पीरियड्स से परेशान हैं? यह फल-फूल वाला पौधा 'रामबाण' इलाज, इसकी खुशबू सूंघते ही भाग जाते सांप

Sarpagandha Plant: सर्पगंधा सांस की बीमारियों, हैजा, मिर्गी, मानसिक रोगों, ब्लड प्रेशर, महिलाओं के मासिक धर्म से संबंधी समस्याओं की भी दवाई है। जानिए इसकी खासियतें…

Sarpagandha Plant

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Sarpgandha Useful To Heal Snake Bite: एल्विश यादव और उसकी रेव पार्टी, उसमें सांपों के जहर का नशा करने का खुलासा होने से देशभर में सांपों की चर्चा शुरू हो गई है। सांपों की बात करते-करते उस घटनाओं की बात करते हैं, जिनमें सांप कांटने से लोगों की मौत हो जाती है। खासकर खेतों में काम करते समय यह हादसे होते हैं। जंगल से सटे एरिया में रहने वाले लोगों भी अकसर सर्पदंश का शिकार होते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश में सांप के काटने का एक रामबाण इलाज उपलब्ध है? जी हां, बहुत कम लोग जानते हैं कि सर्पगंधा का पौधा सांप के काटने का इलाज है। इसके अलावा सर्पगंधा सांस की बीमारियों, हैजा, मिर्गी, मानसिक रोगों, ब्लड प्रेशर, महिलाओं के मासिक धर्म से संबंधी समस्याओं की भी दवाई है।

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नेवला सर्पगंधा का रस चूसे तो सांप नहीं मार पाएगा

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सर्पगंधा एक झाड़ीदार औषधीय पौधा है। यह भारत के अलावा सिर्फ चीन में मिलता है। इसकी लंबाई 6 इंच से 3 फीट हो सकती है। इस पर गुलाबी और सफेद रंग के फूल लगते हैं। इसकी छाल भूरे-पीले रंग की होती है। यह गंधहीन, तीखा और कड़वा होता है। इसका फल गोलाकार, कच्ची अवस्था में हरे रंग का और पकने पर जामुनी-गुलाबी रंग का होता है। सर्पगंधा की जड़ी से विशेष रूप से सांप के काटने का इलाज होता है। नेवला सांप से लड़ने से पहले सर्पगंधा की पत्तियों का रस चूस कर जाता है। सांप ही नहीं, कोई भी कीड़ा काटे, सर्पगंधा उसका इलाज है। सर्पगंधा के पौधे या इसकी जड़ की महक सूंघकर सांप भाग जाते हैं। आयुर्वेद के अनुसार, सर्पगंधा कफ और वात को ठीक करता है। दर्द निवारक है और नींद नहीं आने का इलाज है।

मासिक धर्म के दौरान ऐंठन और सूजन का इलाज

सर्पगंधा काम भावना को भी शांत करता है। यह घाव भरने में भी सहायक है। पेट के कीड़ों को खत्म करता है। काली खांसी, सांस फूलने या दमा जैसे रोगों, हैजा, पेचिश, अपच, कब्ज, एसिडिटी, पेट दर्द में कारगर साबित होता है। प्रसव के दौरान होने वाली परेशानी दूर करने के लिए सर्पगंधा को इस्तेमाल कर सकते हैं। प्रसव पीड़ा को भी कम करता है। गर्भपात होने पर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को दूर करने में सर्पगंधा कारगर होता है। सर्पगंधा महिलाओं के मासिक धर्म से जुड़ी समस्याओं का रामबाण इलाज है। महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान पेट दर्द और थकान जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है। सर्पगंधा के पौधे में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो मासिक धर्म में ऐंठन और सूजन की प्रॉब्लम के इलाज में काफी प्रभावी होते हैं।

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डॉक्टर की सलाह लेकर करें सर्पगंधा का इस्तेमाल

सर्पगंधा का पौधा पाउडर, टैबलेट और कैप्सूल के रूप में आसानी से उपलब्ध है। हालांकि, इसका सेवन केवल डॉक्टर की सलाह पर करना चाहिए। उन लोगों को खासकर डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए, जिनका मेडिकल ट्रीटमेंट पहले से चल रहा है। बता दें कि सर्पगंधा पागलपन की बीमारी को ठीक करने में भी कारगर होता है। भारत में मिलने वाले सर्पगंधा से तैयार रस या सूखी जड़ों से बने पाउडर का सेवन करने से अस्थमा की बीमारी खत्म होती है। ब्लड प्रेशर की दवाओं में इसका इस्तेमाल किया जाता है, क्योंकि इस पौधे में रेस्परपाइन नामक रासायनिक तत्व होता है, जो हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में काफी सहायक है। इस पौधे की जड़ को चबाने से मन शांत होता है। तनाव और चिंता कम करने में मदद मिलती है। पेट को साफ करने में यह काफी मदद करता है।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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