भारत के फोरेंसिक साइंस क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर, लक्सर एविडेंस लैब्स प्राइवेट लिमिटेड को नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज (NABL) से मान्यता मिल गई है. NABL, भारत सरकार के तहत टेस्टिंग और कैलिब्रेशन लैब्स को मान्यता देने वाली सबसे बड़ी संस्था है. NABL की मान्यता को किसी भी लैब की काबिलियत, वैज्ञानिक क्षमता और काम की गुणवत्ता की सबसे बड़ी पहचान माना जाता है. यह मान्यता तभी मिलती है जब टेस्टिंग के तरीकों, लैब की प्रक्रिया, क्वालिटी सिस्टम, इंफ्रास्ट्रक्चर, उपकरणों के कैलिब्रेशन, दस्तावेज़ों और स्टाफ की वैज्ञानिक योग्यता की पूरी और सख्त जांच होती है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य स्टैन्डर्ड के मुताबिक होती है. इसके लिए भारत सरकार की संस्था, NABL के एक्सपर्ट की टीम लैब में जाकर जांच करती है.

इस उपलब्धि के साथ, लक्सर लैब्स भारत की पहली प्राइवेट फोरेंसिक लैब बन गई है, जिसे एक साथ कई डोमेन में (डिजिटल फोरेंसिक्स, फिज़िकल फोरेंसिक्स और क्राइम सीन मैनेजमेंट) एकसाथ NABL की मान्यता मिली है. यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश के लिए भी खास है, जहां लक्सर लैब्स सरकारी और प्राइवेट, दोनों में से फोरेंसिक जांच के लिए NABL मान्यता पाने वाली पहली लैब बन गई है.

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देश में अब आम लोगों तक पहुंचेगा फोरेंसिक साइंस

कई सालों से भारत में फोरेंसिक साइंस की सुविधा ज्यादातर सरकारी लैब्स में ही मिलती थी, जिससे आम लोगों और प्राइवेट कार्पोरेट के लिए इसका इस्तेमाल करना मुश्किल होता था. इस मान्यता के बाद, अब कोई भी व्यक्ति, वकील, कंपनी, संस्थान या जांच एजेंसी एक मान्यता-प्राप्त प्राइवेट लैब से सबूतों की फोरेंसिक जांच करा सकती है. और इस रिपोर्ट को अदालत में रख सकती है.

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चाहे मामला किसी विवादित हस्ताक्षर का हो, जाली दस्तावेज़ का, साइबर धोखाधड़ी का, मोबाइल फोन की जांच का, ऑडियो या वीडियो की सच्चाई परखने का, फिंगरप्रिंट जांच का, क्लाउड में मौजूद सबूतों का, क्राइम सीन जांच का, या टेक्निकल सर्विलांस काउंटर-मेज़र्स (TSCM) का - अब लोगों के पास ऐसी फोरेंसिक सेवाएं मौजूद हैं जो वैज्ञानिक तरीके से जांची-परखी गई हैं और कोर्ट-कचहरी के मामलों, कंपनी की अपनी जांच, बीमा दावों, सरकारी नियमों से जुड़े मामलों और विवादों को सुलझाने में मदद कर सकती हैं.

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यह लैब भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 39 और 63 समेत अन्य नियमों के मुताबिक फोरेंसिक जांच और एक्सपर्ट राय देती है, जिससे कोर्ट और दूसरी सरकारी संस्थाओं को वैज्ञानिक आधार पर तैयार सबूत मिल सकते हैं. अदालत में इस लैब की रिपोर्ट और ओपीनियन स्वीकार किए जाते हैं.

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लक्सर लैब की अगुवाई फोरेंसिक सेवाओं के डायरेक्टर इंद्रजीत राय कर रहे हैं, जिन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स से २०२३ में सम्मानित किया जा चुका है. वे एक फोरेंसिक एक्सपर्ट हैं, और फोरेंसिक जर्नलिस्ट भी रह चुके हैं. इस लैब के साथ अलग-अलग क्षेत्रों के अनुभवी फोरेंसिक साइंटिस्ट्स की एक टीम भी जुड़ी है, जो डिजिटल, फिजिकल और क्राइम सीन की जांच से जुड़े टेस्ट करती है और रिपोर्ट देती है.

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इस मौके पर राय ने कहा, 'यह मान्यता सिर्फ लक्सर लैब के लिए नहीं, बल्कि विज्ञान के जरिए इंसाफ चाहने वाले हर नागरिक के लिए एक बड़ा पड़ाव है. हमारा मकसद हमेशा यही रहा है कि मान्यता-प्राप्त फोरेंसिक सेवाएं सिर्फ सरकारी दफ्तरों तक सीमित न रहें, बल्कि हर किसी तक पहुंचें. आज हर आम इंसान, वकील, कारोबारी और संस्थान के पास एक अंतरराष्ट्रीय मान्यता-प्राप्त लैब से भरोसेमंद और वैज्ञानिक तरीके से टेस्ट किया हुआ सबूत पाने का मौका है.

लक्सर लैब कई क्षेत्रों में मान्यता-प्राप्त और फोरेंसिक सेवाएं देती है, जिनमें डिजिटल फोरेंसिक, मोबाइल फोन फोरेंसिक, क्लाउड फोरेंसिक, ऑडियो और वीडियो फोरेंसिक, फिंगरप्रिंट जांच, हैंडराइटिंग और हस्ताक्षर जांच, फोरेंसिक दस्तावेज जांच, क्राइम सीन जांच और मैनेजमेंट, टेक्निकल सर्विलांस काउंटर-मेजर्स शामिल हैं.

लक्सर लैब राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सेक्टर 73, नोएडा के एन्थुरियम टावर में मौजूद हैं, जहां से देश भर के ग्राहकों तक अपनी सेवा पहुंचाएगी. भारत के ज्यूडिशियल सिस्टम में आम आदमी के लिए एक बड़ा प्रयोग NABL की यह मान्यता लक्सर लैब के उस इरादे को और पुख्ता करती है, जिसमें वह वैज्ञानिक गुणवत्ता, निष्पक्षता और तकनीकी के अंतरराष्ट्रीय स्तर के मानकों को बनाए रखने के लिए बाध्य है.