मुख्य बिंदु

  • दिल्ली सरकार भलस्वा में 7,400 से ज्यादा EWS फ्लैटों का रिनोवेशन कर रही है.
  • हर फ्लैट का कारपेट एरिया बढ़ाकर लगभग 30 स्क्वायर मीटर किया जा रहा है.
  • इस प्रोजेक्ट को PMAY हाउसिंग स्टैंडर्ड्स के हिसाब से अपग्रेड किया जा रहा है.
  • झुग्गी-बस्तियों में रहने वाले लोगों को कई स्टेजेज में फ्लैट दिए जाएंगे.
  • फ्लैट बांटने की प्रक्रिया शुरू होने से पहले आखिरी बार इंस्पेक्शन किया जाएगा.

EWS Flats For Slum Dwellers In Delhi: दिल्ली सरकार झुग्गी-बस्ती में रहने वाले लोगों को बेहतर घर देने की अपनी पहल के तहत भलस्वा में 7,400 से ज्यादा EWS फ्लैटों की मरम्मत और उन्हें एक्सपैंड करने का काम तेजी से कर रही है. शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने गुरुवार 16 जुलाई को साइट का दौरा करके प्रोजेक्ट की प्रोग्रेस को रिव्यू किया और मौजूदा कंस्ट्रक्शन वर्क की क्वालिटी का जायजा लिया.

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क्यों लाई गई ये स्कीम?

इन घरों को प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के स्टैंडर्ड्स के मुताबिक अपग्रेड किया जा रहा है. अधिकारियों के मुताबिक, भविष्य के लाभार्थियों को रहने के लिए बेहतर सुविधाएं देने के लिए मौजूदा फ्लैटों के रिनोवेशन और एक्सपैंशन किया जा रहा है. सरकार का टारगेट घरों को ज्यादा बड़ा, कंफर्टेबल और परिवारों के लिए रहने लायक बनाना है.

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सरकार ने किया निरीक्षण

इंस्पेक्शन के दौरान, सूद ने प्रोजेक्ट के अलग-अलग पहलुओं की जांच की, जिसमें कमरों के डाइमेंशन, फर्श की क्वालिटी और ओवरऑल कंस्ट्रक्शन के स्टैंडर्ड शामिल थे. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इसका मकसद पब्लिक फंड का सही इस्तेमाल करते हुए सम्मानजनक आवास मुहैया कराना है.

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बढ़ाया जा रहा कारपेट एरिया

मंत्री ने बताया कि सरकार ने मौजूदा ढांचों को तकरीबन 4 से 5 मीटर तक बढ़ाकर फ्लैटों का कारपेट एरिया बढ़ा दिया है. नतीजतन, हर EWS फ्लैट का कारपेट एरिया लगभग 30 वर्ग मीटर होने की उम्मीद है, जिससे यहां रहने वाले लोगों को मूल डिजाइन की तुलना में रहने के लिए एक्सट्रा स्पेस मिलेगा.

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गरीब परिवारों को फायदा

सूद ने कहा कि ये हाउिंग प्रोजेक्ट आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बेहतर घर मुहैया कराने को लेकर सरकार के कमिटमेंट को दिखाती है. उन्होंने कहा कि एक्सपैंशन का काम सरकारी कल्याणकारी पहलों के जरिए क्वालिटी हाउसिंग अवेलेबल कराने के बड़े नजरिए के तहत किया जा रहा है.

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क्यों हुई देरी?

प्रोजेक्ट की प्रोग्रेस पर कमेंट करते हुए मंत्री ने कहा कि पहले हुई देरी की वजह प्लान को अमलीजामा पहनाने में सुस्ती आई थी. हालांकि, उन्होंने भरोसा दिलाया कि मौजूदा प्रशासन काम पूरा करने और ऑर्गेनाइज तरीके से अलॉटमेंट प्रॉसेस को पूरा करने पर फोकस कर रहा है.

कब दिए जाएंगे फ्लैट्स?

सरकार का प्लान रेनोवेशन का काम पूरा होने के बाद कई स्टेजेज में फ्लैटों का वितरण करने का है. आवंटन शुरू होने से पहले, पूरे हो चुके काम की समीक्षा के लिए दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता के साथ प्रोजेक्ट का फाइनल ज्वॉइंट इस्पेक्शन पूरा किया जाएगा.

भलस्वा की बदलेगी तस्वीर

इस निरीक्षण के बाद, सरकार एलिजिबल लाभार्थियों को अपग्रेड किए गए फ्लैट सौंपने से पहले सीनियर लीडरशिप से फाइनल गाइडेंस लेगी. अधिकारियों का मानना ​​है कि भलस्वा आवास परिसर के पुनर्विकास से हजारों परिवारों को बेहतर जीवन स्तर और मॉ़डर्न हाउसिंग फैसिलिटीज मिलेंगी, साथ ही दिल्ली के लॉन्ग टर्म अर्बन हाउसिंग गोल्स को भी सपोर्ट मिलेगा.

निष्कर्ष

भलस्वा EWS हाउसिंग रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट, दिल्ली के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लीविंग कंडीशंस को बेहतर बनाने की दिशा में एक अहम कदम है. मौजूदा फ्लैट्स का साइज बढ़ाकर और कंस्ट्रक्शन की क्वालिटी को बेहतर बनाकर, सरकार सुरक्षित और ज्यादा आरामदायक घर देने का लक्ष्य रख रही है. पूरा होने पर 7400 से ज्यादा रेनोवेट किए गए अपार्टमेंट्स को कई स्टेजेज में बांटने से झुग्गी-बस्तियों में रहने वाले हजारों लोगों को फायदा होने की उम्मीद है. साथ ही इससे शहर के सस्ते घरोंके मिशन को बढ़ावा मिलेगा और प्लांड शहरी विकास की कोशिशों को मजबूती मिलेगी.