Extradition treaty: प्रत्यर्पण दो राज्यों या दो देशों के बीच एक कानूनी व्यवस्था है. जिसके तहत किसी प्रत्यर्पणीय अपराध के आरोपी व्यक्ति को मुकदमे के लिए स्थानांतरित किया जाता है. प्रत्यर्पण संधि के तहत यह आवश्यक है कि प्रत्यर्पण चाहने वाला देश यह साबित कर सके कि संबंधित अपराध पर्याप्त रूप से गंभीर है. भारत की दुनिया भर के 50 देशों के साथ प्रत्यर्पण संधि है. अनुमान के अनुसार, भारत में अपराध करने के बाद विदेश भागने वालों की संख्या लगभग 300 के पास है। जिनमें आर्थिक अपराध से लेकर जघन्य अपराध करने वाले शामिल है. भारतीय खुफिया एजेंसियों ने अब तक 180 से अधिक भगोड़ों अपराधियों की लोकेशन की जानकारी लगा चुकी है. देश के ज्यादातर भगोड़े अपराधी ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा, सऊदी अरब और थाईलैंड में ठिकाना बनाए हुए हैं.
इन देशों के साथ है भारत की प्रत्यर्पण संधि
भारत द्वारा दुनिया के लगभग 50 देशों के साथ प्रत्यर्पण संधि की गई है. जिनमें रूस, जर्मनी, अमेरिका, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, यूएई, थाईलैंडा, कनाडा, सऊदी अरब और ब्रिटेन आदि शामिल हैं, इसके अलावा श्रीलंका, इटली, अर्मेनिया, न्यूजीलैंड और स्वीडन समेत 12 देशों के साथ इसके लिए अरेंजमेंट है. इसके बाद भी एक लंबी कानूनी प्रक्रिया है. जिसके कारण इन भगोड़े अपराधियों को भारत लाना आसान नहीं है. भारत सरकार ने इन देशों से अपने यहां के 100 से ज्यादा भगोड़ों के प्रत्यर्पण की अपील की हुई. मगर यह अपील भी काफी समय से पेंडिंग चल रही है. प्रत्यर्पण संधि के अनुसार, एक देश का अपराधी किसी दूसरे देश में चला जाता है तो उसे वापस भेजना होता है. अगर कोई देश अपने भगोड़े अपराधी के प्रत्यर्पण की अपील करता है, तो अपराधी उस देश के कोर्ट में भी अपील कर देता है या फिर शरण मांगता है. इस दौरान अपराधी दलील देता है कि अपने देश की जेल में जान का खतरा है या रास्ते में ही उसकी हत्या हो सकती है.
यह भी पढ़ें- अमेरिका से भारत लाया गया गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई, एयरपोर्ट से सीधे कोर्ट में पेशी के लिए रवाना हुई NIA
प्रत्यर्पण में इसलिए आती है अड़चन
एक्सपर्ट का मानना है कि दूसरे देश भारत में प्रत्यर्पण से पहले यह पुख्ता कर लेना चाहते हैं कि निष्पक्ष ट्रायल होगा. पूछताछ के दौरान प्रताड़ित नहीं किया जाएगा, जेल की हालत अच्छी हो और मृत्युदंड नहीं दिया जाए. भारत इनकी गारंटी देने में नाकाम रहता है तो प्रत्यर्पण में अड़चन आती है. प्रत्यर्पण को लेकर हर देश का अपना कानून है और उसकी अपनी प्रक्रिया है. इंटरनैशनल कानून के तहत राजनीतिक, सैन्य और धार्मिक अपराधी का प्रत्यर्पण नहीं हो सकता है.
विजय माल्या को लाना मुश्किल क्यों?
विजय माल्या देश छोड़कर ब्रिटेन चले गए थे. उन्हें भारत लाना इतना आसान नहीं है. इसका कारण है भारत और ब्रिटेन के बीच प्रत्यर्पण संधि की जटिल प्रक्रिया होना. ब्रिटिश सरकार के अनुसार, बहुराष्ट्रीय कनवेंशन और द्विपक्षीय संधियों के तहत ब्रिटेन दुनिया के लगभग 100 देशों के साथ प्रत्यर्पण संधि रखता है. ब्रिटिश सरकार की वेबसाइट के अनुसार, भारत जिस श्रेणी में है, उसमें शुमार देशों से आने वाले आग्रह पर फैसला ब्रिटेन का विदेश मंत्रालय और अदालतें, दोनों करते हैं. जिसके कारण इसकी प्रक्रिया बहुत लंबी है. मगर इसके बावजूद इस प्रत्यर्पण पर बातचीत हो रही है. वहीं तीन ऐसी स्थिति होती है जिनके होने पर प्रत्यर्पण नहीं किया जा सकेगा. जिसमें – अगर प्रत्यर्पण के बाद व्यक्ति के खिलाफ सजा-ए-मौत का फैसला आने का डर हो तो, अगर आग्रह करने वाले देश के साथ कोई विशेष इंतजाम हो तो, अगर व्यक्ति को किसी तीसरे मुल्क से ब्रिटेन में प्रत्यर्पित किया गया हो तो प्रत्यर्पण नहीं किया जा सकेगा.
यह भी पढ़ें- कौन है लॉरेंस बिश्नोई का छोटा भाई अनमोल? जिसे ढूंढ रही चार राज्यों की पुलिस; लंबी है अपराधों की लिस्ट
संबंधित खबरें
LIVE: भूकंप के झटकों से कांपा असम का नगांव, रिक्टर स्केल पर 4.5 रही तीव्रता
23 mins ago6 सीटों पर उपचुनाव आज, CM विजय देंगे राजनीतिक परीक्षा, 9 अक्टूबर को मतगणना
52 mins agoSIR पर बयान देकर घिरे जस्टिस उज्जल भुइयां, पूर्व CJI गवई ने उठाए सवाल
8 hrs agoज्ञानेश कुमार के खिलाफ पूर्व IAS अफसरों का प्लान फेल, ECI में नहीं घुस पाए
9 hrs ago10 लाख नौकरियां और 100 अरब डॉलर का निवेश..., स्विट्जरलैंड-भारत में बड़ी डील
11 hrs agoक्या मोदी कैबिनेट से इस्तीफा देंगे दो मंत्री? राज्यसभा की लिस्ट से नाम गायब
11 hrs agoजंतर-मंतर पर दिल्ली पुलिस ने क्यों हटाई नेम प्लेट? अधिकारियों ने बताई वजह
13 hrs agoभारत के अस्पतालों में बढ़ता विदेशी निवेश, महंगा इलाज बना बड़ी चिंता
13 hrs agoराहुल ने दिल्ली पुलिस पर साधा निशाना, महिलाओं से बदसलूकी को लेकर मांगा जवाब
14 hrs agoटैक्स अधिकारियों की अरेस्ट पावर क्यों खत्म करना चाहती है केंद्र सरकार?
15 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines