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर 3 सबसे आम और बड़ी गलतियों के बारे में बताया. उनके अनुसार, हाई-प्रोटीन डाइट के साथ पानी की मात्रा बढ़ाना बेहद जरूरी है. जब हम ज्यादा प्रोटीन लेते हैं, तो शरीर में यूरिया ज्यादा बनता है, जिसे बाहर निकालने के लिए पानी की जरूरत होती है.

फाइबर को न करें नजरअंदाज

कई लोग प्रोटीन बढ़ाने के चक्कर में खाना छोड़कर सिर्फ शेक्स या सप्लीमेंट्स पर निर्भर हो जाते हैं. इस कारण वह फल, सब्जियां, साबुत अनाज और दालें का सेवन कम कर देते हैं, जो फाइबर (Fibers) का मुख्य स्रोत होता है. फाइबर की कमी से पाचन धीमा हो जाता है, जिससे गैस, पेट फूलना और कब्ज की समस्या होती है. इसलिए जरूरी है कि आप प्रोटीन के साथ फाइबर का भी ख्याल रखें.

फल और सब्जियों का सेवन भी जरूरी

कुछ हाई-प्रोटीन डाइट, खासकर जिनमें एनिमल प्रोटीन ज्यादा होता है, शरीर में एसिडिटी बढ़ा सकती हैं. इसे संतुलित करने के लिए पोटैशियम (Potassium) जरूरी होता है, जो मुख्य रूप से फलों और सब्जियों से मिलता है. जब ये चीजें डाइट से कम हो जाती हैं, एसिडिटी की समस्या हो सकती है. एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि प्रोटीन धीरे-धीरे बढ़ाएं, साथ में पानी, फाइबर और पोटैशियम युक्त चीजें जरूर लें. प्रोटीन तब सबसे अच्छा काम करता है, जब उसे सही सपोर्ट मिले, न कि अकेले लिया जाए.

यह भी पढ़ें: खामोशी से शरीर में पनपते हैं ये खतरनाक कैंसर, लक्षण दिखते हैं तब तक हो जाती है देर

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.