Who is Rashmi Shukla, became first woman DGP of Maharashtra Police
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Who is IPS Rashmi Shukla in Hindi Maharashtra DGP: महाराष्ट्र पुलिस को पहली महिला डीजीपी मिल गई है। आईपीएस रश्मि शुक्ला को महाराष्ट्र पुलिस की पहली महिला डीजीपी बनाया गया है। गृह विभाग ने गुरुवार को इस संबंध में आदेश जारी किए। आइए जानते हैं कि महाराष्ट्र पुलिस की पहली महिला डीजीपी का गौरव प्राप्त करने वाली रश्मि शुक्ला कौन हैं...
महिलाओं की सुरक्षा के लिए 'बडी कॉप' जैसी पहल शुरू की
रश्मि शुक्ला राज्य की सबसे वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों में से एक हैं। वह 1988 बैच की आईपीएस हैं। रश्मि शुक्ला की छवि सक्रिय अधिकारी की रही है। उन्हें महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने के लिए 'Buddy Cop' जैसी कई पहल शुरू करने के लिए जाना जाता है। पुणे में वह पुलिस आयुक्त के रूप में भी काम कर चुकी हैं। यह पहल कॉल सेंटरों और सॉफ्टवेयर कंपनियों में रात को काम करने वाली महिलाओं की सुरक्षा के लिए की गई थी। इसके तहत पुणे पुलिस ने हर पुलिस स्टेशन में 10 पुलिसकर्मियों को हर 100-150 कामकाजी महिलाओं पर 'बडी कॉप' नियुक्त किया था।
खुफिया विभाग (SID) की प्रमुख
रश्मि शुक्ला महाराष्ट्र में खुफिया विभाग (SID) की भी प्रमुख रह चुकी हैं। हालांकि शुक्ला को एमवीए सरकार ने एसआईडी प्रमुख पद से हटाकर सिविल डिफेंस में नॉन एग्जीक्यूटिव पद पर भेज दिया गया था। इसके बाद वह केंद्र से डेपुटेशन पर एडीजी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के रूप में हैदराबाद चली गई थीं।
सुधीर मुनगंटीवार ने अक्टूबर में ही दे दी थी बधाई
खास बात यह है कि राज्य मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने अक्टूबर में उन्हें पहले ही डीजीपी पद की बधाई दे दी थी। हालांकि बाद में उन्होंने एक्स पर किए गए पोस्ट को डिलीट कर दिया था।
दरअसल, राज्य सरकार ने पूर्व डीजीपी रजनीश सेठ को महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) का अध्यक्ष नियुक्त कर दिया था। ऐसे में वरिष्ठता के मामले में रश्मि शुक्ला डीजीपी बनने के लिए सबसे बड़ी दावेदार थीं। जैसे ही रजनीश सेठ को नियुक्त करने का आदेश जारी हुआ, सुधीर मुनगंटीवार ने रश्मि शुक्ला को डीजीपी पद की बधाई दे दी। हालांकि अब उनका डिलीट किया गया ये पोस्ट सच साबित हुआ है।
लग चुके हैं आरोप
रश्मि शुक्ला पर शिव सेना (UBT) नेता संजय राउत, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता एकनाथ खडसे और महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले के फोन टैपिंग के आरोप लग चुके हैं। हालांकि बॉम्बे हाई कोर्ट इन मामलों को खारिज कर चुकी है। उन पर एक गोपनीय रिपोर्ट लीक करने का भी आरोप लगा था, जब वह जब वह एसआईडी की आयुक्त थीं।
हालांकि उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक सेवा के हित में काम करने का हवाला देते हुए इन आरोपों को खारिज कर दिया था। रश्मि शुक्ला का कार्यकाल फिलहाल 6 महीने का रहेगा। इसके बाद उनका कार्यकाल बढ़ाया जा सकता है।
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