पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण का मतदान खत्म होते ही जो एग्जिट पोल के आंकड़े सामने आए हैं, उन्होंने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है. 15 साल से सत्ता पर काबिज ममता बनर्जी के 'अजेय' किले में इस बार सेंध लगती दिख रही है. ज्यादात्तर एग्जिट पोल्स का अनुमान है कि बंगाल में इस बार 'भगवा लहर' चल रही है और बीजेपी पहली बार राज्य में सरकार बना सकती है.
किसके हिस्से कितनी सीटें?
बंगाल की 294 सीटों के लिए आए नतीजों में बीजेपी का पलड़ा भारी नजर आ रहा है. PMarq एग्जिट पोल के मुताबिक, बीजेपी को सबसे ज्यादा 150 से 175 सीटें मिल सकती हैं. वहीं, टीएमसी को 118 से 138 सीटों के बीच सिमटते हुए दिखाया है. चाणक्य स्ट्रैटेजीज एग्जिट पोल ने पहली बार बंगाल में बीजेपी की जीत का दावा करते हुए 150 से 160 सीटें दी हैं, दूसरे नंबर पर टीएमसी को 130-140 सीटों के साथ रखा है. वहीं, Matrize एग्जिट पोल ने बीजेपी को 146 से 161 और टीएमसी को 125 से 140 सीटें मिलने का अनुमान जताया है.
---विज्ञापन---
पोव डायरी एग्जिट पोल के मुताबिक, भाजपा को 142 से 171 सीटें तो टीएमसी को 99 से 127 सीटें मिल सकती हैं. एक और एग्जिट पोल जेवीसी के मुताबिक, टीएमसी को 131 से 152 सीटें तो भाजपा को 138 से 159 सीटें मिल सकती हैं.
---विज्ञापन---
दूसरी ओर, दो एग्जिट पोल ने TMC की जबरदस्त जीत का अनुमान लगाया है. पीपल्स पल्स ने TMC को 177 से 187 सीटें तो जनमत पोल्स ने टीएमसी को 195 से 205 सीटों का अनुमान लगाया है.
---विज्ञापन---
मोदी-शाह का 'मिशन बंगाल' क्या रंग लाया?
चुनाव प्रचार के दौरान पीएम मोदी और अमित शाह ने भ्रष्टाचार और बांग्लादेशी घुसपैठियों के मुद्दे पर ममता सरकार को जमकर घेरा था. वहीं, टीएमसी को उम्मीद है कि उनकी कल्याणकारी योजनाएं और महिला वोटर्स उन्हें 2021 की तरह फिर से जीत दिलाएंगी.
---विज्ञापन---
90% से ज्यादा वोटिंग - परिवर्तन की आहट?
इस बार बंगाल में रिकॉर्ड तोड़ मतदान दर्ज किया गया है. यहां करीब 90% से ज्यादा वोट डले हैं. बीजेपी इस भारी मतदान को परिवर्तन के संकेत के रूप में देख रही है. पश्चिम बंगाल में इस बार दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को वोट डाले गए थे.
---विज्ञापन---
क्या फिर गलत साबित होंगे एग्जिट पोल?
बता दें, साल 2021 में भी कई एग्जिट पोल ने कांटे की टक्कर बताई थी, लेकिन दीदी ने 215 सीटें जीतकर सबको खामोश कर दिया था. भाजपा को 77 सीटें मिली थीं और पहली बार बंगाल में प्रमुख विपक्षी दल बनकर उभरी थी. क्या इस बार भी कोई बड़ा 'खेला' होने वाला है? यह तस्वीर 4 मई को नतीजों के दिन ही साफ होगी.