देश में इस समय आवारा कुत्तों को लेकर बहस चल रही है। हाल ही सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में कुत्तों को लेकर आदेश जारी किए थे। कोर्ट ने कहा कि इन कुत्तों को शेल्टर होम में रखा जाए। जिसके बाद इस पर आम और खास लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई है। इस बीच कर्नाटक में JDS के नेता एसएल भोजेगौड़ा ने ऐसा बयान दे दिया है जिस पर हंगामा मच हुआ है। दरअसल उनका कहना है कि जब वह चिक्कमगलुरु नगर परिषद के अध्यक्ष थे उस समय उन्होंने 2500 कुत्तों को मरवाकर पेड़ों के नीचे दफनाया था। उन्होंने ऐसा इसलिए किया था कि कुत्ते प्राकृतिक खाद्य बन सकें।
कौन हैं एसएल भोजेगौड़ा?
दरअसल एसएल भोजेगौड़ा जनता दल सेक्युलर पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। वर्तमान में भोजेगौड़ा विधान परिषद के सदस्य हैं। उन्हें जेडीएस का चाणक्य भी कहा जाता है। आवारा कुत्तों को लेकर चल रहे मामले को लेकर उन्होंने सदन में ऐसा बयान दे दिया, जिसने उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है। हालांकि उन्होंने खुद का बचाव करते हुए कहा कि उस समय नगर परिषद में कुत्तों का बहुत आतंक था। जिसके चलते उन्हें ऐसा आदेश देना पड़ा। अब अपने बयान के चलते भोजेगौड़ा पशु प्रेमियों के निशाने पर हैं।
मांस में जहर मिलाकर कुत्तों को खिलाया
एसएल भोजेगौड़ा 12 अगस्त को कर्नाटक विधान परिषद के मानसून सत्र के दौरान स्पीच दे रहे थे। तभी उन्होंने आवारा कुत्तों को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि वह जब चिक्कमगलुरु नगर परिषद का अध्यक्ष थे, तब उनके क्षेत्र में आवारा कुत्तों का बहुत आतंक था। कुत्ते कई बच्चों पर हमला कर चुके थे। इस पर क्षेत्र के लोगों ने उनसे शिकायत की। पहले उन्होंने कुत्तों को क्षेत्र से हटाने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद उन्होंने मांस में जहर मिलाकर कुत्तों को खिलवा दिया। इसके बाद एक-एक कर 2800 कुत्तों की मौत हो गई।
नारियल पेड़ों के नीचे और कॉफी बागानों में दफनाई बॉडी
भोजेगौड़ा ने आगे बताया कि भारी संख्या में कुत्तों के मारे जाने के बाद उनकी बॉडी को नारियल पेड़ों के नीचे और कॉफी बागानों में दफना दिया। जिससे की कुत्तों की बॉडी की खाद्य बन सके। भोजेगौड़ा के इस बयान को सुनकर सदन में बैठे अन्य नेता हैरान रह गए। कुछ नेताओं ने भोजेगौड़ा के इस कृत्य को बहुत गलत बताया, लेकिन सदन में उनका ज्यादा विरोध नहीं हुआ। इसके बाद उनका यह बयान देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।