चुनाव आयोग ने करीब 35 साल बाद बंगाल चुनाव के लिए बड़ा बदलाव करते हुए विधानसभा का चुनाव सिर्फ 2 चरणों में कराने का फैसला किया है. साल 2021 में पश्चिम बंगाल विधानसभा का चुनाव 8 चरणों में पूरा किया गया था. सिर्फ चुनाव के चरणों में ही नहीं, बल्कि वहां की सुरक्षा और सुरक्षा में कितने लेयर होंगे, इसको लेकर भी बड़ा बदलाव किया गया है. पैरामिलिट्री फोर्स की सबसे बड़ी तैनाती भी यहां पर की जा रही है. बाकायदा इसके लिए एक रोडमैप भी तैयार किया गया है.
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस बार बंगाल चुनाव में 500 से ज्यादा पैरामिलिट्री कंपनियों को तैनात किया जाएगा. 480 कंपनियां बंगाल पहुंच भी चुकी हैं. सबसे पहले 240 कंपनियों को पोजीशन किया गया है. बता दें, अर्धसैनिक बलों में एक कंपनी में 150 कर्मी होते है जो अफसर से लेकर सिपाही रैंक तक के होते हैं.
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पैरामिलिट्री फोर्स में आरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ, एसएसबी और असम राइफल्स के प्लाटून को तैनात किया गया है. जरूरत पड़ने पर बंगाल पुलिस की भी मदद लिए जाने की संभावना बताई गई है.
किसकी बल की कितनी कंपनी -
- सीआईएसएफ की 37 कंपनी
- बीएसएफ की 160 कंपनी
- आईटीबीपी की 47 कंपनी
- एसएसबी की 46 कंपनी
- सीआरपीएफ की 230 कंपनियां
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बता दें, पिछले कई विधानसभा चुनाव को देखते हुए, इस बार किसी भी तरीके से कानून व्यवस्था खराब नहीं हो, इसे देखते हुए सबसे ज्यादा पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती की गई है. बंगाल में विधानसभा का चुनाव हो, नगर निकाय चुनाव या फिर पंचायत चुनाव हो तो कई हिंसक वारदातें देखने को मिलती हैं. साल 2023 के पंचायत चुनाव में भी जमकर बमबाजी, आगजनी और मारपीट की घटनाएं देखने को मिली थीं. इनकी वजह से 1 दर्जन लोगों की मौत हो गई थी और दर्जनों बुरी तरह से घायल भी हो गए थे.