प्रोजेक्ट से जुड़ी मुख्य बातें:
- बाराबंकी से बहराइच तक बनने वाला यह नया फोरलेन हाईवे कुल 102 किलोमीटर लंबा होगा.
- केंद्र सरकार ने इस फोरलेन हाईवे के निर्माण के लिए लगभग 7000 करोड़ रुपये का बजट पास किया है.
- लखनऊ में सफेदाबाद के पास स्थित किसान पथ से गाड़ियों को इस नए हाईवे पर एंट्री दी जाएगी.
- लखनऊ शहर में जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 313 करोड़ रुपये की लागत से 3 बड़े नाले बनेंगे.
- इस नए ड्रेनेज सिस्टम से लखनऊ के चिनहट, खरगापुर, अमौसी और कानपुर रोड समेत करीब 20 से ज्यादा बड़े इलाके कवर होंगे.
Lucknow Bahraich Highway: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से बहराइच, गोंडा, श्रावस्ती, बलरामपुर और पड़ोसी देश नेपाल जाने वाले लाखों रेल व सड़क यात्रियों के लिए एक बहुत ही शानदार खबर आई है. इन जिलों की यात्रा को अब एक नई और सुपरफास्ट रफ्तार मिलने जा रही है. वर्तमान में दो लेन के बाराबंकी-बहराइच हाईवे को चौड़ा करके अब चार लेन का बनाया जाएगा. इसके बनने से लखनऊ से बहराइच और गोंडा का सफर महज सवा से डेढ़ घंटे में पूरा हो सकेगा. इस बेहद महत्वपूर्ण हाईवे परियोजना को सड़क एवं परिवहन मंत्रालय से हरी झंडी मिल चुकी है और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी एनएचएआई ने इसका काम लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे बनाने वाली कंपनी को सौंप दिया है.
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7000 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा हाईवे
इस मेगा हाईवे प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए केंद्रीय कैबिनेट ने लगभग सात हजार करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि को मंजूरी दे दी है. पिछले महीने ही इसके लिए टेंडर मांगे गए थे और सबसे कम बोली लगाने वाली अनुभवी कंपनी को काम आवंटित कर दिया गया है. एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार यह हाईवे कुल 102 किलोमीटर लंबा होगा. लखनऊ के वाहन चालकों को इस नए हाईवे पर चढ़ने के लिए सफेदाबाद के पास बने किसान पथ से सीधा प्रवेश मिलेगा. इस फोरलेन हाईवे पर कार, जीप और एसयूवी जैसी गाड़ियों के लिए अधिकतम स्पीड 100 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है, जबकि कमर्शियल वाहनों की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही इस परियोजना का शिलान्यास करेंगे.
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313 करोड़ रुपये से बनेंगे 3 बड़े नाले
हाईवे सौगात के साथ ही लखनऊ शहर के निवासियों को मानसून और भारी बारिश के दौरान होने वाले भीषण जलभराव की समस्या से हमेशा के लिए मुक्ति दिलाने के लिए भी एक बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया गया है. नगर निगम और उत्तर प्रदेश जल निगम ने मिलकर 312.84 करोड़ रुपये की लागत से तीन बहुत बड़े और अत्याधुनिक नालों के निर्माण की एक महत्वाकांक्षी योजना बनाई है. इस बड़े ड्रेनेज प्रोजेक्ट को अंतिम मंजूरी के लिए शासन के पास भेज दिया गया है. नगर आयुक्त की ओर से गठित विशेष समिति ने इसे जनता के हित में बेहद जरूरी बताते हुए हरी झंडी दे दी है, जिससे बारिश के दिनों में शहर की सड़कें अब तालाब नहीं बनेंगी.
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पानी जमा होने की समस्या से मिलेगी आजादी
इस नए और विशाल ड्रेनेज नेटवर्क के बन जाने से लखनऊ के दर्जनों बड़े और वीआईपी इलाकों को पानी जमा होने की गंभीर समस्या से पूरी तरह आजादी मिल जाएगी. इसके तहत भरवारा-मल्हौर वार्ड के विज्ञान खंड, गड़रियनपुरवा, छोटा भरवारा, खरगापुर, गंगोत्री विहार फेज-1 व 2, अवधपुरी, कैलाशपुरी, सरस्वतीपुरम और एमिटी ग्रीन सिटी जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों की सूरत बदलेगी. इसके अलावा चिनहट, सरोजनीनगर, बादलखेड़ा, पाल कालोनी, गदियाना, काला पहाड़, आदर्शविहार, दिवाकर कालोनी, बदाली खेड़ा, अमौसी, अनौरा, हिन्दू खेड़ा और कानपुर रोड जैसे संवेदनशील इलाकों में भी पानी की निकासी की व्यवस्था एकदम दुरुस्त हो जाएगी.
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परियोजनाओं के बड़े फायदे और बदलाव:
- आधा हो जाएगा सफर का समय: लखनऊ से बहराइच जाने में अभी जो 3 घंटे का समय लगता है, वह हाईवे बनने के बाद घटकर सिर्फ सवा से डेढ़ घंटा रह जाएगा.
- नेपाल और देवीपाटन मंडल को रफ्तार: इस फोरलेन से गोंडा, श्रावस्ती, बलरामपुर और नेपाल सीमा तक जाने वाले व्यापारियों व पर्यटकों को तेज और सुगम कनेक्टिविटी मिलेगी.
- सुरक्षित और तेज रफ्तार यात्रा: हाईवे पर कारों के लिए 100 किमी और ट्रकों के लिए 80 किमी प्रति घंटे की सुरक्षित गति सीमा तय होने से समय और ईंधन की बड़ी बचत होगी.
- बाढ़ जैसे जलभराव से मुक्ति: मानसून के दौरान लखनऊ के रिहायशी इलाकों और मुख्य सड़कों पर होने वाले जलभराव की समस्या का हमेशा के लिए स्थायी समाधान हो जाएगा.
- पीएम मोदी करेंगे शिलान्यास: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के मौके पर ही प्रधानमंत्री इस नए बाराबंकी-बहराइच फोरलेन हाईवे का शिलान्यास कर काम की शुरुआत करेंगे.