जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में हरियाणा के करनाल निवासी लेफ्टिनेंट विनय नरवाल शहीद हो गए। वह अपनी पत्नी हिमांशी नरवाल के साथ हनीमून पर गए थे। इसी दौरान मंगलवार को आतंकियों ने हमला किया, जिसमें उनकी शहादत हो गई। महज आठ दिन पहले ही विनय और हिमांशी की शादी हुई थी। अब करनाल में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
यूरोप की जगह बना जम्मू-कश्मीर का प्लान
रिपोर्ट्स के मुताबिक, लेफ्टिनेंट विनय नरवाल ने पहले शादी के बाद पत्नी के साथ यूरोप जाने का प्लान बनाया था, लेकिन वीजा न मिलने के कारण उन्होंने आखिरी वक्त में जम्मू-कश्मीर जाने का फैसला किया। बताया जा रहा है कि आतंकी हमले के दौरान हिमांशी के सामने ही उन्हें गोली मार दी गई।
अगर विनय नरवाल को वीजा मिल गया होता तो वह यूरोप गए होते और इस आतंकी हमले के दौरान उनकी जान ना गई होती।
देश में शोक और सरकार की प्रतिक्रिया
आतंकी हमले के बाद पूरा देश सदमे में है और लोग सरकार की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। हमले के तुरंत बाद दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक हुई, जो लगभग ढाई घंटे तक चली।
हमले के समय प्रधानमंत्री मोदी सऊदी अरब दौरे पर थे, लेकिन उन्होंने तत्काल गृह मंत्री अमित शाह से बातचीत कर हालात की समीक्षा की और जम्मू-कश्मीर जाने को कहा।
गृह मंत्री का दौरा
गृह मंत्री अमित शाह देर शाम जम्मू-कश्मीर रवाना हुए और राजभवन में उच्चस्तरीय बैठक की। 23 अप्रैल की सुबह उन्होंने हमले की जगह का दौरा किया, घायलों और शहीदों के परिजनों से मुलाकात की। इसके बाद वह दिल्ली लौट आए और प्रधानमंत्री आवास पर देर शाम हुई CCS बैठक में शामिल हुए।