भारत की सबसे बड़ी निजी पोर्ट कंपनी अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (APSEZ) ने 500 मिलियन टन माल संभालने की क्षमता का बड़ा लक्ष्य हासिल कर लिया है. इस उपलब्धि का जश्न अहमदाबाद स्थित अदाणी कॉर्पोरेट ऑफिस में मनाया गया, जहां चेयरमैन गौतम अदाणी ने कर्मचारियों और साझेदारों से बातचीत की.
इवेंट को एड्रेस करते हुए, गौतम अदाणी ने जोर दिया कि इन माइलस्टोन्स को सिर्फ बिजनेस के लिहाज से सेलिब्रेट नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि उन लोगों को भी सेलिब्रेट किया जाना चाहिए जो इस सफर में उनके साथ चले.
ग्रुप के शुरुआती दिनों को याद करते हुए गौतम अदाणी ने बताया कि मुंद्रा पोर्ट का निर्माण उनके लिए एक बड़ी शुरुआत थी, जिसने आगे चलकर एक मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क की नींव रखी. उन्होंने कहा कि 1990 के दशक में यह काम आसान नहीं था, क्योंकि उस समय सुविधाएं और कनेक्टिविटी बहुत कम थी, लेकिन सकारात्मक सोच और मेहनत से टीम आगे बढ़ती रही. आज मुंद्रा से शुरू होकर APSEZ का नेटवर्क काफी बड़ा हो चुका है, जो भारत के साथ-साथ ऑस्ट्रेलिया, इजराइल, श्रीलंका और तंजानिया जैसे देशों में कुल 19 पोर्ट और टर्मिनल तक फैल गया है.
चेयरमैन ने आगे फ्रंटलाइन वर्कर्स की तारीफ की और क्रेन ऑपरेटर, मरीन स्टाफ, लॉजिस्टिक्स प्लानर, मेंटेनेंस टीम और माइग्रेंट वर्कर की अहम भूमिका पर जोर दिया, जो पोर्ट ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाते हैं, और इस बात पर जोर दिया कि उनकी लगन और कड़ी मेहनत ही ऑर्गनाइजेशन की रीढ़ है.
भविष्य पर ध्यान देते हुए, अदाणी ने बताया कि भारत एक ऐसे दौर में जा रहा है जहां लॉजिस्टिक्स कैपेसिटी इकोनॉमिक ग्रोथ का एक अहम ड्राइवर होगी. उन्होंने 2030 तक एक बिलियन टन कार्गो हैंडलिंग कैपेसिटी तक पहुंचने के कंपनी के बड़े टारगेट के बारे में बताया, और कहा कि लॉजिस्टिक्स और मरीन सर्विसेज़ के और भी तेजी से बढ़ने की उम्मीद है, और आने वाले सालों में इनके पांच गुना बढ़ने की संभावना है. उन्होंने कहा, “आगे के रास्ते पर ध्यान देते हुए, अदाणी ने जोर दिया कि भारत एक ऐसे दौर में जा रहा है जहां लॉजिस्टिक्स कैपेसिटी इकोनॉमिक ग्रोथ का एक मुख्य ड्राइवर होगी. उन्होंने 2030 तक एक बिलियन टन कार्गो हैंडलिंग कैपेसिटी तक पहुंचने के कंपनी के बड़े टारगेट के बारे में बताया, और कहा कि लॉजिस्टिक्स और मरीन सर्विसेज़ के और भी तेजी से बढ़ने की उम्मीद है, और आने वाले सालों में इनके पांच गुना बढ़ने की संभावना है.”
अदाणी ने यह कहते हुए बात खत्म की कि 500 मिलियन टन की अचीवमेंट को अपने इरादे को मजबूती करने और आगे आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार होने के मौके के तौर पर लेना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि बढ़ने का प्रोसेस कभी खत्म नहीं होता, और ग्रुप अगले लेवल तक बढ़ने के लिए काम करना जारी रखे हुए है.
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