उत्तरी इराक से एयर वॉरफेयर का एक वीडियो सामने आया है. यहां अमेरिकी वायुसेना का मॉर्डन- F15 फाइटर जेट एक ईरानी शाहेद ड्रोन का पीछा कर रहा है. जंग के बीच इन दोनों विध्वंसक हथियारों की डॉगफाइट युद्ध थ्रिल का एहसास करा रही है.

वहीं, ऐसा कहा जा रहा था कि अमेरिकी सेना के सामने ईरानी सेना की ताकत कुछ भी नहीं है, लेकिन यह वीडियो इस नैरेटिव को खारिज करती है. इस वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि कैसे ईरान का शाहेद ड्रोन न सिर्फ अमेरिकी वायु सेना के F-15 फाइटर जेट को चकमा दे रहा है, बल्कि टारगेट पर जाकर तबाही भी मचा रहा है.

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वीडियो में क्या दिखा?

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस फुटेज में दिख रहा है कि अमेरिकी वायु सेना का F-15 फाइटर जेट उत्तरी इराक के ऊपर कम ऊंचाई पर उड़ रहे ईरानी शहीद ड्रोन का पीछा कर रहा है लेकिन उसे रोकने में सफल नहीं हो पाता है. बाद में ड्रोन ने इस इलाके में एरबिल में एक तेल ठिकाने के पास हमला किया और वहां से धुआं उठने लगा.

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AFP की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटेन के रॉयल यूनाइटेड सर्विसेज इस्टीट्यूट के एक शोधकर्ता थॉमस विन्गिंगटन ने कहा कि टारगेट पर विस्फोट करने के लिए डिजाइन किए गए, शाहदे ड्रोन टेकऑफ से कुछ समय पहले या बाद में अपना लोकेशन देने के लिए जीपीएस से कनेक्ट होते हैं, लेकिन फिर आम तौर पर अपने रिसीवर बंद कर देते हैं.

एरबिल पर हमला

बुधवार को इराक के कुर्दिस्तान इलाके में, कई ड्रोन्स ने ब्रिटेन की एक मोटर ऑयल फैक्ट्री को निशाना बनाया. इन हमलों से वहां भीषण आग लग गई, जिससे एरबिल शहर के ऊपर काले धुएं के बादल छा गए.

शाहेद ड्रोन में क्या है खास?

ईरान का शाहेद-136 ड्रोन इजरायल और अमेरिका के खिलाफ चल रहे युद्ध में एक सस्ता लेकिन घातक हथियार साबित हुआ है. बता दें कि यह एक वन-वे-ड्रोन अटैक है, जो अपने टारगेट के पास पहुंचते ही खुद ही ब्लास्ट हो जाता है. यह डेल्टा-विंग डिजाइन पर बना है, जिसमें पीछे पुशर प्रोपेलर और MD-550 पिस्टन इंजन लगा होता है. GPS और इनर्शियस नेविगेशन से निर्देशित यह ड्रोन कम ऊंचाई पर उड़कर रडार को चकमा दे सकता है.

ईरान ने शाहेद ड्रोन को 2021 में सार्वजनिक किया था. रूस को यही ड्रोन Geran-2 नाम से सप्लाई किाय गया, जहां यूक्रेन युद्ध में इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हुआ.