आंध्र प्रदेश के पलनाडु जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां राज्य की पूर्व मंत्री और वाईएसआरसीपी (YSRCP) नेता विदादला रजनी को एक महिला सब-इंस्पेक्टर ने कथित तौर पर धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया. यह पूरी घटना चिलकलूरिपेटा में पूर्व मंत्री के आवास के बाहर हुई, जिसके बाद मौके पर भारी हंगामा और तनाव की स्थिति पैदा हो गई. जानकारी के मुताबिक, YSRCP नेता और यड्लापाडु ZPTC के उम्मीदवार पंदुला बुल्लब्बायी पूर्व मंत्री विदादला रजनी से मिलने उनके आवास पर पहुंचे थे. मौके पर तैनात चिलकलूरिपेटा ग्रामीण पुलिस ने उन्हें घर के अंदर जाने से रोक दिया.
जब विदादला रजनी को इस बात की खबर मिली तो वह खुद बाहर आईं और पुलिस कर्मियों से अपने पार्टी नेता को रोके जाने का कारण पूछा. बातचीत के दौरान स्थिति बहस में बदल गई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इसी तकरार के बीच चिलकलूरिपेटा ग्रामीण थाने की महिला SI ने विदादला रजनी को धक्का दे दिया, जिससे वह संतुलन खोकर जमीन पर गिर पड़ीं.
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‘पागल हो गई हो क्या, क्या मुझे मारना चाहती हो?’
जमीन पर गिरने के बाद विदादला रजनी का गुस्सा फूट पड़ा. उन्होंने पुलिस अधिकारी के व्यवहार पर तीखी आपत्ति जताते हुए कहा, “तुम्हें यहां किसने भेजा है? पागल हो गई हो क्या? क्या हमें जान से मारना चाहती हो? पिछले तीन दिनों से हमें घर से बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है. अपनी सीमा में रहो, क्या एक महिला होने के नाते तुम्हें ऐसा व्यवहार शोभा देता है?” उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें जानबूझकर नुकीले पत्थरों की तरफ धकेला गया, जिससे उन्हें गंभीर चोट आ सकती थी.
कौन हैं विदादला रजनी?
विधादला रजनी आंध्र प्रदेश की राजनीति में एक जाना-माना नाम हैं. वह राज्य की पिछली वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुकी हैं. उन्होंने स्वास्थ्य, परिवार कल्याण और चिकित्सा शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली है. वह चिलकलूरिपेटा विधानसभा क्षेत्र से विधायक भी चुनी गई थीं और राज्य के तटीय जिलों में वाईएसआरसीपी की प्रमुख महिला नेताओं में गिनी जाती हैं.
बी-फॉर्म देने को लेकर हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों के चलते पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर कई YSRCP नेताओं को घरों में नजरबंद कर रखा है. इसी बीच यड्लापाडु ZPTC उम्मीदवार को पार्टी का ‘बी-फॉर्म’सौंपने के सिलसिले में पूर्व मंत्री रजनी अपने आवास से बाहर आने की कोशिश कर रही थीं.
उन्हें रोकने के लिए मौके पर तैनात चिलकलूरिपेटा ग्रामीण थाने की महिला सब-इंस्पेक्टर (SI) प्रियंका ने कड़ा रुख अपनाया. जब विदादला रजनी ने आगे बढ़ने की कोशिश की तो महिला एसआई ने उन्हें रोकने के लिए धक्का दे दिया. धक्का इतना तेज था कि पूर्व मंत्री संतुलन खो बैठीं और जमीन पर गिर पड़ीं.
घटना के बाद इलाके में तनाव
पूर्व मंत्री के साथ उनके ही घर के बाहर हुए इस व्यवहार के बाद स्थानीय समर्थकों में भारी आक्रोश फैल गया. कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौके पर जुटने लगे और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. पार्टी का आरोप है कि सत्ताधारी गठबंधन के दबाव में पुलिस विपक्षी नेताओं को नामांकन और प्रचार से रोक रही है. पार्टी नेताओं का कहना है कि एक पूर्व मंत्री और महिला जनप्रतिनिधि के साथ इस तरह का बर्ताव पूरी तरह से अनुचित और निंदनीय है. फिलहाल चिलकलूरिपेटा में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है.
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