Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के हुगली जिले से देश के किसानों के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है. पीएम मोदी ने वहां से जिस 'प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना' (PMFBY) की शुरुआत की है, उसे केंद्र सरकार ने दुनिया की सबसे बड़ी फसल बीमा योजना बताया है. खेती-किसानी में बढ़ते जोखिमों के बीच यह योजना देश के अन्नदाताओं के लिए एक बड़ा सुरक्षा कवच बनने जा रही है. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि आखिर यह योजना क्या है और इससे किसानों को क्या फायदे होंगे.
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क्या है दुनिया की सबसे बड़ी फसल बीमा योजना?
अक्सर देखा जाता है कि सूखा, भारी बारिश, बाढ़ या ओलावृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाओं के कारण किसानों की खड़ी फसल बर्बाद हो जाती है. इससे किसान कर्ज के बोझ तले दब जाता है. इसी आर्थिक नुकसान से किसानों को बचाने के लिए इस व्यापक फसल बीमा योजना को नए कलेवर में शुरू किया गया है. इसके तहत अगर किसी प्राकृतिक संकट या अप्रत्याशित जोखिम की वजह से फसल खराब होती है, तो किसानों को उसके नुकसान की पूरी भरपाई (बीमा राशि) मिलेगी.
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प्रीमियम का भारी-भरकम बोझ खुद उठाएगी सरकार
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि किसानों को बीमा के लिए अपनी जेब से बहुत मामूली रकम देनी होगी. बीमा प्रीमियम का एक बहुत बड़ा हिस्सा केंद्र और राज्य सरकार मिलकर खुद वहन करेंगी. इसका सीधा मतलब यह है कि किसानों पर प्रीमियम का कोई बोझ नहीं पड़ेगा, लेकिन उनकी फसल पूरी तरह सुरक्षित हो जाएगी.
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बंगाल के 50 लाख किसानों को सीधे लाभ
साल 2026-27 के दौरान अकेले पश्चिम बंगाल के करीब 50 लाख किसानों को इस योजना के दायरे में लाया जाएगा. इसके तहत राज्य की लगभग 14 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को पूरी तरह इंश्योर्ड (बीमा कवर) किया जाएगा. इस पूरी योजना की अनुमानित वैल्यू 28,140 करोड़ रुपये से भी अधिक है.
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सरकार का लक्ष्य इस योजना के जरिए देश के कोने-कोने तक तकनीक और सुरक्षा का ऐसा जाल बिछाना है, जिससे देश का कोई भी किसान आपदा के समय खुद को बेसहारा न समझे. इस बीमा योजना के साथ ही खेती को डिजिटल बनाने के लिए 'एग्री स्टैक' और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने जैसे बड़े मिशन भी शुरू किए गए हैं, जो आने वाले समय में किसानों की आमदनी बढ़ाने में मददगार साबित होंगे.
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