मेवाड़ की गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउण्डेशन ने अपने 42वें वार्षिक सम्मान समारोह में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों तथा देश के उज्ज्वल भविष्य माने जाने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित किया. फाउण्डेशन के अध्यक्ष एवं प्रबंध न्यासी डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने समारोह में उपस्थित सभी विशिष्ट व्यक्तित्वों और विद्यार्थियों को अलंकरण प्रदान किए.
कार्यक्रम का प्रारंभ पारंपरिक रीति से दीप प्रज्वलन के साथ हुआ. इस अवसर पर परमेश्वरजी महाराज श्री एकलिंगनाथजी तथा फाउण्डेशन के संस्थापक महाराणा भगवत सिंह जी मेवाड़ को पुष्पांजलि अर्पित कर समारोह की औपचारिक शुरुआत की गई.
अपने संबोधन के दौरान डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने अपने पूर्वजों का स्मरण करते हुए पिता महाराणा अरविन्द सिंह मेवाड़ को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी. उन्होंने कहा कि 77वें श्री एकलिंग दीवान के रूप में वे अपने पिता से प्राप्त संस्कारों और मूल्यों के मार्गदर्शन में मेवाड़ की समृद्ध परंपराओं का निर्वहन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. इसी भावना के साथ उन्होंने अपने पिता की स्मृति में राष्ट्रीय स्तर के नए सम्मान ‘महाराणा अरविंद सिंह मेवाड़ अलंकरण’ की घोषणा की.
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समारोह में देश-विदेश से आए सम्मानित अतिथियों का डॉ. मेवाड़ ने पुष्पहार पहनाकर स्वागत किया. कार्यक्रम की शुरुआत विद्यार्थियों के सम्मान से हुई, जिसमें कुल 81 मेधावी विद्यार्थियों को अलंकृत किया गया. उनकी उपलब्धियों के सम्मान में उपस्थित सभी अतिथियों ने खड़े होकर तालियों के साथ उनका उत्साहवर्धन किया.
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इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय स्तर का कर्नल जेम्स टॉड सम्मान अमेरिका की विदुषी डॉ. मॉली एम्मा एटकिन को प्रदान किया गया. वे भारतीय लघुचित्र परंपरा, विशेष रूप से मेवाड़ और राजपूत दरबारी चित्रकला के अध्ययन की प्रमुख विशेषज्ञ हैं. उनके शोध कार्यों ने मेवाड़ की सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
राष्ट्रीय स्तर का हल्दीघाटी सम्मान वरिष्ठ पत्रकार कमलेश किशोर सिंह को दिया गया. तीन दशकों से भारतीय मीडिया जगत में सक्रिय कमलेश किशोर सिंह ने डिजिटल पत्रकारिता में नवाचार, हिंदी पत्रकारिता के सुदृढ़ीकरण और युवा पत्रकारों के मार्गदर्शन में उल्लेखनीय योगदान दिया है. लोकप्रिय पॉडकास्ट ‘तीन ताल’ में ‘ताऊ’ के रूप में उनकी उपस्थिति समसामयिक विषयों पर जनमानस को सोचने के लिए प्रेरित करती है.
हकीम खां सूर सम्मान इस वर्ष भारतीय वायुसेना के स्क्वाड्रन लीडर रिज़वान मलिक, वीआरसी को प्रदान किया गया. वर्ष 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दिखाई गई असाधारण वीरता के लिए उन्हें वीर चक्र से सम्मानित किया गया है. वे एक दक्ष फाइटर पायलट हैं और उन्नत लड़ाकू विमानों के संचालन में विशेषज्ञता रखते हैं. मणिपुर के इम्फाल पूर्व जिले के केइखु गाँव से आने वाले मलिक अपने राज्य और देश के लिए गौरव का प्रतीक बने हैं.
पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए महाराणा उदय सिंह सम्मान श्री मरिमुथु योगनाथन को प्रदान किया गया, जिन्हें ‘ट्री मैन ऑफ इंडिया’ के नाम से भी जाना जाता है. तमिलनाडु राज्य परिवहन निगम में बस परिचालक के रूप में कार्य करते हुए वे लगभग चार दशकों से वृक्षारोपण और पर्यावरण जागरूकता के अभियान से जुड़े हैं और अब तक पाँच लाख से अधिक पौधे लगा चुके हैं.
