Wrestlers Vs WFI Chief: पहलवान बनाम बृजभूषण शरण सिंह केस में बुधवार को बड़ा अपडेट सामने आया है। दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने एएनआई को बताया कि अब तक उन्हें बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी को लेकर पर्याप्त सबूत नहीं मिले हैं। 15 दिनों के भीतर कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल कर दी जाएगी। यह चार्जशीट या अंतिम रिपोर्ट हो सकती है। पहलवानों के यौन शोषण के दावे को साबित करने वाला कोई सबूत नहीं मिला है।
उधर, यौन शोषण का आरोप लगाने वाली नाबालिग पहलवान के बालिग होने का दावा किया जा रहा है। पहलवान रोहतक की रहने वाली है। उसके चाचा ने दावा किया सरकारी नौकरी का लालच देकर उनकी भतीजी से इस तरह के आरोप लगवाए गए हैं। उन्होंने स्कूल से मिले बर्थ सर्टिफिकेट के आधार पर उसके बालिग होने की पुष्टि की है। दिल्ली पुलिस बृजभूषण पर दर्ज हुए पॉक्सो एक्ट को भी हटा सकती है।
आरोप साबित हुआ तो खुद फांसी पर लटक जाऊंगा
वहीं, बृजभूषण शरण सिंह ने बुधवार को यूपी के बाराबंकी में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि मैंने कहा था कि अगर एक भी आरोप मेरे ऊपर साबित हो जाएगा तो मैं स्वयं फांसी पर लटक जाऊंगा। आज भी मैं उसी बात पर कायम हूं। 4 महीने हो गए वो मेरी फांसी चाहते हैं, लेकिन सरकार मुझे फांसी नहीं दे रही है तो वो (पहलवान) अपना मेडल लेकर गंगा में बहाने जा रहे हैं। मुझ पर आरोप लगाने वालों गंगा में मेडल बहाने से बृज भूषण को फांसी नहीं मिलेगी। अगर तुम्हारे पास सबूत है तो न्यायलय को दो और न्यायालय मुझे फांसी देगा तो मुझे वो स्वीकार है।
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि मैं आल्हा (लोकगीत) नहीं जानता हूं। लेकिन एक लाइन याद आती है कि एक्कै उदल के जियरा पर चमके तीन लाख तलवार...। दरसअल, आल्हा-उदल बुंदेलखंड के वीर भाई थे। जिनकी वीरता की कहानियां आल्हा के जरिए गाई जाती है। मौजूदा परिस्थितियों में बृजभूषण ने खुद की तुलना उदल के साहस से की है।
ओवेसी बोले- अब देखिए क्या हो रहा है?
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने दिल्ली पुलिस और बीजेपी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस ने कह दिया कि उनके पास सबूत नहीं हैं...जब CAA का विरोध हो रहा था, जब शाहीन बाग हो रहा था तब सब लोग बैठकर तमाशा देख रहे थे। जब किसानों का आंदोलन हो रहा था तब सब लोग बैठकर तमाशा देख रहे थे। अब देखिए क्या हो रहा है। पहलवानों के मामले पर अब दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार को ही बताना होगा।
दीपेंद्र हुड्डा बोले- BJP के नेताओं से बेटी बचाओ
कांग्रेस नेता दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि अपने प्राण समान मेडल को हमारी बेटियां और खिलाड़ी कल हरिद्वार लेकर पहुंचे, सोचिए उनके मन में कितना दुख और टीस रही होगी। इस असंवेदनशील, निर्दयी और जुल्मी सरकार ने देश की बेटियों को ऐसा सोचने पर मजबूर किया। पूरी मोदी सरकार और BJP ने ऐसे आरोपी को बचाने के लिए अपनी पूरी मशीनरी झोंक दी है, जिस पर देश की बेटियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। क्या कारण है? 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' का नारा बदलकर अब 'BJP के नेताओं से बेटी बचाओ' हो गया है।