केरल हाईकोर्ट ने एक पति को वो घर खाली करने का आदेश दिया है, जिसमें वह रह रहा था और उसकी टाइटल डीड में उसका भी नाम था. यह मामला केरल के कन्नूर जिले का है, जहां थालास्सेरी के रहने वाले कुरुडंकांडी की 15 सितंबर 2012 में शेरीफ से शादी हुई थी. कोर्ट में पेश किए गए दस्तावेजों के मुताबिक, शेरीफ के पिता ने कुरुडंकांडी को 5000 सऊदी रियाल गिफ्ट किए थे और अपनी बेटी और दामाद के ज्वाइंट नाम पर घर खरीदा था. अब कोर्ट ने पत्नी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए तीन महीने के अंदर प्रॉपर्टी खाली करने का आदेश दिया है.
शादी के बाद शेरीफ अपने पति के साथ विदेश शिफ्ट हो गईं थी. कुछ समय विदेश में रहने के बाद दोनों भारत लौट आए. कुरुडंकांडी को समय समय पर अपने ससुर से आर्थिक मदद मिलती रही. एक बार घर की मरम्मत करवानी थी, तो शेरीफ के पिता ने कुरुडंकांडी को 5.5 लाख रुपये दिए थे.
अब शेरीफ का कहना है कि, कुरुडंकांडी का व्यवहार समय के साथ बदलता चला गया और उसके साथ रहना मुश्किल हो गया. दोनों में काफी झगड़े होने लगे, जिसके बाद दोनों की शादी टूट गई. इसके बाद शेरीफ ने उससे अपने सोने के गहने वापस मांगे और घर पर अपना हक जताया. उसका कहना था कि उसके पिता ने इस घर के लिए पूरी कीमत चुकाई थी.
कोर्ट में बातचीत के जरिए मामले को सुलझाने की कोशिश की गई. कुरुडंकांडी ने शेरीफ के पिता के बैंक खाते में 3 लाख रुपये जमा कर दिए. लेकिन उन्होंने ना तो घर खाली किया और न ही उसके लिए पैसे दिए. कुरुडंकांडी ने शेरीफ के पिता के दावे को चुनौती देते हुए कहा कि घर उनके भाई से मिले पैसों से खरीदा गया था. कुरुडंकांडी के भाई भी गल्फ में काम करते हैं. लेकिन वह कोर्ट में अपना दावा साबित नहीं कर सके.
शादी के समय मंजेरी म्युनिसिपैलिटी में स्थित इस घर के लिए शेरीफ के पिता ने 30 लाख रुपये दिए थे. घर के कागजात कुरुडंकांडी और शेरफी दोनों के नाम हैं. घर के कागजात अभी भी शेरीफ के पिता के पास हैं. इस घर के लिए पैसे चुकाने के लिए शेरीफ के पिता ने बैंक से 25 लाख रुपये का होम लोन लिया था.