Who is Raul John Aju: केरल के 16 साल के राउल जॉन अजू अपनी उम्र के मुकाबले काफी तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहे हैं. 12वीं क्लास की कॉमर्स की पढ़ाई के साथ-साथ, ये टीनएजर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रोडक्ट्स भी बना रहे हैं और एक स्टार्टअप भी चला रहे हैं. उनकी इस शानदार जर्नी की वजह से उन्हें 'भारत का AI किड' कहा जाने लगा है.

पिता को बनाया एंप्लॉय

उनकी एंटरप्रेन्योरशिप की कहानी में एक बात ने लोगों का खास ध्यान खींचा है. राउल के पिता उनकी कंपनी में काम करते हैं और उन्हें हर महीने 2 लाख रुपये सैलरी मिलती है. Amazon, Adobe, Wipro और IBM जैसी कंपनियों में काम करने का एक्सपीरिएंस होने के कारण, उनके पिता इस यंग एंटरप्रेन्योर के लिए एक एक्सपीरिएंस्ड गाइड का काम भी करते हैं.

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स्कूल प्रोजेक्ट से AI स्टार्टअप तक

राउल की टेक्नोलॉजी में दिलचस्पी तब शुरू हुई जब वो करीब 9 साल के थे. वीडियो एडिटिंग के साथ एक्सपेरिमेंट करने के बाद, धीरे-धीरे उन्होंने अपना फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की तरफ किया. उनके शुरुआती प्रोजेक्ट्स में से एक था 'MeBot', जिसे उन्होंने स्कूल के साइंस प्रोजेक्ट के तौर पर अपनी आवाज का इस्तेमाल करके बातचीत करने के लिए बनाया था.

बाद में उन्होंने AIRealm Technologies की शुरुआत की, जहां वो फाउंडर और सीटीओ के तौर पर काम करते हैं. ये कंपनी प्रैक्टिकल एआई प्रोडक्ट्स बनाने और नई टेक्नोलॉजी के साथ एक्सपेरिमेंट करने पर फोकस करती है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, राउल ने तकरीबन 15 एआई टूल्स बनाए हैं और करीब 5 लाख लोगों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ट्रेनिंग देने में मदद की है.

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उनके इनिशिएटिव्स में 'JustEase' भी शामिल है, जिसे केरल सरकार के साथ मिलकर बनाया गया था ताकि इमरजेंसी के वक्त लोगों को जानकारी और फैसले लेने में मदद मिल सके. एक और प्रोजेक्ट, 'Rescue AI', इमरजेंसी गाइडेंस, कानूनी जानकारी और मदद तक पहुंचने पर फोकस करता है.

AI के दौर में यंग वॉइस

कम उम्र होने के बावजूद राउल अपनी पढ़ाई और एंटरप्रेन्योरशिप के बीच तालमेल बिठा रहे हैं. उनकी कहानी दिखाती है कि कैसे कम उम्र में टेक्नोलॉजी से जुड़ना, परिवार का साथ और असल दुनिया की परेशानियों को सुलझाने में दिलचस्पी एक अनोखा करियर बना सकती है.

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