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हमें मिलकर फिर से रंगला पंजाब बनाना है, ताकि हमारे बच्चों को विदेश ना जाने पड़े- सीएम भगवंत सिंह मान

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अजनाला के बकरौर गांव में 15 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले सरकारी डिग्री कॉलेज का शिलान्यास किया. उन्होंने कहा कि शिक्षा और रोजगार के जरिए पंजाब को फिर से “रंगला पंजाब” बनाया जाएगा, ताकि युवाओं को विदेश न जाना पड़े. सीमावर्ती क्षेत्रों के 50 से अधिक गांवों के विद्यार्थियों को इससे सीधा लाभ मिलेगा, खासकर लड़कियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे.

Author Edited By : Bhawna Dubey
Updated: Jan 20, 2026 10:24
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News24 एआई आवाज़

अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे क्षेत्र अजनाला में आज 15 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले सरकारी डिग्री कॉलेज का शिलान्यास करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भाजपा ने दशकों तक आपसी मिलीभगत से पंजाब की अंधाधुंध लूट की, राज्य की संस्थाओं को खोखला किया और युवाओं को रोजगार की तलाश में विदेश जाने के लिए मजबूर किया.
मुख्यमंत्री ने कहा कि नया कॉलेज आम आदमी पार्टी की सरकार की शिक्षा को मजबूत करने, रोजगार के अवसर पैदा करने और जनभागीदारी के माध्यम से पंजाब को फिर से “रंगला पंजाब” बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. उन्होंने घोषणा की कि इस कॉलेज का नाम सम्मानित शख्सियत बाबा गमचुक्क जी महाराज के नाम पर रखा जाएगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां राज्य सरकार हर संभव सुविधा और संस्थागत सहयोग प्रदान करेगी, वहीं हर पंजाबी का भी यह कर्तव्य है कि वह अपनी क्षमता के अनुसार योगदान दे, ताकि पंजाब को फिर से “रंगला पंजाब” बनाया जा सके और हमारे बच्चों को बेहतर भविष्य की तलाश में देश छोड़ने के लिए मजबूर न होना पड़े.
इस अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन पारंपरिक पार्टियों के भीतर आपसी कलह चरम पर है, क्योंकि इनके पास जनता के कल्याण के लिए कोई ठोस एजेंडा नहीं है. उन्होंने कहा,
“विपक्ष के पास पंजाब के लिए कोई एजेंडा नहीं है. वे केवल जनता और राज्य के संसाधनों को लूटने की अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं. उनके मंसूबे कभी पूरे नहीं होंगे, क्योंकि पंजाब के लोग समझदार और बहादुर हैं तथा ऐसे नेताओं के संदिग्ध चरित्र को भली-भांति पहचानते हैं.”

मुख्यमंत्री ने जनता से अवसरवादी और सत्ता-लोलुप नेताओं से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि पारंपरिक पार्टियों का एकमात्र उद्देश्य पंजाब और इसके लोगों को लूटना रहा है. उन्होंने कहा,
“समय की मांग है कि ऐसी पार्टियों को पूरी तरह नकारा जाए, ताकि रंगला पंजाब बनाने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आ सकें.”
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार नए आम आदमी क्लीनिक, स्कूल और कॉलेज खोलने के साथ-साथ अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं को लागू कर विकास को तेज़ी से आगे बढ़ा रही है.
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे गांव बकरौर में सह-शिक्षा (को-एजुकेशनल) कॉलेज का शिलान्यास किया गया है. उन्होंने कहा,
“इस कॉलेज से सीमावर्ती क्षेत्र के युवा अपने घर के नज़दीक उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे. 15 एकड़ क्षेत्र में बनने वाले इस संस्थान पर 15 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.”
उन्होंने इस परियोजना के लिए भूमि दान करने पर गांव बकरौर की पंचायत और निवासियों का धन्यवाद किया.
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कॉलेज से आसपास के 50 गांवों के युवाओं को लाभ मिलेगा और आने वाले वर्षों में यहां 2000 से अधिक विद्यार्थियों के दाखिले की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि यहां कला, विज्ञान, वाणिज्य, कंप्यूटर विज्ञान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल शिक्षा के पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे, जिससे सीमावर्ती क्षेत्र के विद्यार्थियों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित होगी.
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह कॉलेज क्षेत्र के युवाओं, विशेषकर लड़कियों के बेहतर भविष्य में अहम भूमिका निभाएगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की आकांक्षाएं और सपने ऊंचे हैं और राज्य सरकार निरंतर सहयोग के माध्यम से उन्हें साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा,
“हमारा ध्यान वर्तमान और भावी पीढ़ियों के कल्याण पर केंद्रित है, ताकि पंजाब विकास और समृद्धि के मार्ग पर आगे बढ़ सके. समाज के हर वर्ग का कल्याण हमारा मुख्य उद्देश्य है.

