Cigarette Pant: भारतीय सेना ने अपनी फोर्स के भीतर प्रोफेशनलिज्म, अनुशासन और मजबूत भारतीय पहचान को बढ़ावा देने के लिए यूनिफॉर्म और ग्रूमिंग से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव किए हैं. इन नए नियमों के तहत महिला अफसरों को आधिकारिक और औपचारिक कार्यक्रमों में साड़ी, कुर्ता सलवार सेट और टखने तक की लंबाई वाली स्ट्रेट कट ट्राउजर पहनने की मंजूरी दी गई है. इसके साथ ही सेना ने कुछ खास तरह के कैजुअल वेस्टर्न कपड़ों पर पूरी तरह से रोक लगा दी है. सेना का मानना है कि इन बदलावों से पूरी फोर्स में एक जैसे मानक बने रहेंगे और सैन्य गरिमा और मजबूत होगी.
---खबर नीचे जारी है---
क्या होती है सिगरेट पैंट और सेना ने क्यों लगाई इस पर रोक?
नियमों के सख्त होते ही यह सवाल चर्चा में है कि सिगरेट पैंट आखिर क्या है. दरअसल, सिगरेट पैंट एक खास तरह की स्लिम फिट ट्राउजर होती है, जो कमर से लेकर टखनों तक पैरों के आकार के अनुसार पूरी तरह फिट होती है. यह पैंट संकरी और स्ट्रेट कट होती है जो टखने के ठीक ऊपर खत्म होकर एक स्लीक लुक देती है. इसका पतला और सीधा आकार सिगरेट जैसा दिखने के कारण ही इसे सिगरेट पैंट कहा जाता है. सेना के नए यूनिफॉर्म मैनुअल के मुताबिक, इसे कैजुअल वेस्टर्न कपड़ों की श्रेणी में रखा गया है, जो औपचारिक सैन्य कार्यक्रमों की मर्यादा और प्रोफेशनल छवि के अनुकूल नहीं है.
---खबर नीचे जारी है---
---खबर नीचे जारी है---
पलाजो और बिना आस्तीन के कुर्ते भी बैन
सेना के नए नियम सिर्फ सिगरेट पैंट तक ही सीमित नहीं हैं. आधिकारिक कार्यक्रमों के दौरान महिला अधिकारियों के पलाजो और बिना आस्तीन वाले यानी स्लीवलेस कुर्ते पहनने पर भी पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है. सेना का यह नया ड्रेस कोड औपनिवेशिक यानी गुलामी के दौर के प्रभावों से दूर हटकर विशुद्ध भारतीय सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देने की एक बड़ी मुहिम का हिस्सा है. अब महिला अफसरों को ऐसे कपड़े पहनने के लिए कहा जा रहा है जिन्हें सैन्य नियमों के हिसाब से ज्यादा औपचारिक, मर्यादित और सांस्कृतिक रूप से सही माना जाता है.
---खबर नीचे जारी है---
ड्यूटी के दौरान लिपस्टिक और बिंदी पर पाबंदी
कपड़ों के अलावा सेना के मैनुअल में महिला अफसरों के लिए ग्रूमिंग के भी बेहद कड़े नियम तय किए गए हैं. अब ड्यूटी के दौरान या यूनिफॉर्म पहने होने पर महिला अफसरों को लिपस्टिक, रंगीन नेल पॉलिश, बिंदी या नोज पिन लगाने की इजाजत नहीं होगी. हालांकि, शादीशुदा महिला अधिकारियों को सिंदूर लगाने की छूट दी गई है, लेकिन इसके लिए भी यह शर्त रखी गई है कि सिंदूर सेना की टोपी के नीचे छिपा होना चाहिए और बाहर से बिल्कुल दिखाई नहीं देना चाहिए. इन नियमों का मकसद ड्यूटी के वक्त पूरी तरह से प्रोफेशनल दिखना है.
---खबर नीचे जारी है---