राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने दिल्ली के रेड फोर्ट क्षेत्र में 10 नवंबर 2025 को हुए बम विस्फोट की साजिश में दो और आतंकी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है. अब तक दिल्ली बम ब्लास्ट मामले में कुल गिरफ्तारियों का आंकड़ा 11 पहुंच गया. बुधवार, 25 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के गंदरबल निवासी जमीर अहमद अहंगर और श्रीनगर के तुफैल अहमद भट को एनआईए ने हिरासत में लिया. जांच में पता चला कि इन्होंने दिल्ली विस्फोट के मुख्य आरोपी को हथियार उपलब्ध कराए थे.
लाल किला ब्लास्ट में 11 लोगों की गई थी जान
इस विस्फोट में 11 लोग मारे गए थे और कई घायल हुए थे. मुख्य आरोपी उमर उन नबी भी धमाके में मारा गया था. NIA ने पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश करने के उद्देश्य से जांच तेज कर दी है. जांच एजेंसी ने पाया कि जमीर और तुफैल आंसर गजवात-उल-हिंद (एजीएच) आतंकी संगठन के सक्रिय ओवरग्राउंड वर्कर्स (ओजीडब्ल्यू) थे. जेके पुलिस, हरियाणा पुलिस व अन्य एजेंसियों के सहयोग से चली जांच में इनका दिल्ली विस्फोट के अलावा अन्य आतंकी साजिशों में शामिल होना सामने आया.
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पहले भी 9 आतंकी हो चुके हैं गिरफ्तार
एनआईए के अनुसार, ये हथियार व गोला-बारूद इकट्ठा करने में लगे थे, जो भारत के खिलाफ इस्तेमाल होने वाले थे. दिल्ली विस्फोट की मास्टरमाइंडिंग उमर ने मुजम्मिल गनई, शाहीन सईद, मुफ्ती इरफान और आदील अहमद राथर के साथ की. अन्य पांच ने मुख्य साजिशकर्ताओं को शेल्टर और लॉजिस्टिक सपोर्ट दिया. ये 9 पहले ही जम्मू-कश्मीर और हरियाणा से गिरफ्तार हो चुके हैं. एनआईए आगे की जांच जारी रखे हुए है.