Gardening Tips: गुड़हल का पौधा (Hibiscus Plant) न केवल खूबसूरत दिखता है बल्कि इसके फूलों का धार्मिक और औषधीय महत्व भी होता है. लाल, गुलाबी और पीले रंगों में खिले गुड़हल के फूल किसी भी बगीचे की रौनक बढ़ा देते हैं. लेकिन कई बार लोग शिकायत करते हैं कि उनका गुड़हल पौधा बढ़ तो रहा है, पर उस पर फूल नहीं खिलते. असल में, थोड़ी सी सही देखभाल और समय पर की गई ट्रिमिंग से आप अपने गुड़हल को हरी-भरी और खिले हुए फूलों से भरपूर बना सकते हैं. अगर आप चाहते हैं कि आपका गुड़हल पौधा हर मौसम में खिले और बगीचे में बहार लाए, तो इन आइए जानते हैं उन तरीकों के बारे में जिसे आप अपना सकते हैं.
इस तरह गुड़हल के पेड़ का ख्याल | Tips To Take Care Of The Hibiscus Plant
धूप में रखें पौधा
गुड़हल के पौधे को रोजाना 4 से 6 घंटे की सीधी धूप मिलना जरूरी है. अगर आप पौधा छांव में रहेगा तो पत्ते तो हरे रहेंगे लेकिन फूल नहीं खिलेंगे. तो इसलिए आप कोशिश करें गुड़हल को धूप में ही रखें.
सही मात्रा में पानी दें
गुड़हल को नमी पसंद है, लेकिन अत्यधिक पानी इसकी जड़ों को खराब कर सकता है. कोशिश करें गर्मियों में रोजाना हल्का पानी दें और सर्दियों में 2–3 दिन के में पानी दें. इससे पेड़ में ज्यादा पानी भी नहीं होगा साथ ही पेड़ भी सही रहेगा.
समय-समय पर करें ट्रिमिंग (कटिंग)
पुरानी और सूखी पत्तों को काटते रहें ताकि नई कलियां निकल सकें. ट्रिमिंग से पौधे की ग्रोथ बढ़ती है और फूलों की संख्या भी ज्यादा होती है. इसलिए कोशिश करें कि समय-समय पर इसकी कटिंग करें.
अच्छी मिट्टी और ऑर्गैनिक खाद का करें इस्तेमाल
गुड़हल को हल्की, पानी निकास वाली मिट्टी पसंद होती है. महीने में एक बार गोबर की खाद या कम्पोस्ट डालने से पौधा स्वस्थ रहता है और ज्यादा फूल खिलाता है. आप चाहें तो चाय पत्ती भी डाल सकते हैं. या तो केले के काले छिल्कों को टुकड़ो में डाल सकते हैं.
कीटों से रखें सावधान
गुड़हल पर अक्सर एफिड्स और व्हाइटफ्लाई जैसे कीट लगते हैं. नीम के तेल का स्प्रे हर 15 दिन में एक बार करें ताकि पौधा सुरक्षित रहे.