क्या हमारे ब्रह्मांड की शुरुआत ब्लैक होल्स से जुड़ी थी? यह सवाल जितना रोमांचक है, उतना ही रहस्यमय भी। जब हम ब्लैक होल्स की बात करते हैं, तो आमतौर पर यही सोचते हैं कि वे सबकुछ निगल जाते हैं और कुछ भी बाहर नहीं निकलने देते। लेकिन महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग ने यह सोच बदल दी। उन्होंने बताया कि ब्लैक होल्स भी ऊर्जा छोड़ सकते हैं, जिसे हॉकिंग रेडिएशन कहा जाता है। अब नए शोध यह इशारा कर रहे हैं कि ब्रह्मांड की रचना में इन छोटे ब्लैक होल्स की अहम भूमिका हो सकती है। क्या ब्लैक होल्स ने हमारी दुनिया को आकार दिया? आइए जानते हैं इस रहस्यमय खोज के बारे में।
क्या है हॉकिंग रेडिएशन?
हॉकिंग रेडिएशन का नाम मशहूर वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग के नाम पर रखा गया है। उन्होंने 1970 के दशक में यह विचार पेश किया था। आमतौर पर लोग मानते हैं कि ब्लैक होल्स जो भी उनके पास आता है, उसे निगल लेते हैं और कुछ भी बाहर नहीं निकलने देते। लेकिन हॉकिंग ने बताया कि ब्लैक होल्स भी ऊर्जा छोड़ सकते हैं, जिसे हॉकिंग रेडिएशन कहा जाता है। हालांकि, बड़े ब्लैक होल्स से निकलने वाली यह ऊर्जा इतनी कम होती है कि आज की टेक्नोलॉजी से इसे मापना बहुत मुश्किल है।
प्राइमर्डियल ब्लैक होल्स और ब्रह्मांड की रचना
एक नए शोध में वैज्ञानिकों ने प्राइमर्डियल ब्लैक होल्स यानी आदिम ब्लैक होल्स पर ध्यान दिया है। उनका मानना है कि बिग बैंग के तुरंत बाद बहुत छोटे-छोटे ब्लैक होल्स बने थे, जिनका वजन सिर्फ 100 टन या उससे भी कम हो सकता था। ये छोटे ब्लैक होल्स बहुत तेजी से हॉकिंग रेडिएशन छोड़ते थे, ये छोटे ब्लैक होल्स ब्रह्मांड की ऊर्जा और पदार्थ को बदलने में मदद करते थे। शोधकर्ताओं का कहना है कि इन छोटे ब्लैक होल्स ने ब्रह्मांड की ऊर्जा को कुछ समय के लिए इस तरह नियंत्रित किया कि इससे गेलेक्सी, तारों और ग्रहों के बनने की प्रक्रिया प्रभावित हुई।
ब्लैक होल्स के अवशेष और भविष्य की खोजें
जब ब्लैक होल पूरी तरह से ‘वाष्पित’ यानी इवेपोरेटर हो जाते हैं तो वे अपने पीछे हॉकिंग अवशेष (Hawking relics) छोड़ सकते हैं। ये स्थिर कण हो सकते हैं, जिनकी खोज भविष्य में ब्रह्मांडीय घटनाओं को समझने में नई रोशनी डाल सकती है। अगर वैज्ञानिक कभी इन कणों का पता लगाने में सफल होते हैं तो यह साबित हो सकता है कि हॉकिंग रेडिएशन ने वाकई ब्रह्मांड की रचना को गहराई से प्रभावित किया था।