कई लोगों को लगता है कि बीवी को पैसा गिफ्ट कर दो, वो FD करा लेगी और उस पर मिलने वाले ब्याज पर टैक्स कम लगेगा. ये ट्रिक बहुत पुरानी है और इनकम टैक्स विभाग भी ये सब अच्छे से जानता है. इसीलिए Income Tax Act में Section 64 बनाया गया है, जिसे क्लबिंग ऑफ इनकम कहते हैं.
सीधी भाषा में समझो तो अगर आपने अपनी कमाई से बीवी को पैसा दिया तो उस पैसे से जो भी कमाई होगी, वो आपकी ही कमाई में जोड़ी जाएगी और टैक्स आपको ही देना पड़ेगा.
क्लबिंग ऑफ इनकम कैसे काम करती है?
मान लीजिए आपने अपनी पत्नी को 5 लाख रुपये दिए और उन्होंने उससे FD करा ली. उस FD पर साल का 40 हजार ब्याज आया. तो ये 40 हजार आपकी इनकम में जुड़ेगा, आपकी पत्नी की इनकम में नहीं. चाहे FD उनके नाम पर ही क्यों न हो. यही नियम सोना, म्यूचुअल फंड, शेयर, किसी भी इन्वेस्टमेंट पर लागू होता है. एक और नियम ये भी है कि अगर आपकी पत्नी को किसी ऐसी कंपनी से सैलरी मिल रही है जहां आपका बड़ा हिस्सा है, तो उनकी सैलरी भी आपकी इनकम में जोड़ी जा सकती है, उसमें जिसका टोटल इनकम ज्यादा होगा.
हालांकि अगर आपकी पत्नी के पास खुद की कोई टेक्निकल या प्रोफेशनल डिग्री है, जैसे डॉक्टर, CA, वकील, टीचर और वो अपनी काबिलियत से कमा रही है, तो क्लबिंग नहीं होगी.
तो फिर टैक्स कैसे बचाएं? जानें लीगल तरीके
ये सब गैरकानूनी नहीं है, लेकिन थोड़ी स्मार्ट प्लानिंग से आप लीगल तरीके से बच सकते हैं.
- माता-पिता को गिफ्ट करें: ये सबसे सेफ है. अगर आप अपने माता-पिता को पैसा देते हैं और वो FD कराते हैं, तो उस पर जो ब्याज मिलेगा वो उन्हीं के हाथ में टैक्स होगा. पति-पत्नी में क्लबिंग है, माता-पिता में नहीं.
- PPF में निवेश: PPF का ब्याज तो वैसे भी टैक्स फ्री है. आप अपनी पत्नी या नाबालिग बच्चे के नाम पर भी PPF खोल सकते हो. आप 1.5 लाख की लिमिट तक अलग-अलग अकाउंट में डाल सकते हो, ब्याज पर कोई टैक्स नहीं लगेगा, चाहे क्लबिंग हो भी तो.
- शादी पर मिला गिफ्ट: शादी के मौके पर मिला कोई भी गिफ्ट, चाहे किसी से भी मिला हो, गिफ्ट टैक्स में नहीं आता. लेकिन हां, उस गिफ्ट के पैसे को अगर बाद में निवेश किया और उस पर कमाई हुई तो उस कमाई पर टैक्स लगेगा और वो टैक्स उसी का होगा जिसे गिफ्ट मिला था.
याद रखें कि बीवी को गिफ्ट देकर टैक्स बचाने का जमाना गया. पैसा उन्हीं का रहेगा, पर टैक्स की टेंशन आपकी ही रहेगी. इसलिए प्लानिंग सोच-समझकर करें.