हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

17 साल की रिद्धि चौहान कौन हैं? 300 अमेरिकी नेवी कैडेट्स की कमान संभालकर बनीं चर्चा का विषय

Riddhi Chauhan: न्यूयॉर्क के हाई स्कूल में 300 अमेरिकी नेवी कैडेट्स को कमांड करने वाली 17 वर्षीय भारतीय-अमेरिकी रिद्धि चौहान बटालियन कमांडिंग ऑफिसर हैं. उनका चयन प्रतिष्ठित अमेरिकी नेवल एकेडमी प्रिपरेटरी स्कूल में हुआ है. आइये उनके बारे में विस्तार से जानते हैं.

विज्ञापन
रिद्धि चौहान कौन हैं?

रिद्धि चौहान की कहानी:

  • 17 साल की रिद्धि चौहान अपने स्कूल के NJROTC यूनिट में सबसे बड़े पद यानी बटालियन कमांडिंग ऑफिसर के रूप में 300 कैडेट्स को संभालती हैं.
  • रिद्धि को नेवल एकेडमी प्रिपरेटरी स्कूल में दाखिला मिल गया है, जिससे उनका अमेरिकी नौसेना में ऑफिसर बनने का रास्ता साफ हो गया है.
  • उन्होंने न सिर्फ नेशनल लेवल के एकेडमिक एग्जाम में अपने स्कूल को जीत दिलाई, बल्कि बटालियन का पहला अंडरवॉटर रोबोट भी डेवलप किया.
  • रिद्धि का परिवार मूल रूप से जयपुर, राजस्थान का रहने वाला है और उनके माता-पिता का नाम रूचिका और दिलीप चौहान है.
  • रिद्धि अपनी इस शानदार लीडरशिप और कामयाबी के पीछे महंत स्वामी महाराज की शिक्षाओं और BAPS स्वामीनारायण संस्था के संस्कारों को मानती हैं.

जहां एक तरफ ज्यादातर टीनेजर्स सुबह स्कूल जाने की तैयारी में लगे होते हैं, वहीं 17 साल की रिद्धि चौहान सुबह 7 बजे से ही ड्रिल फील्ड पर करीब 300 कैडेट्स को लीड कर रही होती हैं. भारतीय-अमेरिकी मूल की रिद्धि क्वींस के बेंजामिन एन. कार्डोजो हाई स्कूल की छात्रा हैं. वह अपने स्कूल के नेवी जूनियर रिजर्व ऑफिसर्स ट्रेनिंग कॉर्प्स (NJROTC) यूनिट में बटालियन कमांडिंग ऑफिसर के पद पर तैनात हैं. यह इस पूरे प्रोग्राम में किसी भी स्टूडेंट को मिलने वाला सबसे बड़ा लीडरशिप पोजिशन है. हाल ही में रिद्धि को नेवल एकेडमी प्रिपरेटरी स्कूल में एडमिशन मिला है, जो अमेरिकी नौसेना में कमिशन्ड ऑफिसर बनने के उनके सपने की तरफ एक बहुत बड़ा कदम है.

एकेडमिक्स से लेकर रोबोटिक्स तक का सफर

रिद्धि ने अपने कॉन्फिडेंस और लीडरशिप स्किल्स को बेहतर बनाने के लिए फर्स्ट ईयर में NJROTC प्रोग्राम जॉइन किया था. इसके बाद उन्होंने लगातार मेहनत की और एकेडमिक कमांडर, स्टेम कमांडर, प्लाटून लीडर और इंस्पेक्शन कमांडर जैसे कई पदों पर काम करते हुए बटालियन कमांडिंग ऑफिसर की जिम्मेदारी संभाली. उनकी उपलब्धियां सिर्फ लीडरशिप तक सीमित नहीं हैं. उनके नेतृत्व में स्कूल की टीम ने लीडरशिप एंड एकेडमिक बाउल के दूसरे दौर में जगह बनाई और नेशनल एकेडमिक एग्जाम में पहला स्थान हासिल किया. उन्होंने बटालियन का पहला सीपर्च (SeaPerch) अंडरवॉटर रोबोट भी तैयार करवाया, जिससे जूनियर कैडेट्स को रोबोटिक्स और इंजीनियरिंग का प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस मिला.

विज्ञापन

यह भी पढ़ें: जम्मू कश्मीर के पुंछ में नहीं थम रहा जंगली भालू का आतंक! मवेशियों समेत 16 से ज्यादा लोगों को बनाया शिकार, दहशत में ग्रामीण

संस्कारों से मिली कामयाबी की सीख

जयपुर, राजस्थान से ताल्लुक रखने वाले रूचिका और दिलीप चौहान की बेटी रिद्धि का मानना है कि लीडरशिप का मतलब दूसरों की सेवा करना और एक सही उदाहरण सेट करना है. वह अपनी इस सफलता और सोच का श्रेय मंहत स्वामी महाराज के दिए विनम्रता और निस्वार्थ सेवा के संस्कारों को देती हैं. वह बीएपीएस (BAPS) स्वामीनारायण संस्था से भी गहराई से जुड़ी हुई हैं, जिसने उनके लीडरशिप स्टाइल को संवारने में बड़ी भूमिका निभाई है. प्रिपरेटरी प्रोग्राम पूरा करने के बाद रिद्धि का अगला लक्ष्य यूनाइटेड स्टेट्स नेवल एकेडमी में शामिल होना है. इतनी कम उम्र में सैकड़ों कैडेट्स को गाइड करने वाली रिद्धि आज हर युवा के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन चुकी हैं.

विज्ञापन

निष्कर्ष:

17 साल की रिद्धि चौहान की यह कहानी साबित करती है कि अगर मन में पक्का अनुशासन, कड़ी मेहनत और सही संस्कार हों, तो उम्र कभी भी बड़ी सफलता हासिल करने में रुकावट नहीं बनती. वह आज के युवाओं के लिए मेहनत और लीडरशिप की एक बेहतरीन मिसाल हैं.

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Raja Alam

राजा आलम वर्तमान में News 24 हिंदी (B.A.G. Network) में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. हिंदी पत्रकारिता में चार वर्षों के अनुभव के साथ नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर बारीकी से लेखन कर रहे हैं. पत्रकारिता की नींव देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU), अलीगढ़ से रखी, जहां से राजा आलम ने पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद, हिंदी लेखन में गहराई को और विस्तार दिया जब राजा ने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से हिंदी साहित्य में एम.ए. की डिग्री प्राप्त की. हर रोज़ कुछ नया सीखना और पाठकों तक सही, निष्पक्ष और भरोसेमंद खबर पहुंचाना उनका मुख्य उद्देश्य रहा है. राजा के लेखन में आपको पत्रकारिता की गंभीरता के साथ-साथ पाठकों से जुड़ने वाली सरल भाषा और कंटेंट की विविधता दोनों मिलेंगे.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola