महाराष्ट्र के बाद अब गुजरात सरकार ने भी 'एनालॉग पनीर' के निर्माण, बिक्री और उपयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है. रेस्टोरेंट और दुकानों में असली पनीर के नाम पर परोसे जा रहे इस नकली पनीर पर खाद्य सुरक्षा विभाग (FDCA) ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. गुजरात के अहमदाबाद, सूरत और राजकोट समेत कई बड़े शहरों में FDCA की टीमों ने ताबड़तोड़ छापेमारी की है. इस कार्रवाई के दौरान हजारों किलो संदिग्ध एनालॉग पनीर जब्त किया गया.

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जांच में खुलासा हुआ कि कई होटल और रेस्टोरेंट ग्राहकों को जानकारी दिए बिना असली दूध के पनीर की जगह सस्ता एनालॉग पनीर परोस रहे थे. सरकार ने स्पष्ट किया है कि FSSAI नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी और सख्त कानूनी कार्रवाई होगी. मामले पर बयान देते हुए गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पांशेरिया की प्रतिक्रिया सामने आई है, जिसमें उन्होंने खाद्य सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की बात कही है.

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कैसे बनता है एनालॉग पनीर और क्यों है खतरनाक?

असली पनीर पूरी तरह से शुद्ध दूध से तैयार किया जाता है. यह शरीर के लिए प्रोटीन और कैल्शियम का बेहतरीन स्रोत होता है. छूने में असली पनीर एकदम नरम और स्पंजी होता है. एनालॉग पनीर वनस्पति तेल और स्टार्च से मिलाकर बनाया जाता है. इसे खाने से शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है और दिल की बीमारियों का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है.

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कैसे पहचानें असली और नकली का फर्क?

असली पनीर काफी सॉफ्ट और स्पंजी होता है, जबकि एनालॉग पनीर को हाथ से दबाने पर वह बिखरने या टूटने लगता है. असली पनीर में दूध के पोषक तत्व होते हैं, जबकि एनालॉग पनीर पूरी तरह से वनस्पति तेल और स्टार्च का मिलावटी रूप है.

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