देश की सबसे बड़ी प्राइवेट थर्मल पावर उत्पादक कंपनी अडानी पावर लिमिटेड (APL) ने पर्यावरण, सामाजिक और गवर्नेंस (ESG) के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है. 'NSE सस्टेनेबिलिटी' द्वारा जारी ताजा मूल्यांकन में कंपनी का ESG स्कोर सुधरकर 66 हो गया है, जो वित्त वर्ष 2026 में 65 था. इस स्कोर के साथ अडानी पावर थर्मल पावर सेक्टर में टॉप पर बनी हुई है और उसने 'एस्पायरिंग' कैटेगरी में अपना दबदबा बरकरार रखा है.
थर्मल और एनर्जी सेक्टर में सबसे आगे
अडानी पावर का यह प्रदर्शन भारत की अन्य सभी प्रमुख थर्मल, मिक्स्ड फ्यूल और इंटीग्रेटेड एनर्जी कंपनियों से बेहतर रहा है. NSE सस्टेनेबिलिटी, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ग्रुप का हिस्सा और सेबी-रजिस्टर्ड ESG रेटिंग एजेंसी है. यह हर साल देश की 500 लिस्टेड कंपनियों का मूल्यांकन करती है, जिससे निवेशकों को कंपनियों के टिकाऊ विकास और जोखिम प्रबंधन की सही तस्वीर मिलती है.
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पर्यावरण और समाज के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता
- पर्यावरण: कंपनी कार्बन उत्सर्जन घटाने के लिए अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल यूनिट्स जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर रही है. इसके साथ ही पानी के संरक्षण और कचरा प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
- सामाजिक कार्य: समाज के विकास के लिए अडानी पावर शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास के कार्यक्रम चला रही है. जरूरतमंद छात्रों के लिए स्कॉलरशिप और मेडिकल कैंप्स के जरिए कंपनी जमीनी स्तर पर बदलाव ला रही है.
- मजबूत गवर्नेंस : कंपनी के ऑडिट, नॉमिनेशन-पारिश्रमिक और रिस्क मैनेजमेंट कमेटियों में स्वतंत्र डायरेक्टर्स की संख्या सरकारी नियमों से भी ज्यादा है. इसके अलावा, सप्लायर्स और कॉन्ट्रैक्टर्स के लिए भी कड़े ESG नियम लागू किए गए हैं.
वैश्विक रेटिंग्स में भी शानदार रिकॉर्ड
हाल ही में S&P ग्लोबल के कॉर्पोरेट सस्टेनेबिलिटी असेसमेंट में अडानी पावर को 71/100 स्कोर मिला, जबकि FTSE रसेल ESG रेटिंग में 4.3/5.0 का मजबूत स्कोर हासिल हुआ. इसके अलावा, Care Edge ESG रेटिंग में कंपनी 80/100 के स्कोर के साथ 'लीडरशिप' स्थिति में रही, जो इंडस्ट्री के औसत से 35% ज्यादा है.
अडानी पावर की कुल 18,290 मेगावाट की थर्मल क्षमता देश के 8 राज्यों में फैली है. कंपनी देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और सरप्लस बनाने के साथ-साथ टिकाऊ भविष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है.
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