हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

क्या है GPS स्पूफिंग? कितने खतरनाक हो सकते हैं इस टेक्निक के परिणाम

GPS Spoofing: कुछ दिन पहले दिल्ली के ऊपर उड़ने वाले यात्री एयरोप्लेन्स में जीपीएस स्पूफिंग (GPS Spoofing) की समस्या देखने को मिली. इससे समस्या इतनी बढ़ गई कि विमान कहां है, एयर ट्रैफिक कंट्रोल ये नहीं पता लगा पा रहा था.

विज्ञापन
Photo Credit- News24GFX

GPS Spoofing: दुनिया जितनी विकसित हो रही है, उसके फायदे होने के साथ कई नुकसान भी हैं. डिजिटल के दौर में जहां एक तरफ काम बहुत आसान हो गया है, वहीं रिस्क भी ज्यादा बढ़ गया है. पहले हवाई सफर सपना जैसा लगता था, लेकिन आज आसमान में हर वक्त हजारों विमान लोगों को लेकर उड़ते हैं. ये सभी विमान सुरक्षित अपनी मंजिल तक पहुंचे, इसके लिए एयर ट्रैफिक कंट्रोल का तगड़ा सिस्टम काम करता है. कैसा हो अगर ये सिस्टम पता ही न लगा सके कि यात्रियों को लेकर गया विमान कहां पर है? ऐसी स्थिति को GPS स्पूफिंग कहते हैं. जानिए क्या है GPS स्पूफिंग और ये कितनी खतरनाक होती है?

क्या है GPS स्पूफिंग?

GPS स्पूफिंग को आसान शब्दों में समझें तो ये एक तरह का साइबर अटैक होता है. इसके जरिए एक नकली सिग्नल भेजा जाता है, जिससे प्लेन अपने रास्ते पर जाने के बजाय दूसरे गलत रास्ते पर चला जाता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस तकनीक का वॉर के दौरान ड्रोन और मॉनिटरिंग सिस्टम का ध्यान भटकाने के लिए किया जाता है. हालांकि, विमानों में इनर्शियल रेफरेंस सिस्टम जैसे कई बैकअप होते हैं, जो GPS से जुड़ी परेशानियां आने पर स्थिति को संभाल सकते हैं.

ये भी पढ़ें: प्लेन क्रैश की 2025 में अब-तक 19 वारदातें, जानें कब कितने यात्रियों ने गंवाई जान

विज्ञापन

क्यों ये खतरनाक साबित हो सकता है?

जब सड़क पर लोग अपनी गाड़ियां लेकर निकलते हैं, तो उनको बनाए गए ट्रैफिक रूल्स का ध्यान होता है. ये रूल्स किसी भी तरह की अनहोनी से बचाने के लिए बनाए जाते हैं. ऐसे ही ट्र्रैफिक हवाई जहाजों के लिए भी बनाया गया है. विमान अपने रूट पर चलते हैं, क्योंकि अगर ऐसा नहीं हुआ तो हादसा होने का खतरा बढ़ जाता है.

इसीलिए जब GPS स्पूफिंग की समस्या आती है तो विमानों की दूरी एक दूसरे से कम हो सकती है, जिससे हादसा होने का खतरा बढ़ जाता है. साथ ही, इससे लैंडिंग और टेकऑफ में भी दिक्कतें देखने को मिलती हैं.

विज्ञापन

DGCA जारी कर चुका है एडवाइजरी

आमतौर पर इस तरह की समस्याएं भारत-म्यांमार और भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के आसपास देखने को मिलती हैं. दिल्ली में ये समस्या आना बहुत चिंताजनक माना जा रहा है. इसके पहले DGCA स्पूफिंग की समस्याओं के लिए साल 2023 में एडवाइजरी जारी कर चुका है. इसमें एयरलाइन्स से कहा गया था कि इन पर जल्द से जल्द रिपोर्ट पेश जानी चाहिए.

ये भी पढ़ें: हवाई जहाज सीधी लाइन में क्यों नहीं उड़ते? जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट

विज्ञापन

संबंधित खबरें

Tags:

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shabnaz

शबनाज़ खानम एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो वर्तमान में न्यूज़24 में सब एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने इंडिया डेली लाइव, ज़ी न्यूज़ सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों में विभिन्न पदों पर ज़िम्मेदारियां निभाई हैं। शबनाज़ ने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। उन्हें डिजिटल और टीवी दोनों में काम करने का 5 साल का अनुभव प्राप्त है और वे अपने संपादन कौशल, बारीक नज़र और विस्तृत कहानी को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने के लिए जानी जाती हैं। काम के अलावा, उन्हें सिनेमा और लाइफस्टाइल पर बातचीत करना बेहद पसंद है, जो उनकी कहानी कहने की गहरी रुचि को दर्शाता है।
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola