सुर ताल संगम का तृतीय स्थापना दिवस समारोह गुरुग्राम स्थित आर्टिमिस ऑडिटोरियम में भव्य संगीत एवं नृत्य की समन्वय से भरपूर एक सांस्कृतिक समारोह मनाया गया. संस्था की स्थापना वरिष्ठ नागरिकों के संगीत, नृत्य और उत्साह से भरपूर होकर समाज में एक भावनात्मक, समृद्ध शक्तिशाली संगठन के रूप में किया गया. आज का यह मंच आनंद उत्साह और आत्मीयता का प्रतीक बन चुका है. कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य संस्थापक कुसुम लता चौधरी ने मुख्य अतिथि श्रीमती लिली सिंह तथा डाक्टर पीयूष गुप्ता, फरीद खान, एम के राजदान, राकेश चतुर्वेदी के साथ दीप प्रज्वलन के साथ आरंभ कुसुम लता चौधरी और जागृति चतुर्वेदी द्वारा गणेश वंदना और शिव स्तुति के माध्यम से किया. गुरुग्राम और दिल्ली ग्रुप्स के संस्थापक द्वारा एक बेहतरीन पेशकश ''रहे न रहे'' का मनमोहक गीत प्रस्तुत किया गया.
एक विशेष कार्यक्रम के रूप में सीनियर सिटीजन द्वारा महिला समूह नृत्य, युगल नृत्य, भरतनाट्यम की प्रस्तुति अमाया चौधरी ने आगे बढ़ाया. सभी के दिलों में समा बांधते हुए वरिष्ठ नागरिकों द्वारा ऊर्जा के साथ कव्वाली के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ. इस कार्यक्रम में भारत के विभिन्न प्रांत जैसे देहरादून, चंडीगढ़, राजस्थान, फरीदाबाद, गाजियाबाद के कलाकार अपनी कला से सबके दिलों में छा गए. इसमें विशेष प्रस्तुति की ज्योति झा, शिवानी सोंधी, बरनाली मिश्रा,ग्रुप कैप्टन अमित,विशाल, कर्नल चौटानी, कर्नल नरेश तलवार तथा अन्य अनेक गायकों ने अपने गीतों द्वारा मनमोह लिया.
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इस मंत्रमुग्ध, सुर ताल की गुंजन में बांधने वाली अंतिम चरण में विशेष श्रद्धा और सम्मान प्रदर्शन किया गया देश के उन विशेष नागरिकों को,जो देश की स्थल सेना,जल सेना और वायु सेना के रूप में रह कर अपनी सेवा से देश की रक्षा करते आये हैं. सुर ताल संगम की यह स्थापना दिवस के कार्यक्रम सिर्फ एक सांस्कृतिक अनुष्ठान नहीं था लेकिन यह समाज को एक दृष्टांत के रूप में स्थापित किया कि किसी भी उम्र में खास सीनियर सिटीजन सर्वोच्च मनोबल और समाज में अपने योगदान द्वारा समाज में सभी आयु वर्ग में एकता स्थापित करते आए हैं.
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