मीडिल ईस्ट की स्थिति को लेकर भारत की मोदी सरकार भी अलर्ट मोड पर है. वहीं, आज ऑल पार्टी मीटिंग बुलाई गई थी जो अब खत्म हो चुकी है. बता दें कि ये बैठक डेढ़ घंटे चली. इसमें पेट्रोलियम मंत्री और विदेश मंत्री ने विपक्ष द्वारा पूछे गए सभी सवालों के जवाब दिए. इस दौरान सरकार ने बताया कि देश में किसी तरह की पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की कोई कमी नहीं है और सप्लाई पूरी तरह सामान्य बनी हुई है.

वहीं, बैठक में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर भी विपक्ष ने कई सवाल किए. सरकार ने बताया कि 'अभी तक हमारे 4 शिप्स वहां से निकल चुके हैं और कुछ अन्य जहाज जल्द वहां से निकलेंगे. ये हमारे लिए बड़ी बात है. कई देशों के शिप्स अभी वहां फंसे हुए हैं.'

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पाकिस्तान की मध्यस्थता पर क्या बोली सरकार?

हाल के अंतरराष्ट्रीय तनाव, खासकर ईरान से जुड़े हालात को लेकर भी सरकार ने स्थिति स्पष्ट की. विपक्ष से जुड़े सूत्रों के अनुसार, जब ईरान के साथ पाकिस्तान की मध्यस्थता का मुद्दा उठा तो सरकार की ओर से बताया गया कि यह प्रक्रिया कोई नई नहीं है, बल्कि यह तो 1981 से चला आ रहा है. एक तरह से US ने सालों से पाकिस्तान को ईरान के साथ बातचीत में लगा रखा है.

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संकट की घड़ी में सभी रहेंगे एकजुट- किरेन रिजिजू

सर्वदलीय बैठक पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा, 'सभी ने बैठक में हिस्सा लिया और अपनी बात रखी. सभी दलों के नेताओं ने जानकारी साझा की और अपने-अपने दलों की ओर से अपनी चिंताएं व्यक्त कीं. विपक्षी सदस्यों ने कई सवाल पूछे कि ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच संघर्ष से पश्चिम एशिया में पैदा हुई स्थिति का भारत पर क्या असर पड़ेगा, और भारत के लोगों के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं. सरकार ने इन सवालों के विस्तृत और पूरी तरह से जवाब दिए. मुझे यह बताते हुए संतोष हो रहा है कि सरकार ने पूरे विपक्ष द्वारा पूछे गए सभी सवालों के जवाब दिए हैं. अंत में, विपक्ष के सभी साथियों ने कहा है कि संकट की इस घड़ी में, सरकार जो भी फैसला लेगी, मौजूदा हालात के हिसाब से जो भी कदम उठाएगी, सभी उसका एकजुट होकर समर्थन करेंगे… मेरा मानना ​​है कि विपक्ष ने जिस तरह की जानकारी देने की मांग की थी, सरकार ने आज उस संबंध में पर्याप्त जानकारी दी है.'

पीएम मोदी और ट्रंप के बीच क्या हुई बात?

सर्वदलीय बैठक में सरकार ने पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ हुई बातचीत के बारे में भी बताया. इस बातचीत में भारत की स्पष्ट नीति दोहराई गई और पीएम ने कहा- 'हमको वॉर नहीं चाहिए.' यह संदेश वैश्विक मंच पर भारत की शांति और संतुलन की नीति को स्पष्ट करता है. बैठक के दौरान विदेश सचिव ने मौजूदा अंतरराष्ट्रीय स्थिति और भारत के हितों पर डिटेल प्रेजेंटेशन भी दिया. इससे विपक्ष को रणनीतिक और कूटनीतिक पहलुओं की जानकारी दी गई, ताकि राष्ट्रीय मुद्दों पर व्यापक सहमति बन सके.

विपक्ष हर परिस्थिति में खड़ा है सरकार के साथ- किरेन रिजिजू

वहीं, सर्वदलीय बैठक खत्म होने के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, 'आज सरकार की ओर से पश्चिम एशिया की स्थिति पर एक सर्वदलीय बैठक बुलाई गई थी. मैं उन सभी दलों के सदस्यों को धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने इस बैठक में हिस्सा लिया. विपक्षी दलों के सभी नेताओं के सवालों और शंकाओं का सरकार की ओर से जवाब दिया गया. सभी विपक्षी दलों ने हमें भरोसा दिलाया है कि स्थिति के अनुसार सरकार जो भी कदम उठाएगी, वे हर कदम पर सरकार के साथ खड़े रहेंगे.'

सर्वदलीय बैठक में सरकार का संदेश:

• देश में ऊर्जा सुरक्षा पर्याप्त है.
• ऊर्जा की जरूरतें पूरी हो रही हैं.
• सरकार सभी संबंधित पक्षों से लगातार बातचीत कर रही है.
• जहाज (शिपमेंट) आने वाले हैं, सप्लाई बनी रहेगी.
• भू-राजनीतिक स्थिति पर भारत की पकड़ मजबूत है.
• घबराने की कोई जरूरत नहीं है.
• सरकार सभी को साथ लेकर चल रही है.