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सावधान! अल नीनो कैसे बनने वाला है किसानों के लिए खतरा? CMFRI की डराने वाली रिपोर्ट

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) से जुड़े केंद्रीय समुद्री मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान (CMFRI) का कहना है कि अल नीनो की वजह से समुद्र का तापमान तेजी से बढ़ रहा है, जिसकी वजह से अगले साल इंडियन ‘ऑयल सार्डिन’ मछलियों की मात्रा कम हो सकती है.

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Credit: AI

अल नीनो दुनियाभर के लिए जी का जंजाल बनता जा रहा है. भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) से जुड़े केंद्रीय समुद्री मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान (CMFRI) की एक बयान ने ये परेशानी और भी बढ़ा दी है. उनका कहना है कि अल नीनो की वजह से समुद्र का तापमान तेजी से बढ़ रहा है, जिसकी वजह से अगले साल इंडियन ‘ऑयल सार्डिन’ मछलियों की मात्रा कम हो सकती है. संस्थान के डायरेक्टर ग्रिनसन जॉर्ज ने कहा कि अक्तूबर से लेकर दिसंबर के बीच ये गर्मी और भी बढ़ सकती है और 2027 में अप्रैल-मई तक इसका असर उत्तरी हिंद महासागर तक पहुंचने की उम्मीद है.

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मछुआरों का क्या होगा?

राष्ट्रीय मछली किसान दिवस के एक कार्यक्रम के दौरान जॉर्ज ने कहा कि समुद्र में बढ़ती गर्मी की वजह से समुद्र का खारापन भी बढ़ सकता है. उन्होंने आगे कहा कि सिर्फ मछली ही नहीं, बल्कि कोरल रीफ्स भी अल नीनो के प्रकोप से नहीं बच पाएंगे. नतीजा ये होगा कि कोरल रीफ्स का डिग्रेडेशन होने लगेगा और इसका सबसे ज्यादा असर रेड सैपर कोरल रीफ पर हो सकता है. जॉर्ज ने कहा कि ऐसे में ज़रूरी है कि अल नीनो से निपटने के लिए मछुआरों और किसानों को तैयार किया जाए. उन्होंने कहा कि CMFRI इसी साल से उन्हें ट्रेनिंग देनी शुरू करेगा ताकि आने वाले समय में खतरे का असर थोड़ा कम हो.

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खेती पर भी बुरा असर

अल नीनो एक क्लाइमेट फिनोमिना है, जिसमें ट्रॉपिकल पेसिफिक ओशियन में समुद्र की सतह में बदलाव के साथ जलवायु में भी बदलाव होता है. इसी वजह से भारत में बारिश कम होती है और हीटवेव भी बढ़ती है. इस साल भी ये अनुमान है कि बारिश मॉनसून में नॉर्मल से कम होगी. बरसात में कमी और बढ़ती गर्मी की वजह से खेती पर असर पड़ रहा है. कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, धान समेत खरीफ फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है. इस साल की कुल 182.72 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बुवाई हुई, जो पिछले साल के मुकाबले 23 प्रतिशत कम है. अल नीनो के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए PMO भी टेंशन में है. प्रधानमंत्री कार्यालय ने अल नीनो से निपटने की तैयारियों का जायज़ा लेने के लिए बैठक की, जिसमें कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई.

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लेखक के बारे में

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी News24 हिंदी डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. जर्नलिज्म में 9 साल का अनुभव रखने वाली वर्षा सिकरी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. वर्षा सिकरी ने सितंबर 2017 में इंडिया टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद से उन्होंने रिपब्लिक टीवी, जी न्यूज, आज तक जैसे चैनलों में काम किया. फिलहाल वो News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 9 साल के करियर में वर्षा सिकरी ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. वर्षा सिकरी का पत्रकारिता में अनुभव: 9 साल योग्यता: NRAI स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्षा सिकरी ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने बतौर एंकर और रिपोर्टर भी काम किया है.
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