दुनिया में बहुत अजीबोगरीब घटनाएं हुई हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं एक ऐसा परिवार भी थी, जिसके कई सदस्यों की स्किन का रंग नीला था. जी हां, आपने सही सुना. दरअसल, अमेरिका के केंटकी में एक परिवार रहता था, जिसमें कुछ सदस्यों का नीला रंग पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गया.
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क्या है मामला?
दरअसल, साल 1820 में फ्रांस से आए मार्टिन फ्यूगेट अमेरिका पहुंचे, जिसके बाद वो ईस्ट केंटकी के ट्रबलसम क्रीक इलाके में बस गए और एलिजाबेथ स्मिथ नाम की अमेरिकी महिला से शादी कर ली. इस शादी से उनके 7 बच्चे हुए. लेकिन सभी तब हैरान रह गए जब उनमें से 4 बच्चों की स्किन जन्म से ही नीली थी. राहत की बात ये है कि उन बच्चों को किसी तरह की बीमारी नहीं थी. उनकी लाइफ बिल्कुल नॉर्मल बच्चों की जैसी थी, लेकिन उनकी स्किन वैसी की वैसी ही रही. धीरे-धीरे शादियों की वजह से नीले रंग की दिक्कत दूसरे समुदायों में पहुंच गई.
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क्या थी वजह?
करीब 140 साल तक कोई ये समझ नहीं पाया कि आखिर उन बच्चों की स्किन का रंग नीला क्यों था. आखिरकार 1960 में केंटकी यूनिवर्सिटी के ब्लड स्पेशलिस्ट डॉ मैडिन कैवेन और नर्स रुथ पेंडरग्रास ने इस राज़ पर से पर्दा उठाने के लिए रिसर्च शुरू की, जिसमें कई हैरान कर देने वाले फैक्ट्स सामने आए. दरअसल, इस परिवार को मेथीमोग्लोबिनेमिया नामक बेहद रेयर ब्लड डिसॉर्डर था. इस बीमारी में एक एंजाइम शरीर में कम होता है, जिस वजह से खून ऑक्सीजन को नॉर्मल तरीके से शरीर में सर्कुलेट नहीं होता.
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