कर्तव्य की निर्धारित सीमा से आगे बढ़कर किए गए कार्यों के लिए दिया जाने वाला पन्नाधाय सम्मान वर्ष 2017 में जेट एयरवेज़ की फ्लाइट 9डब्ल्यू-569 के उन क्रू सदस्यों को सामूहिक रूप से प्रदान किया गया जिन्होंने 35,000 फीट की ऊँचाई पर सीमित संसाधनों के बीच एक आपातकालीन प्रसव को सफलतापूर्वक संपन्न कराया. क्रू सदस्यों ईशा जायकर, तेजस चव्हाण, कैथरीन वार्ष्णेय, सुष्मिता डेविड और डेबोरा तावारेस ने अद्भुत संयम और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए नवजीवन को सुरक्षित जन्म दिलाया. वहीं कॉकपिट में कैप्टन प्रणव छाबडिया और कैप्टन मार्टिन फेसानेक ने पूरी स्थिति का संचालन संभाला. उस बच्चे का नाम ‘जेटसन’ रखा गया, जो अपने परिवार के साथ समारोह में उपस्थित था.
मेवाड़ के 76वें वंशधर के सम्मान में स्थापित प्रथम ‘महाराणा अरविंद सिंह मेवाड़ अलंकरण’ इस वर्ष द इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री पुनीत चटवाल को भारत के पर्यटन उद्योग में उनके उत्कृष्ट नेतृत्व और योगदान के लिए प्रदान किया गया.
राज्य स्तरीय सम्मानों में महर्षि हारीत राशि सम्मान वेदमूर्ति देवव्रत महेश रेखे को दिया गया. 19 वर्षीय देवव्रत ने वाराणसी में 50 दिनों तक पूर्णतः स्मरण शक्ति के आधार पर शुक्ल यजुर्वेद के दुर्लभ दंडक्रम विकृतिपाठ का संपादन किया, जो वैदिक परंपरा के संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है.
समाज में शैक्षिक, नैतिक और सामाजिक मूल्यों के उत्थान हेतु दिए जाने वाले महाराणा मेवाड़ सम्मान से इस वर्ष भारत की प्रथम ट्रांसजेंडर महिला सब-इंस्पेक्टर ऑफ पुलिस के. पृथिका याशिनी तथा वरिष्ठ पत्रकार भुवनेश जैन को सम्मानित किया गया.
भारतीय संस्कृति और साहित्य के क्षेत्र में महाराणा कुम्भा सम्मान उदयपुर के प्रख्यात साहित्यकार तरुण कुमार दाधीच को प्रदान किया गया. ललित कला के क्षेत्र में महाराणा सज्जनसिंह सम्मान अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सैंड आर्टिस्ट अजय रावत को दिया गया, जिन्होंने रेत शिल्प के माध्यम से इस कला को वैश्विक पहचान दिलाई है.
संगीत क्षेत्र में दिया जाने वाला डागर घराना सम्मान पद्म विभूषण से अलंकृत प्रसिद्ध बाँसुरी वादक पंडित हरिप्रसाद चौरसिया को प्रदान किया गया.
आदिवासी समाज के उत्थान के लिए राणा पूंजा सम्मान मांडना कलाकार डिंपल चण्डात को दिया गया, जो जनजातीय मांडना कला के संरक्षण और प्रलेखन में सक्रिय हैं.
खेल क्षेत्र में अरावली सम्मान से राम रतन जाट और पैरालंपिक पदक विजेता अवनि लेखरा को अलंकृत किया गया. राम रतन जाट, भारतीय नौसेना में चीफ पेटी ऑफिसर और अंतरराष्ट्रीय स्तर के अल्ट्रा-मैराथन धावक हैं. वहीं अवनि लेखरा ने पैरालंपिक खेलों में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल करते हुए भारत का गौरव बढ़ाया है.
इसके अतिरिक्त राज्य स्तरीय ‘महाराणा मेवाड़ विशेष सम्मान’ राजस्थान के सर्वश्रेष्ठ पुलिस थाना सूरतगढ़ शहर तथा उदयपुर के राजेश वैष्णव को मेवाड़ की 500 वर्ष पुरानी पवित्र जल सांझी परंपरा के संरक्षण में योगदान के लिए प्रदान किया गया.
समारोह के अंत में मोहलक्षिका कुमारी मेवाड़ ने आभार व्यक्त किया. कार्यक्रम का संचालन हिन्दी में गोपाल सोनी और अंग्रेजी में रूपा चक्रवर्ती ने किया.
सादर प्रकाशनार्थ.