हरिद्वार से अमरावती तक योग की ज्योति

योग को घर-घर और देश-दुनिया तक पहुंचाने का जो अभियान वर्षों पहले हरिद्वार से शुरू हुआ था, वह अब एक बार फिर नई ऊर्जा के साथ अमरावती से गूंजने जा रहा है. 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर आंध्र प्रदेश के अमरावती में आयोजित होने वाले भव्य कार्यक्रम में योग ऋषि स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण लाखों लोगों को योग, स्वास्थ्य और सकारात्मक जीवन का संदेश देंगे.

पतंजलि योगपीठ, हरिद्वार और आंध्र प्रदेश सरकार के आयुष विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह कार्यक्रम योग को जन-जन तक पहुंचाने के अभियान का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है. मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल होंगे.

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मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की मौजूदगी बढ़ाएगी आयोजन की गरिमा

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के इस भव्य आयोजन में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे. मुख्यमंत्री नायडू लंबे समय से स्वास्थ्य, तकनीक और जनकल्याण आधारित पहलों को बढ़ावा देने के पक्षधर रहे हैं. उनके नेतृत्व में आंध्र प्रदेश सरकार योग और स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का समर्थन कर रही है. अमरावती में आयोजित होने वाला यह योग महोत्सव राज्य सरकार और पतंजलि योगपीठ के सहयोग का एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है, जो लोगों को स्वास्थ्य और फिटनेस के प्रति जागरूक बनाने का संदेश देगा.

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स्वामी रामदेव ने पिछले दो दशकों में योग को केवल भारत तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे वैश्विक स्वास्थ्य आंदोलन का स्वरूप दिया. करोड़ों लोग आज योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना चुके हैं. अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के इस विशेष आयोजन में भी योग को स्वस्थ जीवन, मानसिक शांति और बेहतर भविष्य के माध्यम के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा.

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इस वर्ष योग दिवस की थीम ‘Yoga for Healthy Ageing’ रखी गई है. इसके माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया जाएगा कि योग बढ़ती उम्र में भी शरीर और मन को स्वस्थ रखने का सबसे प्रभावी माध्यम है. विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित योग अभ्यास तनाव कम करने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और जीवन की गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

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अमरावती में सजेगा योग, स्वास्थ्य और संस्कृति का महाकुंभ

कृष्णा नदी के तट पर स्थित अमरावती अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध है. प्राचीन अमरावती स्तूप, ध्यान बुद्ध प्रतिमा और ऐतिहासिक मंदिरों की भूमि पर होने वाला यह आयोजन भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और स्वास्थ्य परंपरा का अनूठा संगम प्रस्तुत करेगा.

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21 जून को सुबह 5 बजे से 7:30 बजे तक विजयवाड़ा के इंदिरा गांधी स्टेडियम में होने वाले इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में योग साधकों, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों के शामिल होने की संभावना है. कार्यक्रम का सीधा प्रसारण विभिन्न डिजिटल और मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी किया जाएगा.

हरिद्वार से शुरू हुई योग की यह यात्रा अब अमरावती से दुनिया को एक बार फिर स्वस्थ जीवन का संदेश देने जा रही है. स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के नेतृत्व में आयोजित यह कार्यक्रम योग को जन आंदोलन बनाने और भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को वैश्विक मंच पर नई मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.