पंजाब के पटियाला शहर के घूमन नगर इलाके में पिटबुल डॉग का भयानक अटैक हुआ. हालांकि पीड़ितों की जान बच गई, लेकिन पिटबुल अटैक का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है और घटना पर चिंता भी जताई जा रही है. हुआ यूं कि बैंक मैनेजर अंकित सभ्रवाल और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर उनकी पत्नी शेफली सभ्रवाल किराये का मकान देखने के गए थे, जहां पालतू कुत्ते पिटबुल ने अचानक बाहर आकर उन दोनों पर अटैक कर दिया. आइए जानते हैं कि अगर पिटबुल के काटने से मौत हो जाए तो क्या सजा का प्रावधान है? पिटबुल को पालने के लिए नियम क्या हैं और देश में कौन-कौन सी नस्ल के कुत्ते पालने पर प्रतिबंध लगा है?
6 महीने में डॉग बाइट के 30 लाख केस
भारत में डॉग बाइट के केस पिछले काफी समय से चिंता का विषय बने हुए हैं. एक रिपोर्ट के अनुसार, एक जनवरी 2026 से 30 जून 2026 के बीच 3040013 केस डॉग बाइट के दर्ज हुए. वहीं कुत्ते के काटने से रेबीज होने पर 117 लोगों की मौत हो गई. यह आंकड़े चौंकाने वाले और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं.
वहीं पटियाला में हुआ हादसा सिर्फ हादसा नहीं, बल्कि एक चेतावनी है कि हमें डॉग बाइट केसों को गंभीरता से लेना होगा. बता दें कि केंद्र सरकार ने देश में 23 नस्ल के कुत्तों को पालने पर बैन लगाया हुआ है. पिटबुल कुत्ते को पालने पर देश के कई राज्यों में प्रतिबंध लगाए गए हैं और वहीं कुत्तों को पालने के लिए कड़े नियम भी बनाकर लागू किए गए हैं.
पिटबुल के काटने पर सजा का प्रावधान
पिटबुल कुत्ते के अटैक से अगर किसी की मौत हो जाती है तो उसका मालिक कानूनी पचड़े में फंसेगा. कुत्ते के मालिक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) धारा 106(1) के तहत गैर-इरादतन हत्या (लापरवाही से मौत का मामला ) दर्ज होता है. 5 साल की जेल की सजा और जुर्माना लगता है. वहीं पीड़ित परिवार को मुआवजा भी देना पड़ सकता है.
इसके अलावा BNS की धारा 291 (पालतू जानवरों के संबंध में लापरवाही) के तहत पालतू हिंसक जानवर को खुला छोड़ना अपराध है, क्योंकि उससे मानव जीवन को खतरा पैदा होगा. इस मामले में 6 महीने तक की जेल की सजा और 5000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं. वहीं अगर पिटबुल कुत्ते का मालिक जानबूझकर किसी को मारने के इरादे से कुत्ते को उसके ऊपर छोड़ता है तो BNS की धारा 103 (हत्या) के तहत उम्रकैद या मौत की सजा तक हो सकती है.
इन 23 नस्लों के कुत्तों को पालना बैन
मार्च 2024 में केंद्र सरकार ने 23 नस्लों के कुत्तों को खूंखार करार देकर उनको पालने, बेचने-खरीदने और ब्रीडिंग पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए थे. इन 23 नस्लों में पिटबुल टेरियर, टोसा इनु, अमेरिकन स्टैफोर्डशायर टेरियर, फिला ब्रासीलीरो, डोगो अर्जेंटीनो, अमेरिकन बुलडॉग, बोअरबोएल, कांगल, सेंट्रल एशियन शेफर्ड डॉग, कोकेशियान शेफर्ड डॉग, साउथ रशियन शेफर्ड डॉग, टॉर्नजैक, सारप्लानिनैक, जापानी टोसा और अकिता, मास्टिफ, रॉटवीलर, टेरियर्स, रोडेशियन रिजबैक, वुल्फ डॉग्स, कैनारियो, अकबाश डॉग, मॉस्को गार्ड डॉग, केन कोर्सो और बैंडॉग शामिल हैं.
इन राज्यों में कुत्ते पालने पर प्रतिबंध
लेकिन सरकार के निर्देश के खिलाफ कई राज्य हाई कोर्ट पहुंचे और पूरे देश में कुत्तों को पालने पर बैन नहीं लग पाया. आज दिल्ली, चंडीगढ़, गोवा, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु में कुछ नस्लों के कुत्तों को पालने पर प्रतिबंध लगा है. जिन राज्यों में कुत्तों को पालने पर पाबंदी नहीं है, वहां नगर निगम से अनुमति और लाइसेंस लेना अनिवार्य है. अगर अनुमति और लाइसेंस नहीं लिया जाता है तो नगर निगम उनके पालतू कुत्तों को जब्त करके शेल्टर होम में डाल देता है. वहीं 6 महीने में कुत्तों की नसबंदी कराने और घर से बाहर ले जाते समय मूंछ-पट्टा लगाने का नियम भी है. लापरवाही बरतने पर जुर्माना या कानूनी कार्रवाई होगी.
संबंधित खबरें
ड्रॉफ्ट वोटर लिस्ट में नाम कटा, तो फॉर्म-6 भरकर दोबारा जुड़वा लें - EC
1 hr ago'कक्षाएं बंद करें...', लद्दाख ने सोनम वांगचुक के स्कूल को भेजा नोटिस
2 hrs agoआर्मी और नेवी चीफ अब साउथ ब्लॉक के दफ्तर में क्यों नहीं बैठेंगे?
4 hrs ago'सेक्युलर ढांचे…', हटेगी कृषि भवन की 'कदीमी मस्जिद'; केंद्र ने HC में बताया
6 hrs agoप्रलय मिसाइल का सफल परीक्षण, 500 km मारक क्षमता; दुश्मन के लिए बड़ी चुनौती
6 hrs agoइंजीनियरिंग कॉलेज का पानी पीने से 54 छात्र बीमार, टंकी में गिरा था मरा बंदर
7 hrs agoसोमालिया के पास नौसेना ने 20 ईरानी नागरिकों को बचाया
7 hrs agoनेहा बोरा के वीडियो के जरिए BJP ने कांग्रेस को क्यों घेरा?
8 hrs agoदिल्ली-NCR की हवा बिगाड़ रहा PAK? AQI खराब करने के पीछे निकला बड़ा हाथ
8 hrs agoनौकरी की तलाश में रूस गया युवक युद्ध क्षेत्र में फंसा
9 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines