Who Is Virender Singh Basoya: दुबई से भारत लाए गए वीरेंद्र सिंह बसोया को कथित तौर पर अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी का सरगना माना जाता है. अमित शाह ने इस आरोपी वापसी को ड्रग ट्रैफिकिंग पर रोक लगाने और इंटरनेशनल नारकोटिक्स नेटवर्क को खत्म करने की सरकार की कोशिशों में एक अहम कदम बताया. केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने बसोया को यूएई से वापस लाया है. उन्होंने इसे ड्रग्स के खिलाफ भारत की 'जीरो-टॉलरेंस' नीति में एक और 'नया मील का पत्थर' बताया.
अमित शाह ने क्या कहा?
गृह मंत्री ने कहा, 'ऊपर से नीचे, और नीचे से ऊपर तक की जांच प्रक्रिया अपनाकर अपराधी का पता लगाने के बाद, हमारी एजेंसियों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि ड्रग तस्कर चाहे कहीं भी छिप जाएं, वो भारतीय कानून की लंबे हाथों से बच नहीं सकते.' गौरतलब है कि पुणे कोर्ट में आज बसोया की पेशी है. उसे जून 2026 में यूएई में इंटरपोल के रेड नोटिस के आधार पर गिरफ्तार किया गया था.
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कौन है वीरेंद्र सिंह बसोया?
वीरेंद्र सिंह बसोया को एक भगोड़ा ड्रग तस्कर बताया जाता है, जिसका कनेक्शन कथित तौर पर कोकीन के एक इंटरनेशनल सिंडिकेट से है. उनका नाम पुणे में ड्रग्स के एक बड़े मामले में सामने आया था, जिसमें पकड़े गए नशीले पदार्थों की कीमत लगभग ₹6,000 करोड़ आंकी गई थी. ये मामला ऑर्गेनाइज्ड ड्रग नेटवर्क के बड़े जांच का हिस्सा है, जो कथित तौर पर कई देशों में काम करते हैं और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की नजर से बचने के लिए इंटरनेशनल रास्तों का इस्तेमाल करते हैं.
बसोया के खिलाफ रेड नोटिस
एनसीबी ने पहले रेड नोटिस के जरिए बसोया का पता लगाने के लिए अंतरराष्ट्रीय मदद मांगी थी. ऐसे नोटिस दुनिया भर में जारी किए जाते हैं ताकि वांछित व्यक्तियों की पहचान की जा सके और प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पर विचार होने तक उन्हें अस्थायी रूप से हिरासत में लिया जा सके. इसके बाद भारतीय अधिकारियों और यूएई की एजेंसियों की मदद से बसोया को दुबई में पकड़ा गया और भारत वापस लाया गया.
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संदीप धूनिया से लिंक
खबरों के मुताबिक वीरेंद्र सिंह बसोया का कनेक्शन संदीप धूनिया से भी रहा है, जिसे दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज 13000 करोड़ रुपये के ड्रग्स सीज करने के एक अलग मामले में मुख्य आरोपी के तौर पर पहचाना गया है. धूनिया कथित तौर पर दुबई से भागकर पाकिस्तान पहुंच गया था, जिससे वो इंटरनेशनल ड्रग नेटवर्क की चल रही जांच में एक और बड़ा टारगेट बन गया है. भारतीय एजेंसियां बसोया के प्रत्यर्पण को बड़े ड्रग सिंडिकेट का पता लगाने और उसे खत्म करने की दिशा में एक अहम कदम मान रही हैं.
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