हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Asian Games 2026election commissionBigg Boss 20

चिकन नेक क्या है, जिसे सुवेंदु अधिकारी ने केंद्र सरकार को सौंपा, 8 राज्यों को कैसे होगा फायदा?

पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के बाद सिलीगुड़ी कॉरिडोर यानी ‘चिकन नेक’ एक बार फिर से लोगों के बीच चर्चा में है. राज्य की नई बीजेपी सरकार ने इस संवेदनशील इलाके की करीब 120 एकड़ जमीन केंद्र सरकार को सौंपने का फैसला किया है. सरकार का कहना है कि इस जमीन का इस्तेमाल सीमा सुरक्षा, फेंसिंग, राष्ट्रीय राजमार्ग और अन्य रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए होगा.

विज्ञापन

पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के बाद सिलीगुड़ी कॉरिडोर यानी ‘चिकन नेक’ एक बार फिर से लोगों के बीच चर्चा में है. राज्य की नई बीजेपी सरकार ने इस संवेदनशील इलाके की करीब 120 एकड़ जमीन केंद्र सरकार को सौंपने का फैसला किया है. सरकार का कहना है कि इस जमीन का इस्तेमाल सीमा सुरक्षा, फेंसिंग, राष्ट्रीय राजमार्ग और अन्य रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए होगा.

सिलीगुड़ी कॉरिडोर भारत के लिए बेहद अहम माना जाता है, क्योंकि यही संकरा भूभाग पूर्वोत्तर के आठ राज्यों को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने का काम करता है. इस कॉरिडोर की चौड़ाई करीब 22 किलोमीटर और लंबाई लगभग 60 किलोमीटर बताई जाती है.इसकी सीमाएं नेपाल और बांग्लादेश से भी लगती हैं, इसलिए इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है.

बीजेपी ने लगाए टीएमसी पर आरोप

मिली जानकारी के अनुसार, बीजेपी ने पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. बीजेपी का कहना है कि टीएमसी ने सुरक्षा एजेंसियों को इस इलाके में पर्याप्त अधिकार और जमीन उपलब्ध कराने में रुचि नहीं दिखाई. वहीं टीएमसी ने ऐसे आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है. इस बहस के बीच 2020 दिल्ली दंगों के आरोपी शरजील इमाम का पुराना बयान भी फिर चर्चा में है, जिसमें उन्होंने चिकन नेक कॉरिडोर को लेकर विवादित टिप्पणी की थी. इस बयान के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई थी. सम्बंधित ख़बरें

विज्ञापन

क्या है चिकन नेक?

इस पूरे क्षेत्र को ‘चिकन नेक’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि भौगोलिक रूप से इसका आकार मुर्गी की गर्दन जैसा पतला है. यह पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्से में दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी के पास स्थित है. लगभग 60 किलोमीटर लंबे इस पूरे इलाके की सबसे संकरी जगह महज 20 से 22 किलोमीटर चौड़ी है. आकार में छोटा होने के बावजूद यह भारत का सबसे संवेदनशील भूभाग माना जाता है.

यह भी पढ़ें- शुभेंदु सरकार ने पलटा ममता का फैसला, पश्चिम बंगाल में OBC लिस्ट रद्द, नए सिरे से तय होगी योग्यता

विज्ञापन

देश के लिए क्यों है यह महत्वपूर्ण?

भौगोलिक दृष्टि से यह गलियारा भारत के लिए रीढ़ की हड्डी की तरह है. यही वह एकमात्र जमीनी रास्ता है जो देश के बाकी हिस्सों को हमारे आठ उत्तर-पूर्वी राज्यों- असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा से जोड़ता है. यहां से गुजरने वाली मुख्य रेल लाइनें और राष्ट्रीय राजमार्ग ही इन राज्यों तक पहुंचने का एकमात्र जरिया हैं. अगर कभी इस संकरे रास्ते पर कोई संकट आता है, तो उत्तर-पूर्व के इन आठों राज्यों का संपर्क देश के मुख्य भूभाग से पूरी तरह कट सकता है.

चिकन नेक पर अंतरराष्ट्रीय सीमाओं का दबाव

सिलीगुड़ी कॉरिडोर सिर्फ आंतरिक रूप से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि इसकी अंतरराष्ट्रीय सीमाएं इसे और भी संवेदनशील बनाती हैं. यह इलाका नेपाल और बांग्लादेश की सीमाओं से घिरा हुआ है. इसके साथ ही, सिक्किम और तिब्बत की चुंबी वैली सहित भूटान का डोकलाम ट्राई-जंक्शन भी इसके बेहद करीब स्थित है. चीन की नजरें हमेशा इस इलाके के पास टिकी रहती हैं, जिससे इस भूभाग पर किसी भी तरह का प्रशासनिक या ढांचागत व्यवधान पूरे देश की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन सकता है.

विज्ञापन

संबंधित खबरें

Tags:
BJP

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Versha Singh

वर्षा स‍िंह News 24 ड‍िजिटल में बतौर सीन‍ियर सब एड‍िटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्षा को ड‍िजिटल मीड‍िया में 6 साल से अधि‍क का अनुभव है. राष्‍ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और समसमाय‍िक व‍िषयों पर वर्षा की अच्‍छी पकड़ है. इसके अलावा राजनीत‍िक, क्राइम और ट्रेंडिंग खबरें भी ल‍िखती हैं. वर्षा ने मास्टर इन न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी की पढ़ाई माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से की है और जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की है. वर्षा अपने करियर में Jagran New Media, Asia News International (ANI) और ETV Bharat जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं. उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लेखन और समसामयिक घटनाओं, राजनीति, हाइपरलोकल खबरों और मानवीय रुचि से जुड़ी कहानियों को डिजिटल दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का अनुभव है.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola