Highest Rainfall State: भारत में इन दिनों मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है. उत्तर भारत के कई राज्यों में आंधी-बारिश और गर्मी तीनों का सितम जारी है. भारत अपनी विविध जलवायु के लिए जाना जाता है, जहां मौसम मुख्य रूप से बारिश की मात्रा पर निर्भर करते हैं. हमारे देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून जून की शुरुआत से लेकर सितंबर तक सक्रिय रहता है, जिसे सावन और भादो का महीना भी कहा जाता है. पूरे साल की कुल वर्षा का 70 प्रतिशत से अधिक हिस्सा इसी अवधि में बरस जाता है, जो खेती, जलाशयों और जल आपूर्ति के लिए बेहद जरूरी है. भारत में बारिश सिर्फ एक मौसम नहीं बल्कि एक खूबसूरत एहसास भी है, जिसका असर हमारे गीतों, खान-पान और आम जनजीवन पर साफ दिखता है.
सबसे ज्यादा बारिश वाला राज्य- मेघालय
भारत में सबसे अधिक औसत वार्षिक वर्षा वाला राज्य मेघालय है, जिसे सही मायनों में "बादलों का घर" कहा जाता है. मेघालय के ईस्ट खासी हिल्स जिले में स्थित मौसिनराम को पूरी दुनिया का सबसे अधिक वर्षा वाला स्थान माना जाता है, जहां हर साल लगभग 11,800 मिलीमीटर से भी अधिक बारिश रिकॉर्ड की जाती है. इस क्षेत्र की भौगोलिक बनावट बेहद अनोखी है. पहाड़ों के बीच स्थित होने और बंगाल की खाड़ी की दिशा में खुला होने के कारण नमी से भरी हवाएं यहां सीधे टकराती हैं, जिससे लगातार और मूसलाधार वर्षा होती रहती है. मेघालय का ही चेरापूंजी पहले दुनिया में नंबर-1 पर था, लेकिन अब यह मौसिनराम के बाद दूसरे स्थान पर आ गया है. यहां की लगातार बारिश अद्भुत हरियाली, खूबसूरत झरने और प्राचीन गुफाओं का निर्माण करती है.
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दूसरा सबसे ज्यादा बारिश वाला राज्य- अरुणाचल प्रदेश
पहाड़ी भूभाग और हिमालय के बेहद नजदीक होने के कारण पूर्वोत्तर का खूबसूरत राज्य अरुणाचल प्रदेश इस सूची में दूसरे स्थान पर है. यहां होने वाली भारी बारिश की वजह से घने जंगल, कलकल बहती अनेक नदियां और बेहद समृद्ध जैव विविधता देखने को मिलती है. यहां लंबे समय तक चलने वाला मानसून खेती के साथ-साथ जलविद्युत उत्पादन को भी बहुत बड़ा बढ़ावा देता है.
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तीसरा सबसे ज्यादा बारिश वाला राज्य- सिक्किम
तीसरा सबसे ज्यादा बारिश वाला राज्य सिक्किम है. एक छोटा हिमालयी राज्य सिक्किम भी पर्याप्त बारिश प्राप्त करता है. यह बारिश यहां के जंगलों को हमेशा हरा-भरा बनाए रखती है और वन्यजीवों के लिए एक अनुकूल माहौल तैयार करती है. इसके साथ ही वर्षा पर आधारित नदियां यहां की जलविद्युत परियोजनाओं की जान हैं, जो राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती देती हैं.
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चौथा सबसे ज्यादा बारिश वाला राज्य- पश्चिम बंगाल
चौथा सबसे ज्यादा बारिश वाला राज्य पश्चिम बंगाल है. पश्चिम बंगाल में बारिश मुख्य रूप से मानसून के सीजन में ही होती है, लेकिन इसकी मात्रा बहुत अच्छी होती है. राज्य में गंगा के मैदानी इलाकों से लेकर दार्जिलिंग की ऊंची पहाड़ियों तक जमकर बादल बरसते हैं. यह पानी पश्चिम बंगाल की मुख्य फसलों जैसे धान की खेती, जूट उत्पादन और दार्जिलिंग के विश्व प्रसिद्ध चाय बागानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. यह तमाम फसलें और बागान राज्य की अर्थव्यवस्था की असली रीढ़ माने जाते हैं. बारिश का सही समय पर होना यहां के लाखों किसानों और मजदूरों के जीवन को खुशहाल बनाता है, जिससे उनके त्योहारों और संस्कृति में भी मानसून का रंग साफ झलकता है.
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पांचवा सबसे ज्यादा बारिश वाला राज्य- नागालैंड
पूर्वोत्तर का एक और खूबसूरत राज्य नागालैंड इस लिस्ट में शामिल है, जहां मई से लेकर सितंबर के महीनों के बीच बहुत भारी वर्षा दर्ज की जाती है. इस मानसूनी सीजन के दौरान नागालैंड की ऊंची पहाड़ियां और गहरी घाटियां पूरी तरह से हरी-भरी चादर से ढक जाती हैं, जो पर्यटकों को भी खूब आकर्षित करती हैं. यहां के लोगों का मुख्य व्यवसाय और पूरा जीवन मुख्य रूप से कृषि पर ही निर्भर है. ऐसे में यह वर्षा धान, मक्का और अन्य स्थानीय फसलों की पैदावार के लिए सबसे ज्यादा जरूरी मानी जाती है. कुल मिलाकर भारत के ये पांचों राज्य मानसून के दौरान देश के जल स्तर को बनाए रखने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने में सबसे बड़ा योगदान देते हैं.