Diabetes Causes: फैटी लिवर को नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) के नाम से जाना जाता था, जिसे अब मेटाबोलिक डिसफंक्शन-एसोसिएटेड लिवर डिजीज (MASLD) के नाम से जाना जाता है। इसके नाम में बदलाव मेटाबोलिक डिसऑर्डर और मेटाबोलिक सिंड्रोम के साथ इसके मजबूत संबंध को दर्शाता है। MASLD एक गंभीर चिंता के रूप में उभर रहा है, हाल के अध्ययनों से पता चलता है कि भारतीय आबादी में इसके 9 प्रतिशत से 53 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, विशेष रूप से डायबिटीज और हाई कोलेस्ट्रॉल वाले लोगों में।
फैटी लीवर एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है क्योंकि इसमें सिरोसिस और लीवर से जुड़ी बीमारी लंबे समय तक आपको परेशान कर सकती है। सवाल ये भी उठता है कि फैटी लिवर डायबिटीज का कारण किस तरह क्यों बन रहा है। मणिपाल अस्पताल, जयनगर में मेडिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी में कंसल्टेंट डॉ. प्रतिभा सेट्टी ने इस बारे में जानकारी साझा की कि फैटी लीवर नई डायबिटीज का कारण क्यों बन रहा है और इसे कैसे रोका जा सकता है?
क्या कहती हैं हेल्थ एक्सपर्ट
डॉ. प्रतिभा सेट्टी के अनुसार, बदलती लाइफस्टाइल MASLD के कारणों में से एक है। खराब खान-पान, शरीर को एक्टिव न रखना और तनाव में रहना MASLD के खतरे को बढ़ाते हैं। ये स्थिति मेटाबोलिक सिंड्रोम से बहुत हद तक जुड़ी हुई है, जिसमें मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और इंसुलिन प्रतिरोध शामिल हैं। ये सभी लीवर में फैट को जमा करते हैं।
फैटी लिवर को कैसे करें कम
बैलेंस डाइट लें- सब्जियां, फल, लीन प्रोटीन और साबुत अनाज जैसे फूड को अपनी डाइट में शामिल करें। मीठे, प्रोसेस्ड और हाई फैट वाले फूड का सेवन सीमित करें।
रोज एक्सरसाइज करें- हर रोज कम से कम 30 मिनट के लिए एक्सरसाइज जरूर करें। इसके आप पैदल चल सकते हैं या फिर जिम में या घर ही रहकर एक्सरसाइज कर सकते हैं।
तनाव से दूर रहें- तनाव से दूर रहने के लिए गहरी सांस लेना, ध्यान या योग जैसी तनाव-मुक्ति जैसे तकनीकों अपना सकते हैं।
Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।