Why Rivers In Nepal Are Threat to UP-Bihar: नेपाल में भारी बारिश और फ्लैश फ्लड भारत, खासकर यूपी और बिहार के लिए बड़ी चिंता का कारण बन सकती हैं. इन दोनों राज्यों की नेपाल के साथ खुली और भौगोलिक तौर पर जुड़ी सीमाएं हैं, और हिमालय से निकलने वाली कई नदियां भारत के मैदानी इलाकों में दाखिल होती हैं. जब भारी बारिश के कारण नेपाल में नदियों और उनकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ता है, तो पानी की भारी मात्रा नीचे की तरफ भारत में आ सकती है, जिससे बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है.

नेपाल की बाढ़ का यूपी-बिहार पर असर क्यों?

नेपाल का हिमालयन रीजन काफी ढलान वाला है, जिसका मतलब है कि बारिश का पानी पहाड़ों से तेजी से दक्षिणी मैदानी इलाकों की ओर बह सकता है. बहुत ज्यादा बारिश के दौरान, नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है और वो अपने साथ पानी, गाद और मलबा बहाकर नीचे ला सकती हैं. जब ये नदियां यूपी और बिहार के समतल मैदानी इलाकों में दाखिल होती हैं, तो पानी बहुत बड़े इलाके में फैल सकता है. ऐसी घटनाओं के दौरान तटबंधों, वाटर ड्रेनेज सिस्टम और निचले इलाकों में बसी बस्तियों पर भारी दबाव पड़ सकता है.

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यूपी की खतरे वाली नदियां

1.घाघरा: घाघरा पूर्वी यूपी के बाढ़ से जुड़े रिस्क वाले इलाकों में बहने वाले सबसे अहम नदियों में से एक है, इसे सरयू भी कहा जाता है. नेपाल के हिमालयन रीजन से निकलने के बाद, ये भारत में एंट्री करती है और गंगा में मिलने से पहले बहराइच, गोंडा, अयोध्या और आसपास के जिलों से होकर बहती है. ऊपरी इलाकों में भारी बारिश से इसका जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है, जिससे इसके किनारे बसे गांवों और खेतों को खतरा हो सकता है.

      2.राप्ती: ये नदी भी नेपाल से निकलती है और तराई इलाके से होते हुए यूपी में एंट्री करती है. ये श्रावस्ती, बलरामपुर, गोंडा और गोरखपुर जैसे इलाकों से होकर बहती है. ये नदी बाढ़ लाने के लिए जानी जाती है, खासकर तब जब लंबे समय तक बारिश से इसका जलस्तर बढ़ जाता है और आसपास के ड्रेनेज चैनल पानी का प्रेशर नहीं झेल पाते.

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      3.गंडक: गंडक नदी भी नेपाल से निकलती है और यूपी के कुछ हिस्सों से बहने के बाद बिहार में दाखिल होती है. इसकी सहायक नदियां और बदलता जलस्तर राज्य के पूर्वी और उत्तर-पूर्वी इलाकों के पास बाढ़ का कारण बन सकते हैं.

      (Photo-Gemini)

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      बिहार की नदियां

      1.कोसी: अक्सर बिहार की सबसे खतरनाक नदियों में से एक मानी जाने वाली कोसी नदी, बिहार में एंट्री करने से पहले नेपाल और तिब्बत के हिमालयी क्षेत्रों से निकलती है, इसे 'बिहार का शोक' भी कहा जाता है. नदी के जरिए बहाकर लाई गई भारी मात्रा में गाद इसके रास्ते को बदल सकती है और पूरे राज्य में बाढ़ का खतरा बढ़ा सकती है.

      2.बागमती: बागमती नदी नेपाल से निकलती है और बिहार में भी बहती है, जहां ये बाढ़ के खतरों वाले कई जिलों से होकर गुजरती है. मॉनसून की भारी बारिश के दौरान, इसका जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है और आस-पास के इलाकों में बाढ़ ला सकता है.

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      3.कमला-बालन: ये नदी भी नेपाल के महाभारत रेंज और चुरिया हिल्स से निकलकर बिहार में प्रवेश करती है. बरसात की भारी बारिश के समय, खासकर उत्तर बिहार के निचले इलाकों में, ये बाढ़ का कारण बनती है. खगड़िया और मधुबनी जिले इससे सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं.

      4.गंडक: भारत के यूपी में एंट्री करने के बाद गंडक गंगा में मिलने से पहले बिहार से होकर बहती है. नेपाल में इसके कैचमेंट एरियाज में भारी बारिश से पानी के फ्लो में अचानक इजाफा हो सकता है, जिससे बांधों और आसपास की बस्तियों पर दबाव पड़ सकता है.

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