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मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि कॉलेज के लिए भूमि दान करने वाले गांव के विद्यार्थियों को इस संस्थान में मुफ्त शिक्षा प्रदान की जाएगी. उन्होंने कहा कि कॉलेज का नाम बाबा गमचुक्क जी महाराज के नाम पर रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी जाएगी. उन्होने कहा कि माता पिता को अपने बच्चों के लिए गुणात्मक शिक्षा यकीनी बनानी चाहिए ताकि वह अवसरों की तलाशा में विदेश जाने के लिए मजबूर न हों.

प्रवासन के मुद्दे पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं में फैली निराशा को समाप्त करना आवश्यक है, ताकि रिवर्स माइग्रेशन को बढ़ावा मिल सके. उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने इस गंभीर चुनौती को नजरअंदाज किया और व्यवस्था को बर्बाद कर दिया, जिससे युवाओं को देश छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा.
मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार ने केवल योग्यता के आधार पर 63,000 से अधिक युवाओं को स्थायी सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं.

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सीमावर्ती निवासियों की चिंताओं पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार उनकी भलाई के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, क्योंकि वे सच्चे अर्थों में देशभक्त हैं. उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्र के किसानों के लिए बड़ी राहत के रूप में केंद्र सरकार ने कांटेदार तार को अंतरराष्ट्रीय सीमा की ओर स्थानांतरित करने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है, जिससे हजारों एकड़ कृषि भूमि पर बिना बाधा खेती संभव हो सकेगी. जो कि इस समय कंटीली तार से परे है. किसानों को पहले 532 किलोमीटर भारत पाक सीमा के साथ अपने खेतों तक पहुंचने के लिए बीएसएफ की सुरक्षा के अधीन कंटीली तार पार करने के लिए मजबूर किया जाता था .लगातार प्रयासों के बाद इस लंबे समय से लटक रहे मुद्दे पर आखिर कार प्रगति हुई है.

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने शिक्षा क्षेत्र में राज्य सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पंजाब राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनकर उभरा है. उन्होंने कहा कि आने वाला प्रोजेक्ट इस सीमावर्ती जिले के नौजवानों का भाग्य बदल देगा यह एक ऐतिहासिक दिन है जो मुख्यमंत्री और राज्य सरकार की दूरदर्शी सोच स्वरूप संभव हुआ है.
इस दौरान सीनियर ‘आप’ नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने इसे सीमावर्ती क्षेत्रों में युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक मार्गदर्शक कदम बताया. उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अजनाला में 70 किलोमीटर के घेरे में कोई कॉलेज नहीं था. लोगों के लंबे समय से चली आ रही मांग आज पूरी हो गई है. हम हर वायदे को पूरा करने में भरोसा रखते हैं और यह कॉलेज उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
समारोह में कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस, हरभजन सिंह ई.टी.ओ., पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया, विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल तथा अन्य पार्टी नेता और स्थानीय प्रतिनिधि उपस्थित थे.

सीमावर्ती युवाओं के लिए भगवंत मान सरकार का क्रांतिकारी कदम

बकरौर में सरकारी डिग्री और व्यावसायिक प्रशिक्षण कॉलेज की स्थापना कर मान सरकार ने सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों की दशकों पुरानी मांग को पूरा किया है. पहले विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए लगभग 40 किलोमीटर दूर अमृतसर जाना पड़ता था, जिसके कारण विशेषकर लड़कियों की पढ़ाई बीच में छूट जाती थी.

लंबे समय से चली आ रही जनहित की प्रतिबद्धता को पूरा करते हुए और उसे ज़मीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई में बदलकर राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि आसपास के 50 से अधिक गांवों के विद्यार्थियों को 15 एकड़ के परिसर में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा और कौशल-आधारित शिक्षा तक सीधी पहुँच मिले. इसमें डिग्री कार्यक्रमों को रोजगार-उन्मुख पाठ्यक्रमों जैसे कंप्यूटर साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल कौशल के साथ जोड़ा जाएगा.

इसे एक आधुनिक और विद्यार्थी-केंद्रित संस्थान के रूप में विकसित किया गया है, जिसमें व्यावसायिक सुविधाएं और खेलों से जुड़ा आधारभूत ढांचा शामिल है. यह कॉलेज पंजाब के संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र में सामाजिक समानता और युवा सशक्तिकरण के लिए एक प्रेरक केंद्र बनने के लिए तैयार है, जो मान सरकार के सभी के लिए समान अवसर वाले शासन मॉडल की मजबूती को दर्शाता है.

First published on: Jan 20, 2026 10:23 AM

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