नीट पेपर लीक को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और छात्रों के आंदोलन के बाद सरकार को पेपर लीक के खिलाफ कानून को और सख्त करना पड़ा. आंदोलन के दबाव में पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को भी अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पेपर लीक के आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया है. केंद्र सरकार की तरफ से भी नीट पेपर लीक को लेकर समय-समय पर स्पष्टीकरण जारी किया जा रहा है.
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दिया जवाब
बीते मंगलवार केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि नीट एग्जाम को सुरक्षित कराने के लिए कई तरह के सुधार किए गये हैं, जिससे पेपर लीक और व्यवस्था संबंधी खामियों को दूर किया जा सके. पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष दाखिल हलफनामे में शिक्षा मंत्रालय ने कहा कि इन सुधारों का उद्देश्य एक मजबूत और संस्थागत प्रणाली तैयार करना है, जो संस्थागत अनुभव व स्मृति को बनाए रखे, परीक्षा सुरक्षा को मजबूत करे और भविष्य में प्रश्नपत्र लीक या अन्य अनियमितताओं की घटनाओं को रोक सके.
यह भी पढ़ें: इंश्योरेंस के बिना पेट्रोल पंपों पर नहीं मिलेगा तेल, सुप्रीम कोर्ट ने दिए सख्त निर्देश
भविष्य में नीट एग्जाम को लेकर क्या है तैयारी?
उच्चतम न्यायालय ने 29 मई को केंद्र सरकार से यह बताने को कहा था कि भविष्य में नीट का आयोजन किस प्रकार किया जाएगा और परीक्षा प्रक्रियाओं में लगातार सुधार के लिए नियामक संस्थाएं क्या कदम उठायेंगी. शिक्षा मंत्रालय ने शीर्ष अदालत के निर्देश के जवाब में यह हलफनामा दायर किया था. सरकार ने कहा कि जहां शिक्षा मंत्रालय राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की निगरानी करता है, वहीं नीट स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से एनटीए द्वारा आयोजित की जाती है.
परीक्षा सुधारों के लिए HPTF का गठन
सरकार ने यह भी कहा कि इस हलफनामे में नीट-यूजी 2026 प्रश्नपत्र लीक मामले में जारी सीबीआई जांच पर कोई टिप्पणी नहीं की गई है. हलफनामे के अनुसार, ये संशोधन परीक्षाओं की गरिमा और निष्पक्षता से समझौता करने वालों के खिलाफ बेहद सख्त दंड लागू करने के सरकार के संकल्प को दर्शाते हैं. सरकार ने न्यायालय को यह भी बताया कि परीक्षा सुधारों के लिए एक उच्च स्तरीय कार्यबल (एचपीटीएफ) का गठन किया गया है, जो परीक्षाओं के आयोजन में संरचनात्मक सुधारों की सिफारिश करेगा और परीक्षा प्रणालियों को आधुनिक बनाने का काम करेगा. सरकार ने कहा कि 27 जुलाई को गठित कार्य बल की अध्यक्षता इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि कर रहे हैं.
यह भी पढ़ें: सुवेंदु अधिकारी के करीब, लेकिन NDA से दूरी? TMC के 3 बागी सांसदों ने बढ़ाईं अटकलें
संबंधित खबरें
अरब सागर में भारतीय नौसेना ने लुटेरों से छुड़ाए जहाज समेत 20 क्रू मेंबर्स
1 hr agoगोकर्ण बीच पर बड़ा हादसा, लहरों में बह गए बेंगलुरु के 3 टेक कर्मचारी
1 hr ago120 KMPH की हवा, भारी बारिश... अर्नब के बाद चक्रवात 'मुरासु' का विकराल रूप
2 hrs agoNCP विलय की चर्चा क्यों, अमित शाह से अजित गुट के नेताओं को क्या मिली नसीहत?
3 hrs ago'आप विदेशी मदद से PM बने', राहुल का PM मोदी पर पलटवार, खुली बहस की चुनौती
6 hrs agoओडिशा में किसानों पर दोहरी मार, अर्नब के बाद मुरासु साइक्लोन का खतरा
6 hrs ago'हवाई सफर मत करें', प्लेन के किराये में भारी बढ़ोतरी पर SC की दो टूक
9 hrs agoदिवाली पर ग्रीन पटाखे फोड़ने की SC ने दी मंजूरी; घंटे भी किए फिक्स
9 hrs agoआजम खान को SC से तगड़ा झटका, ED की गिरफ्तारी पर तुरंत सुनवाई से इनकार
10 hrs agoक्या स्टिंग ऑपरेशन करना भारत में है कानूनी, क्या कहता है सुप्रीम कोर्ट?
10 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines