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देसी गाय के दूध और घी से कौन सी बीमारियां दूर होती हैं? बाबा रामदेव ने बताए पतंजलि गौशाला की गायों के फायदे

Desi Cow Milk Benefits: पतंजलि गौशाला में देसी गायों का पालन होता है. इन देसी गायों का दूध और इस दूध से बनने वाले घी के एक नहीं बल्कि अनेक फायदे हैं. यहां जानिए देसी गायों के बारे में.

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देसी गाय का दूध और घी किस-किस तरह से फायदेमंद है, जानिए यहां.

Desi Cow Milk And Ghee: देसी गाय A2 दूध देती हैं जो सेहत के लिए बेहद फायदेमंद साबित होता है. वहीं, इन गायों के गोबर का अलग-अलग तरीकों से इस्तेमाल किया जाता है जिनमें खाद से लेकर ईंटे बनाना तक शामिल है. पतंजलि गौशालाओं में भी देसी गायों का पालन होता है जहां गायों के भरण-पोषण का विशेष ख्याल रखा जाता है. इन गायों के दूध और घी को सेहत के लिए बेहद अच्छा माना जाता है. ऐसे में आप भी जानिए देसी गाय (Desi Cow) के घी और दूध से कौन-कौन सी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं दूर रहती हैं. साथ ही जानिए देसी गायों का गोबर किस-किस तरह से काम आता है.

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देसी गाय का दूध पीने के फायदे

  • देसी गाय के दूध में पाए जाने वाले गुण पेट की सेहत को अच्छा रखते हैं. इस दूध में A2 बीटा-केसीन प्रोटीन होता है जो आसानी से ब्रेक डाउन हो जाता है और पचाने में आसान है.
  • इस दूध में कैल्शियम, फॉस्फोरस और विटामिन डी की भरपूर मात्रा होती है जिससे हड्डियों की सेहत अच्छी रहती है और हड्डियों के रोग दूर रहते हैं.
  • रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी इस दूध के फायदे नजर आते हैं. देसी गाय का दूध पोषक तत्वों से भरपूर होने के चलते इम्यूनिटी को मजबूत बनाने में फायदा देता है.
  • दिमाग की सेहत के लिए भी यह दूध बेहद अच्छा होता है. ऐसे में देसी गाय का दूध पीने पर फायदा मिलता है.
  • इस दूध में प्रोटीन और विटामिन की मात्रा भी भरपूर होती है. ऐसे में गाय का दूध एनर्जी से भरपूर होता है.
  • गाय के दूध में A2 बीटा-केसीन होता है जिससे इंफ्लेमेशन भी कम होती है. ऐसे में बाउल डिजीज को कम करने में यह दूध असरदार साबित होता है.

देसी गाय का घी खाने के फायदे

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  • देसी गाय का घी विटामिन ए, डी, ई और के से भरपूर होता है. इस घी में एंटी-ऑक्सीडेंट्स की भी अच्छी मात्रा होती है.
  • इस घी को खाने पर पाचन अच्छा रहता है, आंतों की दीवारों को मजबूती मिलती है और डाइजेस्टिव एंजाइम्स स्टिम्यूलेट होते हैं. इससे कब्ज की परेशानी दूर होती है.
  • देसी गाय का घी (Desi Cow Ghee) खाने पर आंतें इस घी में मौजूद पोषक तत्वों को बेहतर तरह से सोख पाती हैं.
  • शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी को मजबूत बनाने भी इस घी का असर दिखता है.
  • देसी गाय का घी रक्त धमनियों में जमे प्लाक को कम करता है और कॉलेस्ट्रोल को पिघलाकर शरीर से बाहर निकालता है. इससे दिल की सेहत भी अच्छी रहती है.
  • देसी गाय के घी को त्वचा और बालों पर लगा सकते हैं. यह घी नेचुरल मॉइस्चराइजर की तरह काम करता है.
  • इस घी के सेवन से ब्रेन हेल्थ अच्छी रहती है और साथ ही हड्डियों को भी इस घी के फायदे मिलते हैं.
  • देसी गाय के घी में A2 बीटा-कैसीन प्रोटीन होता है जिसे पचाना आसान होता है और यह मिक्सड दूध या दूसरी गायों के दूध से बनने वाले घी से बेहतर होता है.

पतंजलि गौशाला में मौजूद हैं ये गायें

बाबा रामदेव बताते हैं कि पतंजलि की देसी गायों की गौशाला में गौसेवा के साथ ही कुदरती खेती और दूसरे ग्रामीण कामों के लिए इन गायों का इस्तेमाल होता है. ये सभी गायें देसी नस्ल की हैं जिनमें पुंगनूर, साहीरवाल, थापारकर और हरियाणवी नस्ल की भी गायें हैं. इनमें ऐसी भी कई गाय हैं जो 20 से 25 किलो तक दूध भी देती हैं. इन्हीं गायों का दूध पतंजलि गुरुकुलम और आचार्यकुलम के बच्चों को पिलाया जाता है.

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पतंजलि की गौशाला में साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखा जाता है. गाय जैसे ही गोबर करती है तुरंत उसे उठाया जाता है और तुरंत पानी से सफाई की जाती है. वहीं, गाय के बैठने के लिए अलग जगह है.

पतंजलि गौशाला क्या काम करता है

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देश के अलग-अलग हिस्सों में पतंजलि की गौशालाएं हैं. पतंजलि गौशाला बहादुरपुर सैनी, संत कुटीर गौशाला, गौशाला योग ग्राम और गौशाला पतंजलि वेलनेस में कई तरह के कामों के लिए गायों का इस्तेमाल होता है. पतंजलि में गौशाला के गोबर से हवनकुंड की सामग्री बनाई जाती है. गौशालाओं में गोबर से समिधा बनाई जाती है, खाद बनाई जाती है, गोबर से ही सलरी भी तैयार की जाती है और गोधन अर्क से ही गोनाइल बनाया जाता है. गौशालाओं में ही गोबर गैस प्लांट बनाया गया है. इसके अलावा किसी और गैस का इस्तेमाल नहीं किया जाता है. वहीं, गोबर के इस्तेमाल से ही ऑर्गेनिक खेती की जाती है और एक एकड़ में 3 से 5 लाख रुपए की शाक-सब्जियां और फल उगाए जाते हैं.

पतंजलि गौशाला में मिट्टी, चूना और गोबर को मिलाकर ही ईंटे भी तैयार की जाती हैं. बाबा रामदेव का कहना है कि यह एक नया फॉर्मुला है जिसका सभी इस्तेमाल कर सकते हैं.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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