बच्चे की लिखावट कैसे सुधारें? इस तरीके से कराएंगे पैक्टिस तो सुंदर हो जाएगी Handwriting, कीड़े-मकौड़े नहीं दिखेंगे कागज पर

How To Improve Handwriting: अगर आप भी बच्चे की गंदी हैंडराइटिंग से परेशान हैं तो यहां जानिए बच्चे की लिखावट सुधारने का क्या तरीका है. यहां दिए टिप्स हैंडराइटिंग साफ करने में हेल्प करते हैं.

Handwriting Improving Tips

Handwriting Kaise Sudhare: यहां जानिए बच्चे की हैंडराइटिंग किस तरह सुधरेगी.

Handwriting Improving Tips: बच्चों की हैंडराइटिंग अगर बचपन में ही खराब हो जाए तो आमतौर पर बड़े होने के बाद भी खराब ही रहती है. यह खराब हैंडराइटिंग (Bad Handwriting) पढ़ने में नहीं आती, कॉपी भी इससे खराब लगती है और अक्सर बच्चों के नंबर भी गंदी हैंडराइटिंग की वजह से काट लिए जाते हैं. ऐसे में पैरेंट्स की कोशिश रहती है कि वे छोटी उम्र में ही बच्चे की हैंडराइटिंग सुधार दें. अगर आप भी अपने बच्चे की गंदी हैंडराइटिंग से परेशान हैं तो यहां जानिए वो कौन से तरीके हैं जिनसे बच्चे की लिखावट सुधारी जा सकती है. ये टिप्स आजमाने आसान हैं और इनका रिजल्ट भी अच्छा नजर आता है.

बच्चे की हैंडराइटिंग कैसे सुधारें | How To Improve Child’s Handwriting

सही टूल्स हैं जरूरी

बच्चा जिस पेन या पेंसिल से लिख रहा है उसका भी हैंडराइटिंग पर असर पड़ता है. बच्चे को रेग्यूलर ग्रिप वाली पेंसिल दें. ध्यान रहे कि पेंसिल ज्यादा मोटी या ज्यादा पतली ना हो नहीं तो बच्चा सही से ग्रिप नहीं बना पाएगा और लिखने में दिक्कत होगी. जब बच्चा पेंसिल से सही तरह से लिखना सीख जाए तब उसे पेन पकड़ाएं.

बच्चे का पोस्चर देखें

गलत पोस्चर में लिखा जाए तो लिखावट सही नहीं होगी. इस बात का ध्यान रखें कि बच्चा लेटकर अपना काम ना करे बल्कि सीधा बैठकर लिखे जिससे हाथों की मसल्स पर जरूरत से ज्यादा दबाव ना पड़े.

लाइन वाले पेपर चुनें

शुरुआत में 3 या 4 लाइन वाली शीट पर बच्चे को लिखने की प्रैक्टिस कराएं. प्लेन या सिर्फ 2 लाइन वाले पेपर पर लिखने में बच्चे की लिखावट सही नहीं दिखती. शब्दों का क्या आकार होता है यह 4 लाइन वाली शीट पर बेहतर तरह से प्रैक्टिस किया जा सकता है.

ज्यादा नहीं बल्कि कम लेकिन अच्छा

अक्सर पैरेंट्स बच्चे को राइटिंग प्रैक्टिस (Writing Practice) के नाम पर ढेर सारी शीट्स दे देते हैं और उसपर लिखने के लिए कहते हैं. लेकिन, ऐसा करने पर बच्चा जल्दी-जल्दी सिर्फ शीट भरता है और लिखावट ठीक करने पर फोकस नहीं करता, उसे बस काम खत्म करने की जल्दी रहती है. ऐसा ना करें और बच्चे को आराम से लिखने के लिए कहें. उससे कहें कि वह एक ही पेज लिखे लेकिन उसके शब्द ठीक होने चाहिए.

शब्दों के बीच सही स्पेस

बच्चे को कहें कि वो जो कुछ भी लिख रहा है उन शब्दों में एक उंगली का स्पेस होना चाहिए. यह स्पेस छोटी उंगली का होना चाहिए. इस तरह एक उंगली छोड़ कर लिखा जाए तो कागज पर लिखावट साफ और सुंदर नजर आती है. इस बात का ध्यान रखें कि बच्चा जो कुछ लिख रहा है उसमें बहुत ज्यादा या बहुत कम स्पेस ना हो. इससे राइटिंग अच्छी नहीं दिखती है.

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लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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