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उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियों से थारू जनजाति को मिल रही है नई पहचान

देश में उत्तर प्रदेश ऐसा राज्य है जहां सबसे ज्यादा MSME इकाइयां हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों का नतीजा है कि 96 लाख से ज्यादा लघु और मध्यम उद्योग इकाइयां यहां नागरिकों को रोजगार उपलब्ध करवा रही हैं.

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश को 2029 तक वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने के लिए दृढ़संकल्पित हैं. इसके लिए वह इंफ्रास्ट्रक्चर, ट्रांसपोर्ट, उद्योग, MSME, हस्तशिल्प, हथकरघा सभी को साथ लेकर चल रहे हैं. उनका मानना है कि विकास की दौड़ में कोई भी पीछे न छूटने पाए. मुख्यमंत्री का ध्यान हाशिए पर रहे जनजाति समुदाय पर भी है. उत्तर प्रदेश के जनपदों में रहने वाली जनजाति को बाजार से जोड़कर आर्थिक उन्नयन कर रहे हैं.

उत्तर प्रदेश में जनजाति के सशक्तिकरण पर जोर


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का उत्तर प्रदेश में जनजाति के सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान है. थारू जनजाति के लिए लगभग 350 से ज्यादा समूह गठित किए गए हैं. इसके माध्यम से जनजाति को व्यापार और उद्योग के लिए वित्तीय सहायता भी दी जा रही है. जनजातियों को छोटा-मोटा व्यवसाय शुरू करने के लिए लगभग 1.50 लाख रुपये की वित्तीय मदद सरकार दे रही है. इसके जरिए वो छोटे उद्योग स्थापित कर सकेंगे जो उनकी आजीविका के लिए मददगार होगा.

थारू जनजाति बन रही है आर्थिक रूप से निर्भर


उत्तर प्रदेश में थारू जनजाति गोरखपुर, महराजगंज, बलरामपुर, बहराइच, लखीमपुर खीरी, और पीलीभीत में निवास करती है. ये जनजाति काष्ठशिल्प और बांस से जुड़े उत्पादों को बनाने में दक्ष होती है. लखीमपुर खीरी के पलिया ब्लॉक में फॉरेस्ट एंड डेवलपमेंट रिलेटेड वैल्यू चेन कंपनी थारू जनजाति के हस्तशिल्प उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग कर रही है. इससे जनजाति समुदाय में आर्थिक विकास के लिए आत्मविश्वास बढ़ा है.

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ODOP से जनजाति समुदाय को मिली ताकत


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी योजना ODOP ने उत्तर प्रदेश के वंचित और पिछड़े समूहों के आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. ODOP ने 2018 में अपनी लॉन्चिंग से लेकर अब तक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर 3 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया है. ODOP की ही देन है कि 2016-17 में यूपी का निर्यात लगभग 80000 करोड़ था जो अब 1.56 लाख करोड़ के पार चला गया है. इसका लाभ जनजाति समुदाय को भी मिल रहा है. जनजाति समुदाय अपने परंपरागत उत्पादों के ब्रांडिंग, बिक्री और निर्माण के लिए सरकार से ऋण हासिल कर रहे हैं. उनके उत्पाद मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, ई कॉमर्स प्लेटफॉर्म और डिजिटल मार्केटिंग के जरिए विश्व के बाजारों तक पहुंच रहे हैं. एक रिपोर्ट के अनुसार एक करोड़ के निवेश से करीब 8 लोगों को रोजगार मिलता है. लघु और सूक्ष्म उद्योगों ने ग्रामीण स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराया है. इसके जरिए उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था तेजी के साथ आगे बढ़ रही है.

MSME से कमजोर वर्ग को रोजगार के अवसर


देश में उत्तर प्रदेश ऐसा राज्य है जहां सबसे ज्यादा MSME इकाइयां हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों का नतीजा है कि 96 लाख से ज्यादा लघु और मध्यम उद्योग इकाइयां यहां नागरिकों को रोजगार उपलब्ध करवा रही हैं. 27,000 से अधिक ग्रामीण और अर्ध-शहरी फैक्ट्रियों का संचालन, और 11 प्राथमिकता क्षेत्रों में 19 जिलों के 6 रोजगार जोन का गठन से आर्थिक गतिविधियों को बल मिल रहा है. ये सब मिलकर यूपी की अर्थव्यवस्था के लिए एक ‘इकोसिस्टम ट्रांसफॉर्मेशन’ जैसा बदलाव साबित हो रहे हैं. इस मॉडल में स्थानीय उत्पाद को सिर्फ बनाया नहीं जाता, बल्कि पैकेजिंग, ब्रांडिंग, ग्लोबल सप्लाई चेन जोड़ने और ई-मार्केटिंग तक हर स्तर पर तैयार किया जाता है. यही कारण है कि कभी सीमांत समझे जाने वाले क्षेत्र भी अब अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंच बना रहे हैं. योगी सरकार MSME से जुड़ी इकाइयों के लिए लोन की भी व्यवस्था कर रही है. पहले की सरकारों में ऐसी व्यवस्था नहीं थी, 2017 के बाद योगी सरकार ने युवाओं को उद्यमी बनाने के लिए एक व्यापक योजना पर काम किया . इसी का परिणाम है कि जनजाति समुदाय आज गर्व और सम्मान से जीवन यापन कर रहा है.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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