हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

कोंफिडेंस को कम करती हैं आपकी ये 10 गलतियां, डॉक्टर ने कहा खुद के साथ कभी मत कीजिए ऐसा

Low Confidence: अगर आप भी कोंफिडेंट फील नहीं करते हैं और लगता है कि जिंदगी बिखरने लगी है तो यहां जानिए आपकी कौन सी गलतियां इस लो कोंफिडेंस की वजह बन रही हैं. डॉक्टर खुद इस बारे में बता रहे हैं.

विज्ञापन
आत्मविश्वास की कमी क्यों होती है?

Personality Development: व्यक्ति अक्सर ही खुद को भीड़ में सबसे पीछे पाता है. इसका कारण कोंफिडेंस की कमी होता है. लेकिन, यह कोंफिडेंस कम कैसे होता है? आत्मविश्वास में कमी (Low Confidence), शांति छिन जाना और ऐसा महसूस होना कि सबकुछ खराब हो रहा है आपकी खुद की गलतियों के कारण हो सकता है. ओनकोलॉजिस्ट डॉ. सन्नी गर्ग ने अपने इंस्टाग्राम हैडल से इस पोस्ट को शेयर किया है जिसमें वे बता रहे हैं कि आपकी कौन सी आदतें असल में कोंफिडेंस को कम करने वाली गलतियां साबित होती हैं. इन गलतियों से बचकर ही आप एकबार फिर कोंफिडेंट बन सकेंगे और शांत महसूस कर सकेंगे.

कोंफिडेंस को कम करती हैं आपकी ये आदतें

बीते हुए कल का अफसोस – जो बीत गया है उसपर बार-बार अफसोस ना करें अफसोस करते रहने से जो हो गया है वो बदलेगा नहीं. यह सेल्फ टॉर्चर जैसा होता है. आपने उससे सीख लिया काफी है, आपको खुद को इस तरह सजा देते रहने की जरूरत नहीं है.

भविष्य की हर समय चिंता- भविष्य की हर समय टेंशन ना लेते रहें. आप जो कुछ सोचते हैं कि ऐसा होगा या वैसा होगा, उनमें से 90 प्रतिशत चीजें होती ही नहीं हैं. लेकिन, इससे आपका कोर्टिसोल बढ़ता रहता है और नींद में कमी आने लगती है, फोकस क्रैश होता है और मूड खराब रहने लगता है.

विज्ञापन

दूसरों में खुशियां ढूंढना – व्यक्ति को किसी दूसरे व्यक्ति में अपनी खुशियां नहीं ढूंढनी चाहिए. आपको यह समझना जरूरी है कि लोग सपोर्ट सिस्टम होते हैं, लाइफ सिस्टम नहीं. अगर आपकी खुशी किसी और के व्यवहार पर निर्भर करती है तो आप इमोशनल EMI पर जी रहे हैं.

अपनी स्ट्रेंथ को कम समझने की गलती – अपनी स्ट्रेंथ को अंडरएस्टिमेट ना करें. यह समझें कि आप कमजोर नहीं हैं बल्कि आप बस थके हुए हैं. फर्क समझना सीखें.

विज्ञापन

तुलना करना बंद करें – अपनी जिंदगी की किसी और व्यक्ति की जिंदगी से तुलना करना बंद करें. कंपेरिजन आपके कोंफिडेंस को नहीं बल्कि आइडेंटिटी यानी आपकी पहचान को मारता है.

टू लेट कहना छोड़ें – हर बात में यह कहना छोड़ दें कि बहुत देर हो गई है या इट्स टू लेट. कुछ भी लेट नहीं होता है. यह फैक्ट नहीं है बल्कि बहाना है.

विज्ञापन

सेहत का ध्यान ना रखना – अगर आपका शरीर आपको किसी तरह के संकेत दे रहा है या किसी समस्या के लक्षण नजर आने लगे हैं तो उन्हें इग्नोर ना करें. अपनी सेहत को हल्का लेने की आदत छोड़ दें. इससे बीमारी बढ़ती जाती है.

ऑटोपायलट मोड में जीना छोड़ दें – ऑटोपायलट मोड कंफर्टेबल होता है इसीलिए खतरनाक भी होता है. इसमें आपकी किसी तरह ग्रोथ नहीं होती, आप आगे नहीं बढ़ रहे होते और ना आप अपग्रेड कर रहे होते हैं.

विज्ञापन

ओवरथिंक करना – अपने हर फैसले को ओवरथिंक करना गलत है. ओवरथिंक करने से क्लैरिटी नहीं आती बल्कि चीजें डिले होती हैं. क्लैरिटी एक्शन से आती है ओवरथिंकिंग से नहीं.

खुद को डाउट करना – यह ना सोचें कि आप कमबैक नहीं कर सकते या चीजों को पहले जैसा बेहतर नहीं कर सकते. अपनी नींद को ठीक करें, एक्सरसाइज करें, पैसों को मैनेज करें. आप कमबैक कर लेंगे.

विज्ञापन

यह भी पढ़ें- रोज पैदल चलने से क्या होता है? शरीर को मिलेंगे चौंकाने वाले ये 5 फायदे

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola