अहमदाबाद स्थित अडाणी कॉर्पोरेट हाउस (ACH) में ग्रीनएक्स टॉक्स का पांचवां आयोजन हुआ. इस कार्यक्रम ने अडाणी समूह के एक महत्वपूर्ण सिद्धांत को दोहराया कि विकास केवल आकार से नहीं, बल्कि समावेशन (इंक्लूजन) से मापा जाता है.
कार्यक्रम का उद्घाटन जीत अडाणी ने किया, जो Adani Airport Holdings Limited (AAHL) के निदेशक हैं. उन्होंने कहा कि “ग्रीन” स्थायित्व का प्रतीक है और “X” असाधारण मानवीय भावना का. उन्होंने कहा कि शक्ति अस्थायी होती है, लेकिन चरित्र स्थायी होता है और हर व्यक्ति अपनी किस्मत का खुद मालिक है.
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उनकी पत्नी दीवा अडाणी ने कहा कि ग्रीनएक्स में प्रतिभा को सहानुभूति से नहीं, बल्कि योग्यता के आधार पर सम्मान दिया जाता है. असली समावेशन का मतलब है कि लोगों को उनकी काबिलियत के आधार पर जगह मिले.
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कार्यक्रम की मुख्य अतिथि वी. विद्यावती थीं, जो सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय में दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की सचिव हैं. उनकी उपस्थिति से यह संदेश गया कि सरकार दिव्यांगजनों के अधिकार, रोजगार, कौशल विकास और सामाजिक सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.
प्रसिद्ध शास्त्रीय नृत्यांगना और अभिनेत्री सुधा चंद्रन ने कहा कि परिस्थितियों को अपनी पहचान न बनने दें. उन्होंने लोगों को हिम्मत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया.
दृष्टिबाधित उद्यमी श्रीकांत बोला, जो Bollant Industries के संस्थापक हैं, ने कहा कि “अगर आप असंभव का सपना नहीं देखेंगे, तो उसे हासिल भी नहीं कर पाएंगे.”
इस कार्यक्रम में अडाणी एबिलिटी अवॉर्ड्स भी दिए गए. ये पुरस्कार गौतम अडाणी ने प्रदान किए. पुरस्कार पाने वालों में अजय कुमार रेड्डी (ब्लाइंड क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान), आयुषी डबास (आईएएस अधिकारी), लेफ्टिनेंट कर्नल सी. द्वारकेश, मालविका अय्यर (दिव्यांग अधिकार कार्यकर्ता), शीला शर्मा (कलाकार), श्रीकांत बोला, सुधा चंद्रन, अलीना आलम (मिट्टी कैफे की संस्थापक) और मीरा शेनॉय (Youth4Jobs की संस्थापक) शामिल रहे. भारतीय ब्लाइंड महिला क्रिकेट टीम के सदस्यों को भी सम्मानित किया गया.
पिछले पांच वर्षों में ग्रीनएक्स टॉक्स अडाणी समूह के भीतर एक खास मंच बन गया है, जो उन लोगों को सम्मान देता है जो अपनी मेहनत और साहस से नई मिसाल कायम करते हैं. कार्यक्रम का मुख्य संदेश यही रहा कि महत्वाकांक्षा तरक्की दिलाती है, लेकिन चरित्र उसे लंबे समय तक बनाए रखता है.